Rajasthan

जयपुर के पुराने धार्मिक स्थल की बदलेगी सूरत, बनेगा लैंडस्केपिंग-फाउंटेन पार्क, पिंक स्टोन से सजेगा मंदिर परिसर

Last Updated:October 04, 2026, 14:20 IST

Galta Teerth Jaipur: जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा 2 करोड़ की लागत से श्रद्धालुओं के लिए लैंडस्केपिंग पार्क, फाउंटेन पार्क विकसित किए जाएंगे और गलता तीर्थ को जयपुर हेरिटेज शैली में संवर कर इस मंदिर का कायाकल्प किया जाएगा.

जयपुर के धार्मिक स्थल और मंदिर दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं. जहां देश-दुनिया से पर्यटक पहुंचते हैं, इसलिए लगातार जयपुर के धार्मिक स्थलों पर उनके जीणोद्धार और विकास के लिए करोड़ रुपए खर्च किए जायेंगे हैं. ऐसे ही जयपुर स्थित गलतापीठ जो उत्तर भारत श्री वैष्णव रामानुज संप्रदाय की प्रधानपीठ का मंदिर है. जहां जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा 2 करोड़ की लागत से श्रद्धालुओं के लिए लैंडस्केपिंग पार्क, फाउंटेन पार्क विकसित किए जाएंगे और गलता तीर्थ को जयपुर हेरिटेज शैली में संवर कर इस मंदिर का कायाकल्प किया जाएगा.

जयपुर के सबसे प्राचीन धार्मिक स्थल गलता तीर्थ पर जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा अगले 6 से 8 महिनों में इसे पारंपरिक जयपुर हेरिटेज शैली के रूप में विकसित किया जाएगा. जहां गलता तीर्थ जाने वाले रास्ते से लेकर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं, हॉर्टिकल्चर, ग्रीनरी हेरिटेज संरक्षण, फ्लोरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े खास काम होंगे जो मंदिर को हेरिटेज फिनिशिंग देंगे और मंदिर में आने वाले पर्यटकों को यहां खास सुविधाएं मिलेंगी. जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा इस खास डवलमेंट के लिए प्लान तैयार कर लिया गया हैं.

गलता तीर्थ स्थल पर जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा कई किए जाएंगे. इनमें मंदिर परिसर के मूल ऐतिहासिक स्वरूप को संरक्षित रखने के लिए पारंपरिक जयपुर स्टाइल ऑर्नामेंटल वर्क कराया जाएगा. इसमें गोला, गरदाना, कंगूरा और सजावटी लाइनिंग का काम शामिल होगा. इसके अलावा दीवारों पर रफ कास्ट प्लास्टर के साथ हेरिटेज लुक देने वाले पीले व गुलाबी रंग का एक्सटीरियर पेंट और डिस्टेंपर किया जाएगा. इसके अलावा श्रृद्धालुओं के लिए मंदिर में लैंडस्केपिंग पार्क, फाउंटेन पार्क तैयार होंगे.

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गलता तीर्थ मंदिरों के परिसर की भव्यता बढ़ाने के लिए बंसी पहाड़पुर का 30-35 एमएम मोटाई वाला खास पिंक सैंड स्टोन लगाया जाएगा. इसके अलावा मंदिर परिसर, रास्तों व खुले हिस्सों में पैटर्न डिजाइन में ब्लैक कडप्पा कोबल स्टोन की फ्लोरिंग बिछाई जाएगी. साथ ही मंदिर के अलग-अलग हिस्सों के परिसर में सीढ़ियों व फर्श पर कोटा स्टोन तथा दीवारों व शौचालयों में मार्बल-ग्रेनाइट शेड की प्रीमियम टाइल्स लगाईं जाएगी. साथ ही मंदिर में भक्तों की सुविधा और सुरक्षा के लिए एंगल आयरन पोस्ट के साथ चेन लिंक फेंसिंग लगाई जाएगी.

गलता मंदिर परिसर के सभी मंदिरों में छोटी-छोटी काम भी होंगें इनमें मंदिरों की नींव, दीवारों और मजबूत ड्रेनेज सिस्टम को सुव्यवस्थित किया जाएगा. इसके अलावा छतों को सुरक्षित करने के लिए वाटरप्रूफिंग और कॉरुगेटेड जीएस शीट रूफिंग की जाएगी. श्रद्धालुओं के लिए नए टॉयलेट ब्लॉक, पीवीसी पाइपलाइन नेटवर्क और रास्तों पर आईआरसी मानकों वाले रेट्रो-रिफ्लेक्टिव दिशा सूचक बोर्ड लगाए जाएंगे और मंदिर में ग्रीनरी व लॉन श्रद्धालुओं के बैठने के लिए आकर्षक पौधों से भव्य ग्रीन लॉन और लैंडस्केपिंग तैयार होगी.

गलता तीर्थ का यह मंदिर जयपुर के बाकी मंदिरों से खास हैं. क्योंकि यहां जयपुर में घूमने वाले पर्यटक सबसे ज्यादा आते हैं, गलता तीर्थ खासतौर पर हिंदू देवताओं, विवाह, पौराणिक कथाओं के भित्तिचित्रों के लिए भी प्रसिद्ध हैं, यहां एक ही स्थान पर 15 से अधिक मंदिर बने हुए हैं. मंदिर में एक खास विशाल गो मुख कुंड हैं जहां पहाड़ियों के बीच से जल निकलता हैं. जो गलता तीर्थ का सबसे प्राचीन और प्रमुख स्थलों में से एक हैं. इसलिए कार्तिक मास, मकर संक्रांति, सूर्यग्रहण, चन्द्रग्रहण पर यहां स्नान की खास मान्यता हैं.

गलता मंदिर जयपुर का ऐसा अनोखा मंदिर हैं. जहां हजारों की संख्या में बंदर हैं, इसलिए इस मंदिर को राजस्थान के मंकी टेंपल के रूप में भी जाना जाता हैं, यहां इस मंदिर में अलग-अलग प्रजाति के सैकड़ों बंदर देखने को मिलते हैं. हालही में इस मंदिर को मंकी टेंपल के रूप में घोषित कर बंदरों के संरक्षण के लिए खास बजट दिया गया था. यहां स्थित बंदर अनोखे है. जो पर्यटकों के साथ सादगीपूर्ण व्यवहार करते हैं, इसलिए नेशनल ज्योग्राफी चैनल ने यहां के बन्दरों पर सीरीज बनाकर टेलीकॉस्ट की है.

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October 04, 2026, 14:20 IST

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