Rajasthan

किसके सिर सजेगा उपसरपंच का ताज? राजस्थान के 3,626 पंचायतों में हलचल तेज

जयपुर. राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव के तहत गांवों की सरकार चुनने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. सरपंच और वार्ड पंचों के चुनाव के बाद अब ग्राम पंचायतों में उपसरपंच चुनने की बारी है. आज प्रदेश के 22 जिलों की 3,626 ग्राम पंचायतों में उपसरपंच पद के लिए चुनाव कराया जा रहा है. इसके लिए पंचायत स्तर पर चुनावी सरगर्मी तेज है. नवनिर्वाचित वार्ड पंच मतदान कर अपनी ग्राम पंचायत का उपसरपंच चुनेंगे. इस चुनाव में आम मतदाता सीधे वोट नहीं डालेंगे, बल्कि निर्वाचित वार्ड पंचों के मतों के आधार पर उपसरपंच का चयन होगा.

दूसरे चरण के तहत अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, दौसा, डूंगरपुर, जयपुर, जालोर, झालावाड़, झुंझुनूं, जोधपुर, करौली, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, नागौर, पाली, राजसमंद, सीकर, सिरोही और उदयपुर जिलों में उपसरपंच चुनाव की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है. इन जिलों की ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच चुने जाने के बाद अब पंचायतों में उपसरपंच पद को लेकर राजनीतिक समीकरण बन रहे हैं. स्थानीय स्तर पर वार्ड पंचों की भूमिका इस चुनाव में अहम रहेगी.

जयपुर की 112 ग्राम पंचायतों में भी होगा चुनाव

जयपुर जिले में भी उपसरपंच चुनाव को लेकर प्रक्रिया जारी है. जिले की आमेर, जालसू, रामपुरा डाबड़ी, शाहपुरा और अमरसर पंचायत समिति क्षेत्रों की 112 ग्राम पंचायतों में आज उपसरपंच पद के लिए चुनाव होना है. सरपंच और वार्ड पंचों के चुनाव के बाद अब इन पंचायतों में उपसरपंच पद के लिए वार्ड पंचों के बीच मतदान होगा. पंचायतों में उपसरपंच का चयन होने के साथ ही स्थानीय स्तर पर गठित पंचायत नेतृत्व को पूरा स्वरूप मिलेगा.

वार्ड पंचों के हाथ में होगी उपसरपंच चुनने की जिम्मेदारी

उपसरपंच का चुनाव आम चुनाव की तरह सीधे जनता के मतदान से नहीं होता. इस प्रक्रिया में ग्राम पंचायत के निर्वाचित वार्ड पंच मतदान करते हैं और उनके मतों के आधार पर उपसरपंच चुना जाता है. इसलिए सरपंच चुनाव के बाद वार्ड पंचों का समर्थन हासिल करना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. कई पंचायतों में उपसरपंच पद के लिए स्थानीय स्तर पर सहमति बनाने और समर्थन जुटाने की कवायद देखने को मिल सकती है. इस चुनाव के नतीजों से पंचायतों के भीतर कामकाज और निर्णय प्रक्रिया में भी उपसरपंच की भूमिका तय होगी.

तीसरे और चौथे चरण के चुनाव पर रहेगी नजर

प्रदेश में पंचायतीराज चुनाव की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ रही है. दूसरे चरण के उपसरपंच चुनाव पूरे होने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक नजरें तीसरे और चौथे चरण के चुनाव पर रहेंगी. इन चरणों के जरिए शेष ग्राम पंचायतों में भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा. वहीं जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव की मतगणना 20 नवंबर को होगी. इसके बाद ग्रामीण निकायों में निर्वाचित प्रतिनिधियों की तस्वीर और स्पष्ट होगी. इस तरह सरपंच और वार्ड पंचों के चुनाव के बाद आज का दिन ग्राम पंचायतों के गठन की प्रक्रिया में अहम रहेगा. 22 जिलों की 3,626 पंचायतों में उपसरपंच चुने जाने के साथ ही दूसरे चरण की पंचायत चुनाव प्रक्रिया एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार करेगी.

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