Health

पाली के भाई-बहन के शरीर में कुदरत का अनोखा खेल; खांसी दिखाने पहुंचे तो सीने में उलटी दिशा में मिले हार्ट और लिवर

Last Updated:November 04, 2026, 07:31 IST

Pali News: राजस्थान के पाली में एक अनोखी मेडिकल मिस्ट्री सामने आई है, जहाँ खांसी की शिकायत लेकर बांगड़ अस्पताल पहुँचे भाई-बहन के सीने में हार्ट दाईं ओर और लिवर बाईं ओर मिला. डॉक्टरों के अनुसार यह दुर्लभ ‘कार्टाजेनर सिंड्रोम’ और ‘प्राइमरी सिलियरी डिस्काइनेशिया’ है, जो 50 हजार में से किसी एक को होती है. 25 अक्टूबर को पहुँचे इन बच्चों की जाँच डॉ. लक्ष्मण सोनी ने की थी. डॉक्टरों ने लगातार खांसी को नजरअंदाज न करने की सलाह दी है.

ख़बरें फटाफट

पाली: राजस्थान के पाली से एक बेहद दुर्लभ और चौंकाने वाला मेडिकल मामला सामने आया है, जहाँ एक भाई-बहन को सामान्य सी खांसी की शिकायत के चलते डॉक्टर के पास ले जाया गया, लेकिन जाँच के दौरान जो राज खुला उसे देखकर मेडिकल एक्सपर्ट्स भी हैरान रह गए. पाली के बांगड़ अस्पताल पहुँचे इन दोनों भाई-बहनों को बचपन से ही बार-बार फेफड़ों में इंफेक्शन और खांसी की गंभीर शिकायत थी. जब डॉक्टरों ने उनकी गहन जाँच की तो पता चला कि दोनों बच्चों के शरीर के अंदरूनी अंग सामान्य दिशा के विपरीत स्थित हैं.

बांगड़ हॉस्पिटल के श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. लक्ष्मण सोनी के अनुसार 25 अक्टूबर को 13 साल की किशोरी और उसके 10 साल के भाई को परिजन अस्पताल लेकर पहुँचे थे. परिजनों ने डॉक्टरों को बताया कि दोनों बच्चों को बचपन से ही लगातार खांसी, सांस लेने में दिक्कत और बार-बार निमोनिया की समस्या रहती है. बच्चों की गंभीर स्थिति को भांपते हुए डॉक्टरों ने उनकी सीटी स्कैन, पेट की सोनोग्राफी, ईको और अन्य जरूरी जांचें करवाईं, जिनकी रिपोर्ट्स देखकर सब सन्न रह गए क्योंकि दोनों बच्चों का दिल (हार्ट) दाईं ओर और लिवर बाईं ओर स्थित पाया गया.

क्या है दुर्लभ ‘कार्टाजेनर सिंड्रोम’ और ‘प्राइमरी सिलियरी डिस्काइनेशिया’?चिकित्सकीय भाषा में अंगों की इस उलटी स्थिति को ‘साइटस इनवर्सस’ कहा जाता है, जो कि 50 हजार में से किसी एक बच्चे में होने वाली बेहद दुर्लभ और पूरी तरह जेनेटिक बीमारी है. इसे ‘प्राइमरी सिलियरी डिस्काइनेशिया’ (PCD) और ‘कार्टाजेनर सिंड्रोम’ भी कहा जाता है. इस स्थिति में श्वसन मार्ग की कोशिकाओं पर मौजूद बाल जैसी सूक्ष्म संरचनाएं यानी सिलिया ठीक से काम नहीं कर पाती हैं. सामान्य तौर पर ये सिलिया सांस की नली से धूल-कणों और बलगम को बाहर निकालने का काम करती हैं, लेकिन इनके सुचारू रूप से काम न करने पर बच्चों को जीवनभर लगातार खांसी और संक्रमण की दिक्कतें रहती हैं.

एक ही परिवार के दो बच्चों में मिलना है बड़ी बातविशेषज्ञों का कहना है कि एक ही परिवार के दो सगे भाई-बहनों में इस तरह जन्मजात रूप से अंगों का उलटा होना और ऐसी दुर्लभ बीमारी मिलना इस मामले को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है. PCD के कई रूप माता-पिता से बच्चों में आनुवंशिक तौर पर ट्रांसफर होते हैं, हालाँकि केवल अंगों के उलटे होने से बीमारी की सौ फीसदी पुष्टि नहीं की जा सकती है, जिसके लिए पक्के तौर पर जेनेटिक टेस्ट करवाना जरूरी होता है. डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बच्चों में लगातार रहने वाली खांसी को बिल्कुल नजरअंदाज न करें और समय रहते विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें ताकि सही इलाज मिल सके.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

और पढ़ेंLocation :

Pali,Pali,Rajasthan

First Published :

November 04, 2026, 07:31 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj