Health

रोज पौधों को पानी लगाने से भी स्ट्रेस हो सकता है कम, यह मेंटल हेल्थ सुधारने का सबसे आसान तरीका

Last Updated:June 26, 2026, 23:51 IST

Tips To Improve Mental Health: रोज कुछ मिनट पौधों को पानी देना और उनकी देखभाल करना मानसिक तनाव कम करने में मददगार हो सकता है. प्रकृति के साथ समय बिताने से मन शांत महसूस कर सकता है, मूड बेहतर हो सकता है और माइंडफुलनेस को बढ़ावा मिल सकता है. यह मेंटल हेल्थ को सुधारने का बेहद आसान तरीका है.रोज पौधों को पानी लगाने से स्ट्रेस हो सकता है कम, इससे मेंटल हेल्थ करें बूस्टZoomकई रिसर्च में पता चला है कि नेचर के साथ वक्त बिताने से तनाव कम हो सकता है.

Watering Plants Can Ease Stress: आज के दौर में मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. भागदौड़ भरी जिंदगी, काम का बढ़ता दबाव और लगातार स्क्रीन के सामने बिताया जाने वाला समय मानसिक तनाव को बढ़ा सकता है. ऐसे में लोग स्ट्रेस कम करने के लिए योग, मेडिटेशन और एक्सरसाइज का सहारा लेते हैं. क्या आप जानते हैं कि रोज कुछ मिनट पौधों की देखभाल करना भी आपकी मानसिक सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है? बागवानी और पौधों की देखभाल को लेकर कई अध्ययनों में पाया गया है कि प्रकृति के साथ समय बिताना तनाव कम करने और मन को शांत महसूस कराने में मदद कर सकता है.

अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन की रिपोर्ट के मुताबिक जब आप पौधों को पानी देते हैं या उनकी देखभाल करते हैं, तो आपका ध्यान कुछ समय के लिए रोजमर्रा की चिंताओं से हटकर एक शांत गतिविधि पर केंद्रित हो जाता है. इस तरह की गतिविधियां माइंडफुलनेस को बढ़ावा दे सकती हैं, जिससे मन को सुकून महसूस हो सकता है और तनाव कम करने में मदद मिल सकती है. हरे-भरे पौधों के बीच समय बिताने से कई लोगों को मानसिक शांति का अनुभव होता है. कुछ रिसर्च बताती हैं कि प्रकृति के संपर्क में रहने से मूड बेहतर हो सकता है, चिंता की भावना कम हो सकती है और मानसिक थकान कम होती है.

पौधों की सूखी पत्तियां हटाना, मिट्टी को ढीला करना, नई पौध लगाना या उनकी बढ़त को देखना भी एक सकारात्मक अनुभव हो सकता है. इन छोटी-छोटी गतिविधियों से उपलब्धि का एहसास होता है, जो मानसिक संतुष्टि बढ़ाने में मदद कर सकता है. इसके लिए घंटों बागवानी करने की जरूरत नहीं है. रोजाना 10 से 15 मिनट भी पौधों के साथ बिताना एक अच्छी शुरुआत हो सकती है. अगर घर में ज्यादा जगह नहीं है, तो बालकनी या कमरे में रखे छोटे-छोटे इंडोर प्लांट्स की देखभाल भी की जा सकती है.

पौधों की देखभाल मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने वाली कई सकारात्मक आदतों में से एक हो सकती है, लेकिन यह किसी मानसिक बीमारी का इलाज नहीं है. अगर तनाव लंबे समय तक बना रहे, रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगे या एंजायटी-डिप्रेशन के लक्षण दिखाई दें, तो साइकेट्रिस्ट से सलाह लेना जरूरी है. पौधों को पानी देना और उनकी देखभाल करना केवल एक घरेलू काम नहीं, बल्कि खुद के लिए कुछ शांत पल निकालने का भी एक तरीका हो सकता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.About the Authorअमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

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