गाजीपुर की गो ग्रीन नर्सरी में मिल रहा महाराष्ट्र का हाइब्रिड गुलाब, घर के ऑगन में लगाएं, हो जाएगा रंग-बिरंगा, जानें टिप्स

Last Updated:October 04, 2026, 08:29 IST
Rose Planting Tips: गाजीपुर की गो ग्रीन नर्सरी में महाराष्ट्र की गुलाब वैरायटी मिल रही है. पुणे से आने वाले इन हाइब्रिड गुलाब के पौधों की कीमत ₹150 से ₹170 है. सर्दियों में इनका लुक और फूल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं. हरी पत्तियों के बीच हल्के गुलाबी और कोरल शेड वाला गुलाब खिला हुआ दिखाई दे रहा है. फूल की पंखुड़ियों में रंग का हल्का बदलाव भी नजर आता है. गुलाब की वैज्ञानिक खेती में सिंचाई प्रबंधन को भी महत्वपूर्ण माना गया है. आईसीएआर-आईएआरआई ने 2026 में गुलाब उत्पादन से जुड़े कार्यक्रम में सिंचाई प्रबंधन को वैज्ञानिक गुलाब उत्पादन की महत्वपूर्ण तकनीकों में शामिल किया है.
गाजीपुर के गो ग्रीन नर्सरी में यह महाराष्ट्र की गुलाब की वैरायटी मिल रही है. आजाद अली का कहना है कि पुणे से आने वाले पौधों के साथ वहां की मिट्टी और खेती की परिस्थितियों का भी संदर्भ मिलता है. नर्सरी में इन पौधों को गाजीपुर के वातावरण में तैयार किया जा रहा है. उनके मुताबिक, सर्दियों के मौसम में इन गुलाब के पौधों का लुक और फूल लोगों को खास तौर पर आकर्षित कर रहा है.
ग्रीन नर्सरी में उपलब्ध इन हाइब्रिड गुलाब के पौधों की कीमत करीब ₹150 से ₹170 के आसपास बताई जा रही है. पौधे के आकार और उपलब्धता के हिसाब से कीमत में अंतर हो सकता है. गुलाब की पंखुड़ियों और आसपास की हरी पत्तियों पर पानी की बूंदें साफ दिखाई दे रही हैं. फूल लाल में नजर आता है. गुलाब की वैज्ञानिक खेती में रूटस्टॉक से निकलने वाले ऐसे शूट को हटाने की प्रक्रिया को डीसकरिंग कहा जाता है.
पानी की हल्की बूंदों से भीगे हुए गहरे गुलाबी रंग के ये खिले हुए गुलाब अपनी घनी पंखुड़ियों और शानदार बनावट से सबका ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं. एक ही पौधे पर कई कलियों और फूलों का एक साथ खिलना यह दर्शाता है कि इनकी ग्राफ्टिंग कितनी बेहतरीन तरीके से की गई है. गमले में गुलाब लगाते समय ऐसी मिट्टी बेहतर होती है जिसमें पानी आसानी से निकल सके और जैविक पदार्थ मौजूद हों.
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गमले में लगा गुलाब का पौधा दिखाई दे रहा है. पौधे की शाखाओं पर नई पत्तियां और छोटी कलियां नजर आ रही हैं. आसपास कई दूसरे गमले भी रखे हैं.गमले में गुलाब लगाते समय ऐसी मिट्टी बेहतर होती है जिसमें पानी आसानी से निकल सके और जैविक पदार्थ मौजूद हों. बहुत ज्यादा पानी रोकने वाली मिट्टी पौधे के लिए समस्या पैदा कर सकती है.
हरी पत्तियों के बीच हल्के गुलाबी और कोरल शेड वाला गुलाब खिला हुआ दिखाई दे रहा है. फूल की पंखुड़ियों में रंग का हल्का बदलाव भी नजर आता है. गुलाब की वैज्ञानिक खेती में सिंचाई प्रबंधन को भी महत्वपूर्ण माना गया है. आईसीएआर-आईएआरआई ने 2026 में गुलाब उत्पादन से जुड़े कार्यक्रम में सिंचाई प्रबंधन को वैज्ञानिक गुलाब उत्पादन की महत्वपूर्ण तकनीकों में शामिल किया है.
गुलाब की पंखुड़ियों और आसपास की हरी पत्तियों पर पानी की बूंदें साफ दिखाई दे रही हैं. फूल हल्के सफेद शेड का है. पत्तियों पर असामान्य दाग, कीटों की मौजूदगी, कमजोर तना या अत्यधिक सूखी पत्तियां दिखाई दें तो पौधे की स्थिति के बारे में नर्सरी संचालक से जानकारी लें.
गमले में लगा गुलाब अलग रंग के कारण ध्यान आकर्षित करता है. फूल में नारंगी दिखाई दे रहे हैं। इसकी चमकदार हरी पत्तियां फूल को और उभारती हैंगमले में गुलाब लगाते समय ऐसी मिट्टी बेहतर होती है जिसमें पानी आसानी से निकल सके और जैविक पदार्थ मौजूद हों. बहुत ज्यादा पानी रोकने वाली मिट्टी पौधे के लिए समस्या पैदा कर सकती है.
ग्रीन नर्सरी में उपलब्ध इन हाइब्रिड गुलाब के पौधों की कीमत करीब ₹150 से ₹170 के आसपास बताई जा रही है.पौधे के आकार और उपलब्धता के हिसाब से कीमत में अंतर हो सकता है.नर्सरी में इन पौधों को गाजीपुर के वातावरण में तैयार किया जा रहा है. गुलाब को अच्छी रोशनी पसंद होती है. इसलिए घर में पौधा रखने के लिए ऐसी जगह चुनना जरूरी है, जहां उसे पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी मिल सके.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। उत्तर प्रदेश की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|First Published :
October 04, 2026, 08:29 IST



