करौली में क्यों बढ़ रही अलवर के लाल प्याज की मांग? रोजाना 160 क्विंटल पहुंच रही खेप

Last Updated:October 20, 2026, 08:33 IST
Karauli Onion Market: करौली में इन दिनों अलवर से आने वाले लाल प्याज की मांग तेजी से बनी हुई है. तीखे स्वाद, गहरे लाल रंग और बेहतर गुणवत्ता के कारण यह स्थानीय ग्राहकों की पहली पसंद बनता जा रहा है. खास बात यह है कि कीमतों में तेजी के बावजूद इसकी बिक्री पर खास असर नहीं पड़ा है. थोक व्यापारी लवकुश सैनी के मुताबिक, करौली की सब्जी मंडी में रोजाना करीब 160 क्विंटल अलवर के लाल प्याज की आवक हो रही है. फिलहाल थोक बाजार में इसके भाव 45 से 50 रुपये प्रति किलो हैं, जबकि फुटकर बाजार में ग्राहकों को करीब 60 रुपये प्रति किलो चुकाने पड़ रहे हैं. ग्रेवी वाली सब्जियों, पनीर और नॉनवेज व्यंजनों में इसके अधिक इस्तेमाल के कारण इसकी मांग बनी हुई है.
सर्दियों में सब्जियों का स्वाद बढ़ाने के लिए अगर किसी चीज का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है, तो वह है प्याज. लेकिन करौली में इन दिनों हर प्याज की उतनी मांग नहीं है, जितनी अलवर से आने वाले लाल प्याज की है. अपने तीखे स्वाद, गहरे लाल रंग और बेहतर गुणवत्ता के चलते अलवर का लाल प्याज करौली वासियों की पहली पसंद बनता जा रहा है. यही वजह है कि दूसरे शहरों से प्याज की आवक होने के बावजूद करौली की मंडियों में अलवर के लाल प्याज का दबदबा बना हुआ है.
खास बात यह है कि भाव में तेजी आने के बावजूद इसकी बिक्री पर कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा. सब्जी मंडियों में रोजाना बड़ी मात्रा में पहुंच रहा यह प्याज रसोई से लेकर होटल और ढाबों तक अपनी जगह बनाए हुए है. व्यापारियों के मुताबिक, करौली में प्रतिदिन करीब 160 क्विंटल अलवर के लाल प्याज की आवक हो रही है.
करौली की मंडियों में अलग-अलग शहरों से प्याज पहुंचता है, लेकिन अलवर के लाल प्याज की मांग सबसे ज्यादा बनी हुई है. स्थानीय सब्जी व्यापारियों का कहना है कि यहां के लोग इसके तीखे स्वाद और रंग को काफी पसंद करते हैं. खासकर ऐसी सब्जियां, जिनमें गाढ़ी ग्रेवी तैयार की जाती है, उनमें इस प्याज का इस्तेमाल अधिक किया जाता है.
Add as Preferred Source on Google
सर्दी का मौसम आते ही में घरों में बनने वाली सब्जियों में प्याज का इस्तेमाल बढ़ जाता है. दाल में तड़का लगाना हो या पनीर और दूसरी ग्रेवी वाली सब्जियां बनानी हों, लाल प्याज को खास पसंद किया जा रहा है. इसके तीखेपन और रंग के कारण लोग इसे भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करते हैं.
करौली की थोक सब्जी मंडी में अलवर के लाल प्याज की रोजाना करीब 160 क्विंटल आवक हो रही है. थोक व्यापारी लवकुश सैनी के अनुसार, सर्दी का मौसम शुरू होने से पहले ही इसकी खपत अच्छी बनी हुई है. फिलहाल मंडी में अलवर के लाल प्याज का थोक भाव 45 से 50 रुपए प्रति किलो तक चल रहा है, जबकि फुटकर बाजार में ग्राहकों को इसके लिए करीब 60 रुपए प्रति किलो खर्च करने पड़ रहे हैं.
करौली की नई सब्जी मंडी के थोक एवं फुटकर विक्रेता मोतीलाल सैनी बताते हैं कि अलवर का लाल प्याज अपने तीखे स्वाद, लाल रंग और अच्छे आकार के लिए जाना जाता है. ग्रेवी वाली सब्जियों और नॉनवेज व्यंजनों में इसका इस्तेमाल ज्यादा होता है. यही कारण है कि करौली में ग्राहक इसे काफी पसंद करते हैं.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|First Published :
October 20, 2026, 08:33 IST



