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Umaid Hospital Jodhpur News | उपचार संग शिक्षा पहल

Last Updated:May 06, 2026, 11:07 IST

Umaid Hospital Jodhpur News: जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में ‘केयरगिवर्स आशा सोसाइटी’ और डॉ. एल. एम. सिंघवी मानव सेवा केंद्र के सहयोग से ‘उपचार संग शिक्षा’ पहल शुरू की गई है. इसके तहत अस्पताल में भर्ती बच्चों को रोजाना 2 घंटे पढ़ाया जाएगा ताकि उनकी शिक्षा बाधित न हो. डॉ. बी. एस. जोधा और डॉ. अरविंद माथुर की मौजूदगी में शुरू हुआ यह नवाचार बच्चों के मानसिक मनोबल को बढ़ाने और उन्हें सकारात्मक वातावरण देने का काम करेगा. यह राजस्थान में शिक्षा और स्वास्थ्य के समन्वय का पहला अनूठा उदाहरण है.

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Umaid Hospital Jodhpur News: राजस्थान की सांस्कृतिक राजधानी जोधपुर से एक प्रेरणादायक खबर सामने आती है. यहाँ के प्रसिद्ध उम्मेद अस्पताल में अब मासूमों का न केवल इलाज होगा, बल्कि उनकी शिक्षा का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा. ‘केयरगिवर्स आशा सोसाइटी’ द्वारा ‘एक मेरी आशा केयर स्किल इंस्टीट्यूट’ और डॉ. एल. एम. सिंघवी मानव सेवा केंद्र के सहयोग से ‘उपचार संग शिक्षा’ नामक एक अभिनव पहल शुरू की गई है. यह राजस्थान में अपनी तरह का पहला नवाचार है, जो अस्पताल के वातावरण को बच्चों के लिए अधिक सुलभ और सकारात्मक बनाने का प्रयास करता है.

अक्सर देखा जाता है कि लंबी बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने के कारण बच्चों की पढ़ाई का काफी नुकसान होता है. इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए इस कार्यक्रम के तहत भर्ती बच्चों को प्रतिदिन लगभग 2 घंटे की विशेष कक्षाएं दी जाएंगी. इन कक्षाओं का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके पाठ्यक्रम और सीखने की प्रक्रिया से जोड़े रखना है, ताकि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्हें स्कूल में किसी भी प्रकार की पिछड़न महसूस न हो.

विशेषज्ञों की देखरेख और गतिविधि आधारित शिक्षाइस कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ डॉ. एस. एन. मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एवं कंट्रोलर डॉ. बी. एस. जोधा की अध्यक्षता में हुआ. कार्यक्रम में डॉ. अरविंद माथुर सहित चिकित्सा जगत की कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं. बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी शिक्षिका पूजा व्यास को सौंपी गई है. वे बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए ‘बेडसाइड’ और छोटे समूहों में शिक्षा देंगी. यह शिक्षा पूरी तरह से सरल और गतिविधि आधारित (Activity-based) होगी, जिससे बच्चों के मन से अस्पताल और बीमारी का डर कम होगा और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा.

चिकित्सकों का दृष्टिकोण: मानसिक मजबूती से जल्द सुधारडॉ. अरविंद माथुर ने इस अवसर पर कहा कि बीमारी कभी भी सीखने की ललक को नहीं दबा सकती. ‘उपचार संग शिक्षा’ इसी सोच का परिणाम है. वहीं, डॉ. बी. एस. जोधा ने बताया कि यह पहल बच्चों के समग्र विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी. जब बच्चा मानसिक रूप से सक्रिय और खुश रहता है, तो उसके शरीर पर दवाओं का असर भी सकारात्मक होता है और वह जल्दी स्वस्थ होता है. अस्पताल अब केवल इलाज का केंद्र न रहकर बच्चों के व्यक्तित्व विकास का भी माध्यम बनेगा. संस्था ने समाज के सभी वर्गों से इस पुनीत कार्य में सहयोग करने की अपील की है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

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