कृष्ण जन्माष्टमी पर खाटूश्याम जी का अद्भुत श्रृंगार, पंचामृत अभिषेक के बाद 2 दिन मूल शालिग्राम रूप में देंगे दर्शन

Last Updated:September 05, 2026, 12:44 IST
सीकर के विश्व प्रसिद्ध खाटूश्याम जी मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष आयोजन हुए. आधी रात बाबा श्याम का पंचामृत से अभिषेक कर विशेष श्रृंगार किया गया. इसके बाद बाबा श्याम दो दिन तक अपने मूल शालिग्राम स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे. महाआरती के बाद श्रद्धालुओं को पंजीरी का प्रसाद वितरित किया. वहीं, 8 सितंबर को तिलक श्रृंगार के चलते मंदिर के कपाट बंद रहेंगे और 10 सितंबर से भक्त बाबा श्याम के तिलक श्रृंगार के दर्शन कर सकेंगे.
सीकर. विश्व प्रसिद्ध खाटूश्याम जी मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर कई विशेष आयोजन हुए. रात 12:00 बजे बाबा श्याम का पंचामृत से स्नान एवं अभिषेक किया गया. इस अभिषेक के बाद बाबा श्याम आगामी दो दिन तक अपने मूल स्वरूप यानी मूल शालिग्राम रूप में भक्तों को दर्शन देंगे. इसके अलावा महाआरती के बाद श्रद्धालुओं को पंजीरी का प्रसाद वितरित किया गया. इस दौरान बाबा श्याम का विशेष श्रृंगार भी किया गया. इस दौरान बाबा श्याम के मूल स्वरूप को सतरंगी फूलों से सजाया गया, आपको बता दें कि बहुत कम बार ऐसा हिता है कि श्रृंगार और संध्या आरती के अलावा बाबा श्याम का विशेष श्रृंगार किया जाता है.
हालांकि, कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर इस बार खाटूश्याम जी मंदिर में भक्तों की संख्या कम रही. सुबह मंगला आरती और श्रृंगार आरती के समय भक्तों की संख्या अधिक रही लेकिन जैसे-जैसे दिन बढ़ता गया वैसे-वैसे भक्तों की संख्या भी कम होती गई. दोपहर तक इस कृष्ण जन्माष्टमी के विशेष अवसर पर भी आम दिनों के मुकाबले भक्तों की संख्या कम रही. हालांकि देर शाम बात फिर से कुछ भक्तों की संख्या में बढ़ोतरी हुई. रात 12:00 हुई महा आरती के समय भी भारी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ी.
4 दिन बाद तिलक श्रृंगार
आगामी 2 दिन तक बाबा श्याम अब अपने मूल स्वरूप यानी शालिग्राम रूप में भक्तों को दर्शन देंगे. महीने में कुछ दिन ही ऐसे होते हैं जिसमें बाबा श्याम अपने मूल रूप में भक्तों को नजर आते हैं. श्री श्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि तिलक श्रृंगार के चलते 8 सितंबर को मंदिर के कपाट बंद होंगे. इसके बाद 9 सितंबर को बाबा श्याम का विशेष तिलक श्रृंगार किया जाएगा. 10 सितंबर को सुबह मंगला आरती के समय से फिर से भक्त बाबा श्याम के तिलक श्रृंगार के दर्शन कर सकेंगे.
जानिए कौन है बाबा श्याम
बाबा श्याम को हारे का सहारा कहा जाता है और उन्हें भगवान श्रीकृष्ण का अवतार माना जाता है. महाभारत युद्ध के दौरान भीम के पौत्र बर्बरीक कौरवों की ओर से युद्ध में उतरने जा रहे थे, तभी भगवान श्रीकृष्ण ने ब्राह्मण वेश में उनसे शीश दान मांगा. बर्बरीक ने बिना झिझक भगवान कृष्ण को अपना शीश दान कर दिया. इससे प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने वरदान दिया कि कलियुग में उन्हें श्याम नाम से पूजा जाएगा और वे हारे हुए लोगों के सहारा बनेंगे. तभी से बाबा श्याम भक्तों के बीच हारे के सहारे के नाम से पूजे जाते हैं.
About the AuthorMonali Paul
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
और पढ़ेंLocation :
Sikar,Rajasthan
First Published :
September 05, 2026, 12:44 IST



