गुलाबी नगर के जगतपुरा में अब 3 चौराहे होंगे ‘सिग्लन फ्री’, जेडीए ने की बड़ी तैयारी, जानें पूरी प्लानिंग

जयपुर. गुलाबी नगर के जगतपुरा इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था को बदलने की तैयारी शुरू हो गई है. जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) हरे कृष्णा मार्ग यानी महल रोड के तीन प्रमुख चौराहों को सिग्नल फ्री करने जा रहा है. नई व्यवस्था में वाहनों को रेड सिग्नल पर रुकने के बजाय यू-टर्न के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा. जेडीए ने 21 सितंबर से इन तीनों चौराहों पर नई ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए सात यू-टर्न स्ट्रक्चर प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें से तीन का निर्माण पूरा हो चुका है. जेडीए के मुताबिक इसका उद्देश्य चौराहों पर वाहनों की लगातार आवाजाही बनाए रखना है.
साथ ही सिग्नल पर लगने वाले इंतजार को खत्म करना है. हालांकि, सिग्नल हटाकर यू-टर्न व्यवस्था लागू करने से ट्रैफिक सुरक्षा को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं. महल रोड पर अस्पताल होने के कारण एंबुलेंस की आवाजाही को लेकर भी विशेष सावधानी जरूरी होगी. नई व्यवस्था लागू करने से पहले जेडीए और ट्रैफिक पुलिस 18 सितंबर को संयुक्त निरीक्षण करेंगे. वहीं स्थानीय लोगों और संस्थानों के प्रतिनिधियों से भी सुझाव लिए जाएंगे.
इन 3 चौराहों पर बदलेगी व्यवस्था
नई व्यवस्था के तहत जीवन रेखा हॉस्पिटल चौराहा, मुंबई हॉस्पिटल चौराहा और अक्षय पात्र चौराहे को सिग्नल फ्री किया जाएगा. इन स्थानों पर यू-टर्न के जरिए वाहनों की आवाजाही कराई जाएगी. जेडीए का कहना है कि इससे महल रोड पर ट्रैफिक फ्लो बेहतर होगा और वाहन चालकों को सिग्नल पर रुकने की जरूरत कम पड़ेगी.
आज होगा यू-टर्न का परीक्षण
जेडीए और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी आज महल रोड का संयुक्त निरीक्षण करेंगे. यू-टर्न स्ट्रक्चर पर वाहनों की आवाजाही का परीक्षण कर यह देखा जाएगा कि अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों को कोई परेशानी तो नहीं हो रही. जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने अधिकारियों को ट्रैफिक पुलिस के साथ लगातार समन्वय रखने के निर्देश दिए हैं. जेडीए ने आज दोपहर 2:30 बजे मंथन सभागार में स्थानीय लोगों और संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई है. इसमें नई व्यवस्था को लेकर सुझाव और संभावित समस्याओं पर चर्चा होगी. अस्पतालों और आसपास के संस्थानों की आवाजाही को भी ध्यान में रखा जाएगा.
सिग्नल हटने के बाद सुरक्षा की चुनौती
नई व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों ने कुछ संभावित चुनौतियां भी बताई हैं. यू-टर्न पर वाहनों की कतार लगने से सड़क पर दबाव बढ़ सकता है. अस्पतालों के कारण एंबुलेंस की निर्बाध आवाजाही अहम होगी. इसके अलावा गलत कट, गलत लेन या गलत दिशा में वाहन चलाने से हादसे का खतरा बढ़ सकता है. पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग की व्यवस्था भी जरूरी होगी. बड़े वाहनों के यू-टर्न लेने पर पीछे वाहनों की कतार लगने की आशंका भी है.
21 सितंबर से सिग्नल फ्री करने की तैयारी
जेडीए का लक्ष्य 21 सितंबर से तीनों चौराहों को सिग्नल फ्री करना है. अधिकारियों के अनुसार परीक्षण के दौरान सामने आने वाली समस्याओं को दूर किया जाएगा. यदि नई व्यवस्था में ट्रैफिक सुचारू रहा तो भविष्य में जयपुर के अन्य व्यस्त चौराहों पर भी यू-टर्न आधारित मॉडल लागू किया जा सकता है.



