Recipe: देसी ककड़ी की ऐसी सब्जी नहीं खाई होगी, स्वाद ऐसा कि बाजरे के सोगरे के साथ थाली साफ हो जाएगी

पाली. राजस्थान में हैं और राजस्थानी तड़का जबतक घर में नहीं लगे तो कुछ अधूरा अधूरा सा लगता है. मगर हर बार वही राजस्थानी स्टाइल की सब्जियां खाकर भी बोर हो चुके हैं और चाहते हैं कि कुछ नया हो तो सलाद में काम आने वाली देसी ककडी को अब अपने कीचन का किंग बनाइये और अपने मसालो के जादू से ऐसा राजस्थानी तडका तैयार करिए कि जिसको खाकर लोग उंगुलियां चांटते रह जाए. बारिश के मौसम में खेतों में लगने वाली ‘देसी ककड़ी’ और चूल्हे पर सिंका हुआ ‘बाजरे का सोगरा’ सोचकर ही भूख लग गई ना? जब इस चटपटी, लहसुनी ककड़ी की सब्जी को खूब सारे देसी घी से लथपथ सोगरे और काचरे की चटनी के साथ खाया जाता है, तो बड़े-बड़े पकवान भी इसके आगे फीके लगते हैं. तो चलिए, बिना किसी देरी के बनाते हैं मारवाड़ की यह ठेठ देसी और पारंपरिक थाली.
इस पारंपरिक रेसिपी को बनाने के लिए 500 ग्राम ककड़ी लें. इसे अच्छी तरह धोकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें 2 बड़े चम्मच सरसों का तेल या देसी घी इस्तेमाल किया जाता है. सरसों के तेल में बनाने पर सब्जी का स्वाद और खुशबू ज्यादा उभरकर आती है. मसाले के लिए 10-12 लहसुन की कलियां सिलबट्टे पर दरदरी कूट लें. इसके अलावा 1-1 छोटा चम्मच जीरा और राई, 2 चुटकी हींग, 2 छोटे चम्मच लाल मिर्च पाउडर, आधा छोटा चम्मच हल्दी और डेढ़ छोटा चम्मच धनिया पाउडर लें.
दही, धनिया और नमक स्वाद में लाता है निखार
अब इसको थोड़ा नमकीन बनाने के लिए आप अपने स्वाद अनुसार नमक डाल सकतें है. साथ ही हल्का खट्टा बनाने के लिए आपको दही की जरूरत पड़ेगी और इस दही से आपकी ग्रेवी न केवल गाढ़ी बनेगी बल्कि चटपटी बनने के साथ ही आपके इस देसी फूड के स्वाद को भी बढ़ा देगी. बाद में आपको जरूरत पड़ेगी हरा धनिया की जो हर सब्जी की सजावट क्वीन कही जाती है.
अब हर एक स्टेप के साथ समझे बनाने की तकनीक
सबसे पहले ककड़ी को धो लें. देसी ककड़ी को छीलने की जरूरत नहीं होती, बस इसके गोल या चौकोर टुकड़े काट लें. काटने से पहले थोड़ा चख जरूर लें ताकि ककड़ी कड़वी ना हो. एक कटोरी में कुटा हुआ लहसुन, लाल मिर्च, हल्दी, धनिया पाउडर और नमक डालें. इसमें थोड़ा सा पानी मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें. यह ठेठ देसी तरीका है जिससे मसाले जलते नहीं हैं और रंग बहुत शानदार आता है.
जानें तड़का लगाने और मसाला भूनने की कला
अब एक लोहे की कड़ाही या पैन में सरसों का तेल गरम करें. तेल के धुआं छोड़ने पर गैस धीमी करें और उसमें जीरा, राई और हींग डाल दें. जब राई चटकने लगे, तब कटोरी वाला मसाला पेस्ट डाल दें. इसे तब तक भूनें जब तक कि मसाला तेल ना छोड़ दे और लहसुन की सोंधी महक पूरे घर में ना फैल जाए.अब इसमें फेंटा हुआ दही डालें और लगातार चलाते रहें ताकि दही फटे नहीं. एक उबाल आने दें. अब कटी हुई देसी ककड़ी कड़ाही में डालें और मसाले के साथ अच्छे से मिला लें.
बाजरे के सोगरे के साथ परोसें देसी सब्जी
ककड़ी अपना पानी खुद छोड़ती है, इसलिए जरूरत हो तभी थोड़ा सा पानी डालें. ढक्कन लगाकर धीमी आंच पर 10-12 मिनट तक पकने दें जब तक ककड़ी नरम ना हो जाए. गैस बंद करें और ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डाल दें. आपकी मसालेदार देसी ककड़ी तैयार है. इस सब्जी का असली मजा बाजरे के सोगरे के साथ है. सोगरे को बीच में से थोड़ा सा फोड़कर उसमें अच्छे से देसी घी या सफेद मक्खन भरें. साथ में लहसुन-लाल मिर्च की चटनी, छाछ का गिलास और कच्चा प्याज रखें. यह देसी थाली आपके दिल को खुश कर देगी.



