एमएफ हुसैन से हिम्मत शाह तक… जयपुर में एक छत के नीचे दिख रही भारतीय कला की दिग्गज कृतियां

Last Updated:September 09, 2026, 12:05 IST
जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में ‘लेजेंडरी मास्टर्स ऑफ इंडियन आर्ट’ एग्जिबिशन कला प्रेमियों के लिए खास आकर्षण बनी हुई है. प्रदर्शनी में एमएफ हुसैन, हिम्मत शाह, केजी सुब्रह्मण्यम, जोगेन चौधरी सहित 35 प्रमुख भारतीय कलाकारों की 60 दुर्लभ कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं. पेंटिंग्स के साथ मूर्तियां, लिथोग्राफ, वुडकट और ड्रॉइंग भी यहां देखने को मिल रही हैं. 20 सितंबर तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में एंट्री पूरी तरह फ्री है.
जयपुर. कला संस्कृति से जुड़ा शहर हैं जहां लोग पेंटिंग, मूर्तिकला और अलग-अलग विधाओं की कला को खूब पसंद करते हैं इसलिए जयपुर की आर्ट गैलरियों में कला की झलक लोगों को देखने को मिलती हैं. ऐसे ही जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में पेंटिंग आर्ट लवर्स के लिए ‘लेजेंडरी मास्टर्स ऑफ इंडियन आर्ट’ का आयोजन चल रहा हैं, जहां लोग 1960-80 के दशक की दुर्लभ पेंटिग और कृतियों को देख सकते है. 20 सितंबर तक चलने वाली इस एग्जिबिशन में लोग एमएफ हुसैन से लेकर हिम्मत शाह, केजी सुब्रमण्यम, जोगेन चौधरी सहित भारतीय कला के प्रमुख कलाकारों की पेंटिंग और कृतियों के साथ लोग भारतीय कला के अलग-अलग दौर और माध्यमों की कृतियां एक साथ देखने को मिलेंगी.
एग्जिबिशन में आर्ट लवर्स पेंटिंग्स के अलावा मूर्तियां, लिथोग्राफ, वुडकट और ड्रॉइंग भी प्रदर्शित किए गए हैं. ‘लेजेंडरी मास्टर्स ऑफ इंडियन आर्ट’ प्रदर्शनी में देशभर के 35 कलाकारों की 60 कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं, इनमें कई पुराने कलाकारों के आर्ट वर्क उनके परिवारों से कलेक्ट किए गए हैं जो बेहद खास और क़ीमत हैं. एग्जिबिशन में सजी हर पेंटिंग और आर्ट वर्क की कीमत लाखों रूपए हैं.
लेजेंडरी मास्टर्स ऑफ इंडियन आर्ट में क्या हैं खास
RIC में चल रहे लेजेंडरी मास्टर्स ऑफ इंडियन आर्ट में अलग-अलग दौर की खास पेंटिंग्स हैं इनमें एक पेंटिंग में कृष्ण दावानल के बीच ग्वाल-बालों और गायों को बचाते नजर आ रहें हैं. वहीं एग्जिबिशन में पद्मश्री कृपाल सिंह शेखावत की ‘रागिनी विभास’ पेंटिंग भी खास हैं जिसमें राधा-कृष्ण सुबह के राग, प्रकृति और राजस्थानी स्थापत्य की झलक दिखाई देती हैं. इसके अलावा एग्जिबिशन मेंराज-रजवाड़ों से युद्ध तक का दौर की खास पेंटिंग भी हैं, इनमें सीकर के कलाकार रामगोपाल कुमावत की राजस्थान की पारंपरिक जूती की खास पेंटिंग जिसमें राज-रजवाड़ों से लेकर खेत-खलिहान और युद्ध तक का दौर देख सकते हैं. इस खास पेंटिंग में एक्रेलिक पेंटिंग में पपेट्स और राजस्थानी प्रतीकों के साथ ब्लैक स्प्रे का प्रयोग किया गया है. इसके अलावा एग्जिबिशन में कलाकार के. जी. सुब्रह्मण्यम की 1996 में बनाई पेंटिंग भी खास हैं. मूर्तिकार उषा रानी की 1965 में बनाई ब्रॉन्ज स्कल्प्चर ‘रेक्लाइनिंग फॉर्म’ भी प्रदर्शनी में है. महिला आकृति पर आधारित यह कृति कलाकार के परिवार से कलेक्ट की गई है, इसकी कीमत 30 लाख रुपए रखी गई है. उस दौर में इस तरह महिला आकृति को आधुनिक फॉर्म में प्रस्तुत करना अपने आप में प्रयोग माना जाता था.
आर्ट लवर्स के लिए फ्री हैं एग्जिबिशन
राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में 20 सितम्बर तक चलने वाली लेजेंडरी मास्टर्स ऑफ इंडियन आर्ट’ एग्जिबिशन की सबसे खास बात यह हैं कि आर्ट लवर्स और पेंटिंग का शोक रखने वाले लोग इस एग्जिबिशन को बिल्कुल फ्री में देख सकते हैं। क्योंकि इस प्रदर्शनी का उद्देश्य बड़े कलाकारों की कृतियों को लोगों तक पहुंचाने के साथ जयपुर में कला खरीदने और कलेक्ट करने की संस्कृति को बढ़ावा देना है। पेंटिंग देखने के साथ साथ लोग यहां इन लाखों रुपए कीमत पेंटिंग को खरीद भी सकते हैं। आपको बता दें लेजेंडरी मास्टर्स ऑफ इंडियन आर्ट एग्जीबिशन 20 सितंबर तक रोजाना सुबह 11 से शाम 7 बजे तक चलेगी।
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Jaipur,Rajasthan
First Published :
September 09, 2026, 12:05 IST



