कभी रात 10 बजे बंद होता था कोटगेट, अब डाक टिकट पर मिली खास पहचान

बीकानेर. राजस्थान के बीकानेर स्थित ऐतिहासिक और प्रसिद्ध कोटगेट को अब डाक टिकट पर भी जगह मिल गई है. डाक विभाग की ओर से 500 रुपए मूल्य का डाक टिकट जारी किया गया है, जिसमें बीकानेर के कोटगेट को देशभर के चुनिंदा ऐतिहासिक गेटों की श्रृंखला में शामिल किया गया है. इस श्रृंखला में बीकानेर के कोटगेट के साथ देश के सात अन्य ऐतिहासिक द्वार भी शामिल हैं. संग्रहकर्ता भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि यह बीकानेर की ऐतिहासिक विरासत और स्थापत्य कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का महत्वपूर्ण अवसर है.
इस श्रृंखला में बुलंद दरवाजा, फतेहपुर सीकरी, कोटगेट, बीकानेर, जोरावर सिंह गेट, जयपुर, सरदार मार्केट गेट, जोधपुर, कश्मीरी गेट, नई दिल्ली, रूमी दरवाजा, लखनऊ, मैगजीन गेट, अजमेर और दिल्ली गेट, दिल्ली को शामिल किया गया है. इन सभी ऐतिहासिक द्वारों की अपनी अलग पहचान और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है. संग्रहकर्ता भारत भूषण गुप्ता बताते हैं कि आज बीकानेर की पहचान बन चुका कोटगेट कभी शहर की सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हुआ करता था. एक समय ऐसा था जब रात करीब 10 बजे कोटगेट को बंद कर दिया जाता था. इसके बाद परकोटे के अंदर प्रवेश करने के लिए विशेष परिचय या अनुमति की आवश्यकता होती थी.
बीकानेर कोटगेट का ऐतिहासिक पहचान आज भी कायम
गुप्ता बताते हैं कि उन्होंने स्वयं कोटगेट को बंद होते हुए देखा है. उस समय बीकानेर शहर मुख्य रूप से परकोटे के अंदर ही बसा हुआ था. शहर के अंदर आने-जाने के लिए अलग-अलग दरवाजे थे, लेकिन कोटगेट प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में अपनी विशेष पहचान रखता था. समय के साथ बीकानेर शहर का विस्तार हुआ और परकोटे से बाहर भी आबादी बसती चली गई. पुरानी सुरक्षा व्यवस्था समाप्त हो गई, लेकिन कोटगेट की ऐतिहासिक पहचान आज भी कायम है. वर्तमान में कोटगेट बीकानेर के सबसे प्रसिद्ध और व्यस्त स्थानों में शामिल है. इसे बीकानेर का हृदय स्थल भी कहा जाता है. कोटगेट की सबसे बड़ी खासियत इसकी भव्य वास्तुकला है. लाल बलुआ पत्थर से निर्मित यह ऐतिहासिक द्वार बीकानेर की पारंपरिक स्थापत्य शैली की झलक प्रस्तुत करता है. इसकी बनावट और भव्यता आज भी लोगों का ध्यान आकर्षित करती है.
डाक टिकट पर कोटगेट की तस्वीर प्रदर्शित होना गर्व का पल
500 का यह डाक टिकट केवल कोटगेट की तस्वीर को प्रदर्शित नहीं करता, बल्कि देश की ऐतिहासिक विरासत में बीकानेर की मौजूदगी को भी दर्ज करता है. एक ही श्रृंखला में फतेहपुर सीकरी के बुलंद दरवाजे से लेकर जयपुर के जोरावर सिंह गेट, जोधपुर के सरदार मार्केट गेट, नई दिल्ली के कश्मीरी गेट, लखनऊ के रूमी दरवाजे, अजमेर के मैगजीन गेट और दिल्ली गेट को शामिल किया गया है. ऐतिहासिक गेटों को डाक टिकट के माध्यम से देशभर में पहचान मिलना इन विरासत स्थलों के इतिहास और स्थापत्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी बन सकता है. बीकानेर के लिए खास बात यह है कि शहर का ऐतिहासिक कोटगेट अब देश के चुनिंदा ऐतिहासिक द्वारों के साथ 500 के डाक टिकट पर दर्ज हो गया है.



