ऑपरेशन उमर चाचा D: कैसे पकड़ाया ISI का मोहरा कुलवंत? शहजाद भट्टी और PAK का प्लान बेनकाब

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ISI का मोहरा बना कुलवंत कैसे आया शिकंजे में? ऑपरेशन उमर चाचा D की पूरी कहानी
Last Updated:November 04, 2026, 09:29 IST
पंजाब पुलिस ने जलालाबाद ग्रेनेड हमले के मुख्य फरार आरोपी कुलवंत सिंह को गिरफ्तार किया है. जांच से जुड़े इनपुट में उसके तार पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी और उमर चाचा नाम के कथित हैंडलर से जुड़ने का दावा किया जा रहा है. कुलवंत पर पंजाब में 10 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. वह राजस्थान के श्रीगंगानगर में 8 किलो RDX बरामदगी मामले में भी वांछित बताया गया है. इसी कथित नेटवर्क की जांच को ‘ऑपरेशन उमर चाचा D’ से जोड़ा जा रहा है. अब एजेंसियां जलालाबाद ग्रेनेड हमले और राजस्थान में विस्फोटक बरामदगी के बीच संभावित संबंध तलाश रही हैं.
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जलालाबाद ग्रेनेड हमले के आरोपी कुलवंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद पंजाब पुलिस पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलरों की कड़ियां खंगाल रही है.
पंजाब में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े कथित नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है. जलालाबाद पुलिस स्टेशन पर हुए हैंड ग्रेनेड हमले के मुख्य फरार आरोपी कुलवंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है. जांच में उसके तार पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी और उमर चाचा नाम के कथित हैंडलर से जुड़ने की बात सामने आई है. कुलवंत पर आरोप है कि वह केवल ग्रेनेड हमले तक सीमित नहीं था बल्कि ड्रग्स की खरीद-फरोख्त और विस्फोटकों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क में भी सक्रिय था. राजस्थान के श्रीगंगानगर में पाकिस्तान से आई करीब 8 किलो RDX की बरामदगी के मामले में भी उसका नाम सामने आया है. इसी पूरे नेटवर्क की पड़ताल को जांच से जुड़े इनपुट में ‘ऑपरेशन उमर चाचा D’ नाम दिया जा रहा है.
कुलवंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का दायरा पंजाब से राजस्थान और पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलरों तक पहुंच गया है. एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि जलालाबाद ग्रेनेड हमले के लिए विस्फोटक कहां से आया था. सीमा पार से हथियार और ड्रग्स की सप्लाई में किन लोगों की भूमिका थी और भारत में सक्रिय लोगों को निर्देश कौन दे रहा था. कुलवंत के खिलाफ पंजाब में 10 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी है. वह करीब आठ महीने बठिंडा जेल में रहने के बाद अगस्त 2026 में बाहर आया था. जांच एजेंसियों के सामने अब उसके पुराने संपर्कों और कथित विदेशी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की चुनौती है.
कौन है उमर चाचा और क्यों पड़ा ऑपरेशन का यह नाम?
जांच से जुड़े इनपुट में उमर चाचा को पाकिस्तान की ISI का कथित हैंडलर बताया जा रहा है. दावा है कि वह पाकिस्तान से भारत में सक्रिय लोगों के संपर्क में रहता था और ड्रग्स तथा विस्फोटकों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क को निर्देश देता था. कुलवंत सिंह के भी उसके संपर्क में होने की बात कही जा रही है. हालांकि उमर चाचा की पहचान और नेटवर्क में उसकी वास्तविक भूमिका को लेकर जांच एजेंसियों की पुष्टि का इंतजार है.
शहजाद भट्टी का नेटवर्क भी जांच के घेरे में
इस पूरे मामले में पाकिस्तान में मौजूद बताए जा रहे शहजाद भट्टी का नाम भी महत्वपूर्ण है. जांच से जुड़े इनपुट के मुताबिक उसके कथित संपर्क भारत में सक्रिय अपराधियों से हो सकते हैं. आरोप है कि इसी नेटवर्क के जरिए ड्रग्स और विस्फोटकों की सप्लाई के लिए स्थानीय लोगों का इस्तेमाल किया जा रहा था. भारत सरकार की ओर से भट्टी के खिलाफ यूएपीए के तहत कार्रवाई किए जाने के बाद उसके नेटवर्क पर दबाव बढ़ने का दावा भी किया जा रहा है. कुलवंत से पूछताछ में उसके संपर्कों और पैसों के लेनदेन की जानकारी जुटाई जा सकती है.
13 सितंबर की रात जलालाबाद में हुआ था ग्रेनेड हमला
पंजाब के फाजिल्का जिले के जलालाबाद में 13 सितंबर 2026 की रात करीब 1 बजकर 46 मिनट पर सिटी पुलिस स्टेशन की सीमा के पास हैंड ग्रेनेड हमला हुआ था. पुलिस ने FIR नंबर 177 के तहत मामला दर्ज किया. शुरुआती जांच में गुरप्रीत उर्फ गोरी और मनप्रीत सिंह उर्फ मनी को गिरफ्तार किया गया. इसके बाद 16 सितंबर को रामनदीप कौर और गुरप्रीत सिंह उर्फ विक्की भी पकड़े गए. पूछताछ में सुखविंदर उर्फ सुखा और लखविंदर उर्फ लाड़ी के नाम सामने आए. अब कुलवंत की गिरफ्तारी को इस मामले की जांच में अहम सफलता माना जा रहा है.
राजस्थान में 8 किलो RDX बरामदगी से क्या है कनेक्शन?
जांच का दूसरा बड़ा सिरा राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के रावला थाने में दर्ज FIR नंबर 210/26 से जुड़ा है. इस मामले में करीब 8 किलो RDX बरामद होने की बात सामने आई थी. कुलवंत सिंह को इस मामले में भी वांछित बताया गया है. जांच से जुड़े दावों के मुताबिक विस्फोटकों की खेप पाकिस्तान से भेजी गई थी. लखविंदर उर्फ लाड़ी का नाम भी इसी मामले में सामने आया है. अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि राजस्थान में बरामद विस्फोटक और जलालाबाद हमले के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं. राजस्थान में रेलवे ट्रैक ब्लास्ट से संभावित कनेक्शन की बात भी इनपुट में सामने आई है. हालांकि इस लिंक की आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है.
कुलवंत पर 10 से ज्यादा मुकदमे और जेल का पुराना रिकॉर्ड
कुलवंत सिंह पुत्र हरमेश सिंह पंजाब के फिरोजपुर जिले के अलीके गांव का रहने वाला बताया गया है. उसके खिलाफ पंजाब में 10 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी है. इनमें ज्यादातर मामले ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े बताए जाते हैं. वह करीब आठ महीने तक बठिंडा जेल में बंद रहा और अगस्त 2026 में बाहर आया था. आरोप है कि जेल में रहते हुए उसके पाकिस्तान में मौजूद शहजाद भट्टी के कथित संपर्कों से रिश्ते बने. अब एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि जेल से बाहर आने के बाद उसने किन लोगों से संपर्क किया और ग्रेनेड हमले की साजिश में उसकी क्या भूमिका थी.
दोनों मामलों में लगी हैं UAPA और विस्फोटक कानून की धाराएं
जलालाबाद मामले की FIR में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के साथ यूएपीए की धारा 15, 16, 18, 18बी और 20 लगाई गई हैं. इसके अलावा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम और आर्म्स एक्ट की धाराएं भी शामिल हैं. वहीं राजस्थान के रावला थाने में दर्ज FIR नंबर 210/26 में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है.
कुलवंत की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का फोकस कथित सीमा पार नेटवर्क और उसके स्थानीय संपर्कों पर है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ड्रग्स की कमाई का इस्तेमाल विस्फोटक गतिविधियों में तो नहीं किया जा रहा था. साथ ही शहजाद भट्टी और उमर चाचा से जुड़े संपर्कों की भी पड़ताल जारी है.
About the Authorसुमित कुमारSenior Sub Editorसुमित कुमार हिंदी पत्रकारिता का एक उभरता और सक्रिय नाम हैं. वर्तमान में वे हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और सेंट्रल डेस्क टीम का हिस्सा हैं. पिछले चार साल से वे Network18और पढ़ेंFirst Published :
November 04, 2026, 09:28 IST
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