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vidhara| vidhara health benefits| vidhara fayde| बवासीर से लेकर मधुमेह तक… कई बीमारियों का रामबाण इलाज है ये हरे पत्ते वाली औषधी, ऐसे करें इस्तेमाल

Last Updated:August 20, 2026, 16:54 IST

Health News: को कुछ जगहों पर वृद्धदारु जैसे नामों से भी जाना जाता है. हालांकि, स्थानीय नामों में अंतर होने के कारण इसकी सही पहचान करना बहुत जरूरी है. अलग-अलग क्षेत्रों में एक ही नाम से अलग पौधों की पहचान हो सकती है, इसलिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के किसी पौधे का औषधीय इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

गोंडा: गांवों और ग्रामीण इलाकों में कई ऐसे पौधे पाए जाते हैं, जिन्हें लोग सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. विधारा भी ऐसा ही एक औषधीय पौधा है. पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इसके अलग-अलग हिस्सों का इस्तेमाल कई तरह के नुस्खों में किया जाता रहा है. इसके बीज, जड़ और अन्य हिस्सों के प्रयोग का उल्लेख पारंपरिक चिकित्सा में मिलता है.

लोकल 18 से बातचीत के दौरान वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र ने बताया कि विधारा को कुछ जगहों पर वृद्धदारु जैसे नामों से भी जाना जाता है. हालांकि, स्थानीय नामों में अंतर होने के कारण इसकी सही पहचान करना बहुत जरूरी है. अलग-अलग क्षेत्रों में एक ही नाम से अलग पौधों की पहचान हो सकती है, इसलिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के किसी पौधे का औषधीय इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

जोड़ों के दर्द में बताया जाता है उपयोगीवैद्य डॉ अभिषेक कुमार मिश्र के अनुसार, पारंपरिक चिकित्सा में विधारा का इस्तेमाल जोड़ों के दर्द और गठिया जैसी समस्याओं में किया जाता है. इसके औषधीय गुणों के कारण इसे दर्द और सूजन से जुड़ी परेशानी में उपयोगी माना जाता है. हालांकि, इन समस्याओं में इसका इस्तेमाल विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए.

सूजन में भी किया जाता है प्रयोगविधारा का इस्तेमाल शरीर में होने वाली सूजन से जुड़ी समस्याओं के लिए भी पारंपरिक नुस्खों में बताया गया है. माना जाता है कि इसके कुछ औषधीय गुण सूजन से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं. इसके प्रभाव और सही मात्रा के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह जरूरी है.

पारंपरिक चिकित्सा में विधारा का इस्तेमाल पाचन तंत्र से जुड़ी परेशानियों में भी किया जाता है. इसे पेट से संबंधित कुछ समस्याओं में उपयोगी माना जाता है. हालांकि, लगातार पेट की समस्या होने पर घरेलू नुस्खों के बजाय चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है.

बवासीर और मधुमेह में भी पारंपरिक प्रयोगवैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र के मुताबिक, विधारा का इस्तेमाल बवासीर और मधुमेह से जुड़ी समस्याओं में भी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में बताया गया है. लेकिन मधुमेह जैसी बीमारी में इसे डॉक्टर की दवा का विकल्प नहीं समझना चाहिए. ऐसी स्थिति में किसी भी जड़ी-बूटी का सेवन चिकित्सकीय सलाह के बाद ही करना बेहतर है.

पुरुषों की कमजोरी में भी इस्तेमालविधारा का पारंपरिक रूप से पुरुषों की शारीरिक कमजोरी और ताकत से जुड़ी समस्याओं में भी इस्तेमाल बताया जाता है. वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र के अनुसार, इसे शारीरिक क्षमता और स्टेमिना बढ़ाने वाले पारंपरिक नुस्खों में शामिल किया जाता है. कुछ पारंपरिक दावों में इसे शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने से भी जोड़ा जाता है.

पौधे की सही पहचान जरूरीविधारा के बारे में सबसे जरूरी बात यह है कि इसके स्थानीय नाम अलग-अलग हो सकते हैं. इसलिए केवल नाम सुनकर किसी पौधे को विधारा मानकर उसका सेवन नहीं करना चाहिए. गलत पौधे का इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है. जड़ी-बूटियों का प्रयोग हमेशा योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह और सही पहचान के बाद ही करना चाहिए.

About the Authorआर्यन सेठ

आर्यन सेठ, Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…

और पढ़ेंLocation :

Gonda,Uttar Pradesh

First Published :

August 20, 2026, 16:54 IST

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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