Rajasthan

SMS हॉस्पिटल में 90 लाख की इस हाईटेक मशीन से मिलेगा मिर्गी के मरीजों को बेहतरीन इलाज, सीधे दिमाग से मिलेगा जवाब

Last Updated:June 26, 2026, 18:05 IST

ECOG machine In SMS Hospital: एसएमएस अस्पताल में मिर्गी के इलाज को और अधिक सटीक और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग में 90 लाख रुपये की लागत से 128-चैनल हाईटेक ECOG मशीन स्थापित की गई है, जो मिर्गी के उन मरीजों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है जिनकी बीमारी दवाओं से नियंत्रित नहीं हो पाती. यह मशीन दिमाग की सतह से सीधे इलेक्ट्रिक गतिविधियों की रिकॉर्डिंग कर यह पता लगाने में सक्षम है कि मिर्गी का दौरा किस हिस्से से शुरू हो रहा है, जिससे सर्जरी और उपचार की प्रक्रिया अधिक सटीक और प्रभावी हो सकेगी.जयपुर SMS अस्पताल में हाईटेक ECOG मशीन से मिर्गी मरीजों के इलाज को मिली ताकतZoom

जयपुर. प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल सवाई मानसिंह अस्पताल में लोगों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए लगातार नए नवाचार किए जा रहे रहें हैं. अस्पताल के अलग-अलग बिमारियों और स्वास्थ्य समस्याओं के लिए अस्पताल में इंस्टीट्यूट और अत्याधुनिक सेंटर शुरू किए जा रहें है, जहां अलग-अलग बिमारियों के लिए बेहतर मशीनों का इंस्टालेशन किया जा रहा हैं. ऐसे ही हालही में अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग में मिर्गी की बिमारी के लिए मरीजों की जांच और बेहतर इलाज के लिए 128 चैनल की हाईटेक ECOG मशीन लगाई गई है, जो खासतौर पर मिर्गी के ऐसे मरीज जिनमें मिर्गी दवा से कंट्रोल नहीं होने वाले मरीजों को इलाज की नई उम्मीद मिलेगी. यह ख़ास मशीन 90 लाख रुपए की लागत से अस्पताल में लगाई गई हैं, जिसके चलते अब मिर्गी के हजारों मरीजों को सटीक और बेहतरीन इलाज मिलेगा.

दिमाग के किस हिस्से में हैं मिर्गी, मशीन से तुरंत होगी इलेक्ट्रिक रिकॉर्डिंगसवाई मानसिंह अस्पताल में मिर्गी के मरीजों के लिए न्यूरोलॉजी विभाग में लगी यह 90 लाख रुपए की खास मशीन दिमाग की सतह से सीधे इलेक्ट्रिक रिकॉर्डिंग कर सकेंगी. इससे यह पहचानना आसान होगा कि मिर्गी का दौरा दिमाग के किस हिस्से से शुरू हो रहा है. मशीन से सटीक पहचान के बाद ECOG से ऑपरेशन के समय सीधे सिग्नल मिलते ही डॉक्टरों को दिमाग के उसी हिस्से के इलाज की जानकारी मिलेगी. अक्सर मिर्गी की बीमारी में जिन मरीजों की मिर्गी दवा से कंट्रोल नहीं होती, उनको सर्जरी की जरूरत होती है. सर्जरी से पहले यह जानना जरूरी होता है कि दिमाग का कौनसा हिस्सा दौरे पैदा कर रहा है. ऐसे में यह खास मशीन दिमाग की सतह से इलेक्ट्रिक तरंगों की रिकॉर्डिंग करके पता लगाने और 24 से 72 घंटे तक की रिकॉर्डिंग करने में सक्षम हैं.

SMS में हजारों की संख्या में आते हैं मिर्गी के मरीजसवाई मानसिंह अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग में ओपीडी के द्वारा हर दिन मिर्गी के 50 से 60 मरीज़ आते हैं, इसके अलावा लम्बे समय से चल रहे मिर्गी के रोगी भी खूब आते हैं. लेकिन अब इस अत्याधुनिक मशीन से सैकड़ों की संख्या में मरीजों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी. अस्पताल के डॉक्टर के अनुसार सामान्य रूप से मिर्गी के मरीजों को 2 से 5 साल दवा देकर उनका इलाज किया जाता हैं लेकिन अब इस मशीन से मरीज की सर्जरी करने में आसानी होगी जिसके चलते उसे मिर्गी के इलाज के लिए सालों तक दवाई का सहारा नहीं लेना पड़ेगा. इस मशीन से मिर्गी की बीमारी में दिमाग की तंत्रिकाओं के पैटर्न, स्रोत और इलाज की सही जानकारी से मदद मिलेगी.

About the AuthorMonali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें

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