‘खाद खत्म हो गई…’ DAP खाद के लिए किसानों को करना पड़ रहा इंतजार, 2-3 दिन से भटक रहे किसान, सामने आई तस्वीरें

Last Updated:September 22, 2026, 17:59 IST
Pali DAP Fertilizer Shortage: पाली में DAP खाद को लेकर किसानों की परेशानी सामने आ रही है. किसान खाद लेने के लिए पिछले दो-तीन दिनों से लगातार चक्कर काट रहे हैं. जरूरत के समय DAP नहीं मिलने से अन्नदाताओं की चिंता बढ़ी हुई है. ग्राउंड रिपोर्ट के जरिए खाद वितरण केंद्रों पर किसानों की स्थिति और धरातल पर मौजूद हालात को समझने की कोशिश की गई है. किसानों की समस्या अब चर्चा का विषय बनी हुई है.
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पाली. खेतों में बुआई का वक्त है, लेकिन पाली में अन्नदाता खाद के एक-एक कट्टे के लिए तरसने को मजबूर है. फसल उगाने की उम्मीद लेकर पहुंचे किसान पिछले दो-तीन दिनों से क्रय-विक्रय सहकारी समिति के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनके हाथ सिर्फ निराशा और मायूसी लग रही है. दूर-दराज़ के गांवों से बार-बार पाली आने में किसानों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है, फिर भी खाद नहीं मिल पा रही.
पाली जिले में एक बार फिर डीएपी (DAP) खाद की किल्लत ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं. बुवाई के एन वक्त पर खाद न मिलने से किसान परेशान होकर क्रय-विक्रय सहकारी समिति के चक्कर काटने को मजबूर हैं. हैरान करने वाली बात यह है कि पिछले वर्ष भी ठीक इसी सीजन में किसानों को खाद के लिए भारी किल्लत का सामना करना पड़ा था. इस बार फिर वही पुराने हालात दोहराए जाने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरो के साथ गुस्सा भी साफ तौर पर देखने को मिल रहा है.
सुबह 6 बजे से लाइन, फिर भी खाली हाथखाद पाने की आस में किसान तड़के ही अपने घरों से निकल रहे हैं. नई सब्जी मंडी स्थित क्रय-विक्रय सहकारी समिति पर खाद लेने के लिए रोज दर्जनों किसानों की भीड़ जुट रही है. दूर-दराज के गांवों से आ रहे किसानों का कहना है कि बार-बार पाली शहर के चक्कर लगाने से उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं. कई जगह कागजों में किसानों के नाम दर्ज किए जा रहे हैं, लेकिन जब खाद देने की बारी आती है तो स्टॉक खत्म होने का हवाला देकर उन्हें बैरंग लौटा दिया जाता है.
बच्चों को घर छोड़ पहुंच रहीं महिलाएं, व्यवस्था से निराशामंडिया गांव की निवासी मंजू ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि वे अपने छोटे बच्चों को घर पर अकेला छोड़कर सुबह छह बजे ही खाद के लिए लाइन में लग गई थीं. लगातार कई दिनों से आने के बावजूद उन्हें खाद नहीं मिल सकी. इसी तरह मानपुरा भाकरी के रहने वाले भीमाराम कीर और मंडिया गांव के दीपाराम ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से समिति के चक्कर काट रहे हैं. हर बार नाम तो लिख लिया जाता है, लेकिन अंत में कह दिया जाता है कि खाद खत्म हो गई है.
प्रशासन ने कहा सप्लाई आते ही शुरू होगा वितरणउधर, क्रय-विक्रय सहकारी समिति के कर्मचारियों का कहना है कि फिलहाल डीएपी खाद के कट्टे खत्म हो चुके हैं. उच्च स्तर पर मांग भेजी जा चुकी है और जैसे ही नई सप्लाई प्राप्त होगी, दोबारा वितरण शुरू कर दिया जाएगा. कालाबाजारी रोकने और सभी तक खाद पहुंचाने के उद्देश्य से फिलहाल एक आधार कार्ड पर अधिकतम पांच कट्टे देने का नियम तय किया गया है.
पिछले साल के कड़वे अनुभव से चिंतित किसानकिसानों का कहना है कि पिछले वर्ष भी फसल की बुवाई के समय डीएपी खाद की भारी किल्लत हुई थी, जिससे किसानों को समय पर बुवाई करने में भारी दिक्कत आई थी. प्रशासन द्वारा समय रहते पुख्ता इंतजाम न किए जाने के कारण इस वर्ष भी वही स्थिति बन गई है. किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पर्याप्त मात्रा में खाद की आपूर्ति शुरू नहीं की गई, तो उन्हें मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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September 22, 2026, 17:59 IST



