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एक तालाब देखकर बदली सोच, फिर 32 साल तक नहीं रुके शिक्षक बजरंग लाल, संवारे 50 तालाब

Last Updated:October 07, 2026, 06:34 IST

Bajrang Lal Jethu Story: फतेहपुर के शिक्षक बजरंग लाल जेठू पिछले 32 सालों से जल संरक्षण की दिशा में एक मिसाल कायम कर रहे हैं. सरकारी ड्यूटी के दौरान सूखे तालाबों को देखकर उनके मन में जल संरक्षण का विचार आया था. अब तक वे अपनी जेब और जनसहयोग से सीकर, नागौर और चूरू में 50 से अधिक पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार करवा चुके हैं. जल संरक्षण के इस अभूतपूर्व काम के लिए उन्हें 2025 में राष्ट्रीय जल पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है. वे मानते हैं कि अगर पुराने तालाब बचेंगे तो हमारी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रहेगा.

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Sikar: जल ही जीवन है, यह कहावत हम सबने सुनी है, लेकिन इस पर असल में अमल करने वाले बहुत कम लोग होते हैं. राजस्थान के सीकर जिले की फतेहपुर तहसील स्थित जेठवा का बास निवासी बजरंग लाल जेठू उन चंद लोगों में से हैं, जिन्होंने जल संरक्षण को अपने जीवन का एकमात्र मिशन बना लिया है. एक सरकारी शिक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले बजरंग लाल पिछले 32 सालों से लगातार जल संरक्षण के भगीरथ काम में जुटे हुए हैं. नौकरी के दौरान शुरू हुआ उनका यह पवित्र अभियान उनके रिटायरमेंट के बाद आज भी पूरे उत्साह के साथ जारी है. अपनी जेब के पैसों और स्थानीय लोगों के सहयोग से वे अब तक सीकर, नागौर और चूरू जिले में करीब 50 पुराने और परंपरागत तालाबों का जीर्णोद्धार और साफ-सफाई करवा चुके हैं.

बजरंग लाल बताते हैं कि साल 1993 में उनकी ड्यूटी नागौर जिले में लगी थी. जसवंतगढ़ क्षेत्र में चुनाव की ड्यूटी के दौरान उन्होंने कई ऐसे तालाब देखे जो पूरी तरह से सूखे और बदहाल स्थिति में थे. उचित रखरखाव नहीं होने के कारण ये पारंपरिक जलस्रोत धीरे-धीरे अपना अस्तित्व ही खो रहे थे. इसी बीच उन्हें चुनाव कार्य के सिलसिले में मुंडवा गांव भेजा गया. वहां उन्होंने एक ऐसा तालाब देखा, जिसका पानी आसपास के सभी ग्रामीणों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा था. मुंडवा के इसी तालाब को देखकर उनके मन में एक गहरा विचार आया कि यदि पुराने जलस्रोतों की अच्छी तरह सफाई और मरम्मत कर दी जाए, तो बारिश के अनमोल पानी को लंबे समय तक सहेजा जा सकता है. इससे गांवों में पानी की किल्लत काफी हद तक कम हो सकती है.

पुरस्कार की राशि भी तालाबों पर की खर्चइस घटना के बाद बजरंग लाल ने तय कर लिया कि वे अपनी ड्यूटी और नौकरी से मिलने वाले खाली समय में जलस्रोतों के संरक्षण के लिए ही काम करेंगे. देखते ही देखते उनकी यह छोटी सी पहल एक बड़े अभियान में बदल गई. उन्होंने समाज के लोगों को अपने साथ जोड़ा और जब भी जरूरत पड़ी, तो अपनी जेब से भी खूब पैसा खर्च किया. बजरंग लाल को साहित्य और लेखन का भी काफी शौक है. उनकी अब तक करीब 10 किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. इन किताबों के लिए उन्हें जो भी पुरस्कार राशि मिली, उसे उन्होंने अपने व्यक्तिगत काम में लेने के बजाय जल संरक्षण के पुनीत कार्य में लगा दिया. इसके अलावा जनसहयोग से भी उन्होंने राशि जुटाई और दर्जनों तालाबों की सफाई और मरम्मत का काम करवाया.

छात्रों और युवाओं को बनाया अभियान का हिस्साबजरंग लाल जेठू शेखावाटी और मारवाड़ क्षेत्र में अब तक 50 से अधिक पारंपरिक जल स्रोतों का पुनर्विकास करवा चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने करीब 350 जल संचयन संरचनाओं का निर्माण और 50 से अधिक स्थानों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाकर जल संरक्षण के शानदार प्रयास किए हैं. उनका स्पष्ट रूप से मानना है कि जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की साझी जिम्मेदारी है. इसी बड़े उद्देश्य के साथ उन्होंने स्कूली विद्यार्थियों में जागरूकता फैलाने के लिए करीब 60 आलेख प्रतियोगिताएं आयोजित कराईं. जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए उन्होंने छह शॉर्ट फिल्में भी बनाईं और उन्हें यू-ट्यूब पर अपलोड किया, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस मुहीम से जुड़ सकें.

राष्ट्रीय जल पुरस्कार से हो चुके हैं सम्मानितजल संरक्षण के क्षेत्र में उनके इस अभूतपूर्व और निस्वार्थ योगदान को देखते हुए, उन्हें केंद्र सरकार की ओर से साल 2025 में ‘राष्ट्रीय जल पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया. इसके अलावा राज्य स्तर पर भी उन्हें बेहतरीन शिक्षक पुरस्कार के साथ-साथ पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए कई बार सम्मानित किया जा चुका है. पुरस्कारों से परे, आज भी उनका यह जल संरक्षण अभियान बिना थके लगातार जारी है. बजरंग लाल का साफ कहना है कि अगर पुराने तालाब बचेंगे तो ही बारिश का पानी बचेगा, और जब पानी बचेगा तभी हमारी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य पूरी तरह से सुरक्षित रह पाएगा. उनकी यह कहानी आज हर किसी के लिए एक बड़ी प्रेरणा है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Sikar,Sikar,Rajasthan

First Published :

October 07, 2026, 06:34 IST

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