Rajasthan

खाद पर बवाल बीजेपी पर पड़ सकता है भारी, कांग्रेस बनाएगी मुद्दा

Last Updated:October 08, 2026, 12:40 IST

Rajasthan Fertilizer Shortage Crisis: राजस्थान में रबी फसलों की बुवाई के बीच हो रहे पंचायत चुनाव में डीएपी और यूरिया खाद की किल्लत बड़ा सियासी मुद्दा बन गई है. किसान नेता रामपाल जाट ने कहा कि गेहूं, चना और जौ की बुवाई के समय किसान खेत छोड़कर लंबी लाइनों में खड़े हैं. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि पुलिस के पहरे में खाद बंट रहा है और कांग्रेस इस मुद्दे को चुनाव में उठाएगी. वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने खाद की कमी से इनकार करते हुए विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है.

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Amazon Prime DayTop Deals Insideराजस्थान पंचायत चुनाव: खाद पर बवाल बीजेपी पर पड़ सकता है भारीZoomRajasthan Panchayat Election DAP Urea Crisis: पंचायत चुनाव में खाद की किल्लत बनी बड़ा सियासी मुद्दा

जयपुर. राजस्थान में पंचायत चुनाव की शुरुआत हो चुकी है. राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से घोषित कार्यक्रम के अनुसार आज इसकी अधिसूचना भी जारी हो गई है. लेकिन पंचायत से पहले सूबे के कई इलाकों में खाद की किल्लत को लेकर बवाल कटना शुरू हो गया है. किसानों का आरोप है कि उन्हें खाद नहीं मिल रही है. खाद की किल्लत को लेकर हाल ही में हाड़ौती के बारां और जयपुर से सटे दौसा में बेजा बवाल मच चुका है. इन दो शहरों के अलावा प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी खाद की कमी के कारण किसानों के गुस्से की खबरें सामने आई है. किसानों के गुस्से की इस चिंगारी को कांग्रेस ने पंचायत चुनाव में भुनाने का मानस भी बना लिया है. अगर समय रहते सत्तारुढ़ बीजेपी सरकार ने इस पर काबू नहीं पाया है तो यह मुद्दे चुनावों में उसके गले पड़ सकता है.

वन स्टेट वन इलेक्शन की कवायद के तहत प्रदेश में हो रहे दूसरे चरण के पंचायत चुनाव में खाद का संकट ग्रामीण इलाकों में सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनता नजर आ रहा है. ग्रामीण मतदाताओं के लिए यह विषय इसलिए भी बेहद संवेदनशील है, क्योंकि इसका सीधा असर उनकी खेती और पैदावार पर पड़ता है. किसान नेता रामपाल जाट ने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर सरकार खाद का पर्याप्त भंडारण होने की बात कह रही है, वहीं दूसरी ओर किसान अपना खेत छोड़कर खाद के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं. इस समय गेहूं, चना और जौ जैसी रबी फसलों की बुवाई के लिए खेत तैयार हैं, लेकिन किसान भूखे-प्यासे घंटों लाइनों में लगने को मजबूर हैं. अब बहस इस बात पर टिकी है कि कागजों में मौजूद खाद किसान के खेत तक समय पर पहुंच रही है या नहीं.

कांग्रेस ने सरकार को घेरा, पुलिस के पहरे में बंट रही खादप्रदेश में खाद की किल्लत को लेकर कांग्रेस पार्टी सरकार पर पूरी तरह से हमलावर हो गई है. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार की किसान नीतियों पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि बुवाई के सीजन में अन्नदाता खाद के लिए दर-दर भटक रहा है. हालात यह हैं कि प्रदेश में पुलिस के पहरे के बीच खाद बांटा जा रहा है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि सरकार किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है. टीकाराम जूली ने स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी किसानों की इस गंभीर समस्या को लेकर सीधे जनता के बीच जाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी.

भाजपा का पलटवार, विपक्ष पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोपविपक्ष के तीखे हमलों के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि खाद की उपलब्धता को लेकर कांग्रेस केवल राजनीतिक माहौल बनाने और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है. मदन राठौड़ ने दावा किया कि केंद्र और राज्य स्तर पर उर्वरक आपूर्ति की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है और किसानों की मांग के अनुरूप ही वितरण कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी हाल में किसान को परेशान नहीं होने देगी. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि जिस तरह निकाय चुनाव में जनता ने भाजपा पर भरोसा जताया था, ठीक उसी तरह पंचायत चुनाव में भी ग्रामीण जनता विपक्ष के झूठे भ्रम का करारा जवाब देगी. हालांकि, सत्ताधारी दल होने के नाते ग्रामीण क्षेत्रों में खाद की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करना भाजपा के लिए एक बड़ी परीक्षा बनी हुई है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Jaipur,Jaipur,Rajasthan

First Published :

October 08, 2026, 12:14 IST

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