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दही और योगर्ट में क्या अंतर होता है? जानिये दोनों को खाने के फायदे और नुकसान

दही और योगर्ट देखने में भले ही एक जैसे लगते हों, लेकिन दोनों में बनाने की विधि, बैक्टीरिया, स्वाद और सेहत के असर के लिहाज से कई अंतर होते हैं. आजकल लोग सेहत को लेकर जागरूक हैं, इसलिए यह जानना जरूरी है कि दही और योगर्ट में क्या फर्क है और आपके लिए कौन‑सा बेहतर है.

दही क्या है?दही परंपरागत भारतीय खाद्य पदार्थ है. इसे दूध में थोड़ा‑सा पुराना दही (जामन) मिलाकर जमाया जाता है. इसमें प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया होते हैं, जो पाचन के लिए फायदेमंद होते हैं.

दही के फायदेपाचन तंत्र को मजबूत करता है.शरीर को ठंडक देता है.कैल्शियम और प्रोटीन का अच्छा स्रोत.गैस, कब्ज और एसिडिटी में राहत.आसानी से घर पर शुद्ध रूप में बनाया जा सकता है.

दही के नुकसानज्यादा खट्टा होने पर नुकसानदायक.सर्दी‑जुकाम या कफ की समस्या में रात को दही खाना ठीक नहीं.ज्यादा मात्रा में खाने से कुछ लोगों को सूजन हो सकती है.

योगर्ट क्या है?योगर्ट पश्चिमी देशों में ज्यादा प्रचलित होता है. इसे दूध में विशेष प्रोबायोटिक बैक्टीरिया डालकर नियंत्रित तापमान में जमाया जाता है. बाजार में मिलने वाले योगर्ट कई बार फ्लेवर्ड और मीठे होते हैं.

योगर्ट के फायदेप्रोबायोटिक्स से भरपूर.इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार.वजन घटाने में सहायक.लैक्टोज डाइजेस्ट करने में आसान.स्किन और आंतों के लिए फायदेमंद.

योगर्ट के नुकसानबाजार के फ्लेवर्ड योगर्ट में चीनी ज्यादा.प्रिज़र्वेटिव होने की संभावना.महंगा होता है.घर का बना दही जितना ताजा नहीं.

दही और योगर्ट में मुख्य अंतरबनाने का तरीका: दही घरेलू तरीके से, योगर्ट इंडस्ट्रियल तरीके से.स्वाद: दही हल्का खट्टा, योगर्ट ज्यादा क्रीमी.बैक्टीरिया: योगर्ट में खास और ज्यादा प्रोबायोटिक्स.उपलब्धता: दही घर पर, योगर्ट ज्यादातर बाजार में.

कौन‑सा है बेहतर?अगर आप प्राकृतिक, सस्ता और रोजमर्रा के लिए कुछ चाहते हैं, तो दही बेहतर है.अगर आप प्रोबायोटिक फायदे, वजन कंट्रोल या खास डाइट पर हैं, तो बिना चीनी वाला योगर्ट चुन सकते हैं.

दही और योगर्ट दोनों ही फायदेमंद हैं, बस सही चुनाव आपकी जरूरत और सेहत पर निर्भर करता है. सबसे जरूरी है, अनस्वीटेंड और ताजे विकल्प को प्राथमिकता देना.

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