पुष्कर में बंदरों के आतंक से राहत

Last Updated:October 01, 2026, 08:42 IST
Pushkar News: तीर्थनगरी पुष्कर में लंबे समय से बंदरों के आतंक से परेशान आमजन और श्रद्धालुओं को राहत दिलाने के लिए नगर परिषद ने प्रभावी अभियान शुरू किया है. कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत के निर्देशन में अब तक 16 बच्चों सहित कुल 92 बंदरों को पकड़ा जा चुका है. सभापति राजेंद्र बाकोलिया ने बताया कि इन बंदरों को आबादी से 100 किलोमीटर दूर सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाएगा. प्रक्रिया को पारदर्शी रखने के लिए लाइव वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी. यह अभियान शहर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के लिए निरंतर जारी रहेगा.
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Pushkar Monkey Menace: पुष्कर में बंदरों का आतंक खत्म, 92 बंदर पकड़े गए
पुष्कर: तीर्थनगरी पुष्कर में लंबे समय से बंदरों के आतंक से परेशान आमजन को बड़ी राहत मिलने जा रही है. पुष्कर नगर परिषद ने इस गंभीर और पुरानी समस्या के समाधान के लिए एक व्यापक, पारदर्शी और अत्यंत प्रभावी अभियान की शुरुआत की है. यह विशेष अभियान राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत के सीधे निर्देशन और मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है. मंत्री महोदय के स्पष्ट निर्देशों के बाद, नगर परिषद की टीम ने जमीनी स्तर पर त्वरित कार्रवाई प्रारंभ कर दी है. इस अभियान के शुरू होने से स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और बाहर से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई है. नगर परिषद की टीम ने पूरी योजना के साथ काम करते हुए शुरुआती चरण में ही बड़ी सफलता हासिल की है. विभागीय जानकारी के अनुसार, अब तक कुल 92 बंदरों को सुरक्षित रूप से पिंजरों में पकड़ा जा चुका है. इन 92 बंदरों में 16 बंदरों के छोटे बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें पूरी सुरक्षा के साथ रखा गया है.
पुष्कर दुनिया भर में एक प्रसिद्ध और पवित्र तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है. यहां हर दिन हजारों की संख्या में देशी और विदेशी श्रद्धालु पवित्र सरोवर में स्नान करने और ब्रह्मा मंदिर के दर्शन करने आते हैं. पिछले कुछ वर्षों से पुष्कर शहर की परिधि में बंदरों की आबादी में बेतहाशा वृद्धि दर्ज की गई थी. इन अनियंत्रित बंदरों ने आम नागरिकों, छोटे दुकानदारों और बाहर से आने वाले यात्रियों का जीना पूरी तरह से मुहाल कर रखा था. बंदरों के बड़े-बड़े झुंड अक्सर स्थानीय लोगों के घरों और बाजार की दुकानों में घुसकर खाने-पीने का सामान और अन्य कीमती वस्तुएं उठाकर ले जाते थे. इसके अलावा, पूर्व में कई बार आक्रामक बंदरों द्वारा छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर अचानक जानलेवा हमला करने की गंभीर घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं. इन लगातार हो रहे हमलों और भारी नुकसान के कारण पूरे शहर में भय का माहौल बना हुआ था. इसी डर और रोजमर्रा की परेशानी को खत्म करने के लिए शुरू किया गया यह अभियान पुष्करवासियों के लिए एक संजीवनी साबित हो रहा है.
सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ने की योजनानगर परिषद के सभापति राजेंद्र बाकोलिया ने मीडिया को इस पूरे अभियान की विस्तार से जानकारी प्रदान की. उन्होंने बताया कि पकड़े गए इन सभी 92 बंदरों को पुष्कर की घनी आबादी वाले क्षेत्र से लगभग 100 किलोमीटर दूर एक अत्यंत सुरक्षित वन क्षेत्र (जंगल) में ले जाकर छोड़ा जाएगा. इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि इन वन्यजीवों को उनके अनुकूल प्राकृतिक आवास, भोजन और खुला वातावरण आसानी से मिल सके. साथ ही, पुष्करवासियों को इनके रोजाना के आतंक से स्थायी रूप से निजात मिल सके. सभापति ने जोर देते हुए कहा कि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना नगर परिषद की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है. कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत के कुशल नेतृत्व के कारण ही इस जटिल समस्या को गंभीरता से लिया गया है. यह अभियान भविष्य में भी तब तक निरंतर जारी रहेगा जब तक कि शहर पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हो जाता.
पारदर्शिता के लिए लाइव वीडियो रिकॉर्डिंगपुष्कर नगर परिषद इस पूरी प्रक्रिया में हर स्तर पर पूरी तरह से पारदर्शिता बरत रही है. जब इन पकड़े गए बंदरों को सुरक्षित जंगल में छोड़ने के लिए ले जाया जाएगा, तब नगर परिषद का एक आधिकारिक प्रतिनिधि दल भी उनके साथ मौजूद रहेगा. बंदरों को उनके प्राकृतिक आवास में मुक्त करने की पूरी प्रक्रिया का मौके पर ही लाइव वीडियो रिकॉर्ड किया जाएगा. जब यह प्रामाणिक वीडियो फुटेज प्राप्त हो जाएगा, तो उसे स्थानीय मीडिया और आम जनता के सामने प्रस्तुत किया जाएगा. इस महत्वपूर्ण पारदर्शी कदम से यह सुनिश्चित होगा कि बंदरों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है और इस कार्य में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है. इस विशेष मौके पर पार्षद मुकेश कुमावत और पुष्कर नगर परिषद के कर्मचारी योगेश शर्मा ने भी अपने विचार साझा किए और इसे शहर के व्यापक हित में उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम बताया.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Pushkar,Ajmer,Rajasthan
First Published :
October 01, 2026, 08:42 IST



