जब आयुष्मान खुराना के साथ नजर आए राजकुमार राव, कहानी के दम पर सुपरहिट हुई मूवी, बजट से 3 गुना ज्यादा हुई कमाई

Last Updated:August 18, 2026, 14:16 IST
Bareilly Ki Barfi 9 Years Release: जब भी बॉलीवुड में बेहतरीन कंटेंट, मजेदार डायलॉग और छोटे शहरों की कहानियों की बात होती है तो 2017 की फिल्म ‘बरेली की बर्फी’ सबसे पहले दिमाग में आती है. ठीक 9 साल पहले, आज ही के दिन 18 अगस्त 2017 को थिएटर में रिलीज हुई इस फिल्म में आयुष्मान खुराना, राजकुमार राव और कृति सेनन की तिकड़ी ने इतनी जबरदस्त एक्टिंग की कि दर्शक थिएटर तक खिंचे चले आए. लगभग 20 करोड़ के बजट में बनी इस हल्की-फुल्की रोमांटिक-कॉमेडी ने अपनी मजबूत स्क्रिप्ट की वजह से अपने बजट से तीन गुना ज्यादा कमाई की और बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही.
नई दिल्ली. अश्विनी अय्यर तिवारी के डायरेक्शन में बनी ‘बरेली की बर्फी’ की सबसे बड़ी खूबी इसकी सादगी और नॉर्थ इंडिया की मिट्टी से जुड़ाव थी. बरेली शहर में सेट यह कहानी बिट्टी मिश्रा (कृति सनोन), चिराग दुबे (आयुष्मान खुराना), और प्रीतम विद्रोही (राजकुमार राव) के इर्द-गिर्द घूमती है. फिल्म में एक जवान लड़की को एक ऐसी किताब के लेखक की तलाश करते हुए दिखाया गया है जो उससे जुड़ती है, जिससे प्यार, गलतफहमियों और हंसी का तूफान आता है. दंगल जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के राइटर नितेश तिवारी और श्रेयस जैन का कसा हुआ स्क्रीनप्ले दर्शकों को शुरू से आखिर तक बांधे रखता है.
अगर ‘बरेली की बर्फी’ की किसी एक चीज को इसकी सफलता का सबसे बड़ा क्रेडिट मिलना चाहिए, तो वह है राजकुमार राव की जबरदस्त परफॉर्मेंस. फिल्म में उन्होंने प्रीतम विद्रोही का रोल किया, जो एक सीधा-सादा, डरपोक साड़ी बेचने वाला आदमी है जो शुरू में एक सीधा-सादा आदमी लगता है. लेकिन जैसे ही आयुष्मान खुराना (चिराग) उसे एक चंचल टपोरी बनने की ट्रेनिंग देते हैं, राजकुमार राव के नए अवतार पर तालियां बजने लगती हैं.
‘रंगबाजी न दिखाओ…’ सीन से लेकर उसकी बॉडी लैंग्वेज में अचानक बदलाव तक, आज भी बॉलीवुड में एक आइकॉनिक एक्टिंग मोमेंट माना जाता है. राजकुमार राव को इस शानदार परफॉर्मेंस के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला. जब यह फिल्म 9 साल पहले रिलीज हुई थी, तब आयुष्मान खुराना खुद को ‘कंटेंट सिनेमा के पोस्टर बॉय’ के तौर पर स्थापित कर रहे थे. चिराग दुबे के रूप में आयुष्मान ने बहुत ही नेचुरल और आसान परफॉर्मेंस दी, जो थोड़ा मतलबी लेकिन प्यार में डूबा हुआ है.
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दूसरी ओर, कृति सनोन ने बरेली की एक बेफिक्र, सिगरेट पीने वाली और आत्मनिर्भर लड़की ‘बिट्टी’ का किरदार खूबसूरती से निभाया. पिता के रोल में पंकज त्रिपाठी और मां के रोल में सीमा पाहवा के होने से फिल्म की कॉमिक टाइमिंग और बढ़ गई. सभी एक्टर्स के बीच यह तालमेल फिल्म की असली जान साबित हुआ. 2017 में जब बड़ी स्टार कास्ट और बड़े बजट वाली कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो रही थीं, तब 18 अगस्त को रिलीज हुई ‘बरेली की बर्फी’ ने साबित कर दिया कि कंटेंट ही असली किंग है.
फिल्म का बजट लगभग 20 करोड़ रुपये था और फिल्म ने वर्ल्डवाइड लगभग 60 करोड़ से ज्यादा की कमाई की. भारत में इसकी नेट कमाई लगभग 34.55 करोड़ रुपये थी. अपने कुल बजट से तीन गुना ज्यादा कमाई करके इस फिल्म ने न सिर्फ अपने मेकर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स की जेबें भरीं, बल्कि ट्रेड एनालिस्ट्स को भी हैरान कर दिया. इस कम बजट की फिल्म की सफलता ने बॉलीवुड में छोटे शहरों की कहानियों पर दांव लगाने के एक नए दौर की शुरुआत की.
आज 18 अगस्त 2026 को फिल्म के रिलीज होने के 9 साल बाद भी इसे टेलीविजन और OTT प्लेटफॉर्म पर बार-बार देखा जाता है. निकोलस बैरो के नॉबल ‘द इंग्रीडिएंट्स ऑफ लव’ से प्रेरित होकर इस कहानी को भारतीय सेटिंग में इतनी खूबसूरती से ढाला गया कि यह हर पीढ़ी के दर्शकों को पसंद आती है.
समीर उद्दीन और आरको का मधुर संगीत (‘नज्म नज्म,’ ‘स्वीटी तेरा ड्रामा’) हर किसी की प्लेलिस्ट में हमेशा बना रहता है. ‘बरेली की बर्फी’ सिर्फ एक कमर्शियल हिट नहीं थी, यह इस बात का सबूत थी कि बिना किसी बड़े एक्शन सीक्वेंस या भारी VFX के भी यह सिर्फ अच्छी राइटिंग और दमदार एक्टिंग से दिल जीत सकती है.
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August 18, 2026, 14:16 IST



