Health

जहरीली शराब में ऐसा क्या होता है कि इंसान के लिए बन जाता है जहर, क्या इसकी पहचान पहले संभव है, जानिए डॉक्टर की राय

Last Updated:September 09, 2026, 19:26 IST

How Liquor Turn Toxic: अक्सर आप सुनते होंगे कि जहरीली शराब पीने से कुछ लोगों की मौत हो गई. लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि शराब जहरीली क्यों हो जाती है. यह शरीर में कैसे बन जाती है जहरीली. हकीकत यह भी है कि कुछ लोग जब उसी शराब को पीते हैं तो उसके शरीर में वह जहर नहीं बनता लेकिन कुछ लोगों को इसके कारण अपनी जान देनी पड़ती है. ऐसा क्यों होता है. मैक्स अस्पताल में इंटरनल मेडिसीन के डायरेक्टर डॉ. प्रभात रंजन सिन्हा से हमने इसी बात को जानने की कोशिश की.जहरीली शराब में ऐसा क्या होता है कि इंसान के लिए बन जाता है जहर, क्या है पहचानZoomशराब शरीर के अंदर क्या करती है.

शराब रासायनिक तौर पर मुख्य रूप से एथेनॉल या इथाइल अल्कोहल है. आम भाषा में इसे अल्कोहल बोलकर काम चला लेते हैं. शराब में मुख्य रूप से कार्बन, हाइड्रोन और ऑक्सीजन होती है. लेकिन सिर्फ इसे पिया नहीं जाता. इसे पीने योग्य बनाने के लिए इसमें सबसे ज्यादा पानी मिलाया जाता है. इसके बाद फर्मटेंशन की प्रक्रिया के दौरान इसमें बहुत कम-कम मात्रा में फलों से बने एस्टर का इस्तेमाल किया जाता है जिससे फल जैसा स्वाद आता है. इसके अलावा स्वाद और गंध के लिए एल्डिहाइड और फूसेल्स मिलाया जाता है. अगर फर्मटेंशन लकड़ी के पीपों में किया जाता है तो इसमें टैनिन भी मिल जाता है. इथेनॉल बनाने के लिए नियत सूत्र होता है. लेकिन जब इथेनॉल में मिथेनॉल मिलाया जाता है तो यह जानलेवा हो सकता है. यहीं से सारी दिक्कतें शुरू हो जाती है. हमने मैक्स हेल्थकेयर में इंटरनल मेडिसीन के डायरेक्टर और यूनिट हेड डॉ. प्रभात रंजन सिन्हा से पूछा कि यह शराब शरीर में जाकर करती क्या है और क्यों जहर बन जाती है जिससे लोगों की मौत तक हो जाती है.

क्या शराब सच में जहरीला होता है

डॉ. प्रभात रंजन सिन्हा ने बताया कि सबसे पहले तो यह समझिए कि सही तरीके से बना इथेनॉल अगर कोई व्यक्ति सीमित मात्रा में पिए तो इसका शरीर में जहर बनने का चांस न के बराबर होता है. जहर तब बनता जब इथेनॉल के साथ-साथ इसमें मिथाइल अल्कोहल अलग से मिलाया जाता है. घटिया और सस्ती शराब में मिथाइल अल्कोहल मिलाया जाता है. यह अवैध होती है और इसे बिना किसी फॉर्मूले के तहत चोरी-छिपी बनाई जाती है. इस तरह के शराब में आमतौर पर नौसादर जैसी कई सस्ती चीजें मिलाई जाती है जो एक तरह से मिथाइल अल्कोहल को बनाती है. यह मिथाइल अल्कोहल जहर ही है. यह मिथेनॉल पेट में जाते ही फॉर्मलाडेहाइड और फॉर्मिक एसिड में बदल जाता है, जो सीधे इंसान के नर्वस सिस्टम, लिवर और आंखों की नसों पर हमला करता है. इसका अंजाम जानलेवा हो सकता है. डॉ. प्रभात रंजन ने बताया कि वैसे तो किसी भी तरह का शराब सेहत के लिए सही नहीं है लेकिन वास्तव में यह शराब होती ही नहीं है क्योंकि इसमें मिथाइल अल्कोहल मिलाया जाता है. इसलिए हम जहरीली शराब कहते हैं तो वास्तव में मिथाइल अल्कोहल होता है जो अपने आप में जहर है.

जहरीली शराब शरीर को किस तरह से मारती है

डॉ. प्रभात रंजन सिन्हा ने बताया कि जो सचमुच की शराब होती है वह पेट में जाकर लिवर द्वारा मेटाबोलाइज होती है. लिवर अपने कई एंजाइमों की मदद से इथाइल अल्कोहल को विभिन्न तत्वों में तोड़कर उसे एसीटैल्डिहाइड में बदल देती है. यह भी नुकसानदेह है लेकिन अगर यह शराब, शराब न होकर जहरीली शराब है यानी इसमें मिथाइल अल्कोहल मिलाया गया तो यह सीधे फॉर्मलडिहाइड और फिर फॉर्मिक एसिड में बदल जाता है. फॉर्मलडिहाइड और फॉर्मिक एसिड दोनों अत्यंत जहरीला और कैंसरकारक तत्व है. फॉर्मलडिहाड बहुत ज्यादा घातक होता है. यह सीधे लिवर की कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त करने लगता है. इससे लिवर फेल्योर हो सकता है, आंतों को फाड़ सकता है और आंखों की ऑप्टिक नर्व को तोड़ सकता है. यह ब्लड ब्रेन बैरियर को तोड़ देता है. इसके कारण दिमाग की सारी नसें भी डैमेज होने लगती है. मरीज को पेरिटोनाइटिस हो सकता है जिसके कारण पेट की अंदरुनी परत में जानलेवा सूजन होने लगेगी. इस हाल में मिर्गी का दौड़ा पड़ने लगेगा. मरीज को उल्टी होगी. वह बेहोश भी हो सकता है. एक तरह से शरीर के महत्वपूर्ण अंग किडनी, लिवर, हार्ट सबको डैमेज कर सकता है. फॉर्मिक एसिड खून में घुलकर कोशिकाओं के अंदर माइटोकॉन्ड्रिया को बंद कर देता है. माइटोकॉन्ड्रिया ही शरीर के लिए एनर्जी बनाता है. इसके कारण कोशिकाएं ऑक्सीजन का इस्तेमाल नहीं कर पातीं. इसके कारण मेटाबॉलिक एसिडोसिस यानी खून में खतरनाक तेजाब बनाने लगता है. इस कारण किडनी, लिवर और हार्ट काम करना बंद कर देते हैं. जब मस्तिष्क की कोशिकाओं को ऑक्सीजन मिलना बंद हो जाती है तो सांस लेने की प्रक्रिया रुक जाती है. इंसान कोमा में चला जाता है और मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण उसकी मौत हो जाती है.

तो क्या जहरीली शराब की पहचान हो सकती है

दुर्भाग्य से अगर जहरीली शराब मार्केट में आए तो इसका खुद से पहचान करना मुश्किल हो सकता है. इसके लिए लैब जाना होगा. इसलिए अगर कोई घटिया स्तर वाली शराब यानी जहरीली शराब पीता है तो पीने से पहले या स्वाद के हिसाब से ऐसा कोई तरीका नहीं है जिससे जहरीली शराब को पहचाना जा सके. यानी इसे चखकर नहीं पहचाना जा सकता है.

कितनी मात्रा में शराब जहर बन जाती

डॉ. प्रभात सिन्हा बताते हैं कि अगर शराब में मिथाइल अल्कोहल मिला हुआ है तो इसकी रत्ती भर मात्रा भी जहर ही है क्योंकि मिथाइल अल्कोहल पूरी तरह से जहर है. अब सवाल है कि किसी को कम असर करता है किसी को ज्यादा. इसके लिए कई कारक जिम्मेदार हो सकते हैं. हो सकता है कि किसी का मेटाबोलिज्म बहुत बेहतरीन काम कर रहा है जिससे जल्दी-जल्दी इस जहर को अन्य चीजों में परिवर्तित कर शरीर से बाहर भेज देता है लेकिन अगर यह मिथाइल अल्कोहल है तो असर सब पर करेगा. किसी में कम किसी में ज्यादा. जिस व्यक्ति के शरीर में जितना अधिक मिथाइल अल्कोहल जाएगा उसके शरीर में उतनी जल्दी अंग डैमेज होंगे.

फिर शराब पीने वाले क्या करें

डॉ. प्रभात रंजन सिन्हा ने बताया कि आदर्श स्थिति यही है कि शराब पिए ही नहीं क्योंकि शराब हर तरह से नुकसानदेह है. इसके बावजूद अगर आप शराब पीना ही चाहते हैं तो बेहतरीन क्वालिटी की शराब पीजिए. बेशक आप साल में एक बार पीजिए लेकिन बेहतरीन गुणवत्ता वाली शराब पिए. घटिया स्तर वाली, लूज और कम पैसे वाली शराब में अक्सर मिथाइल अल्कोहल होने का खतरा होता है. इसलिए यह काम न करें. शराब पीने के दौरान अधिक मात्रा में पानी पिएं ताकि शराब जल्दी से डायल्यूट हो जाए. वैसे अगर मेरी माननी है तो शराब न पिएं.

About the AuthorLakshmi Narayan

मीडिया में 20 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले लक्ष्मी नारायण पत्रकारिता के हर विधा में माहिर हैं. भविष्य की आहट और ट्रेंड्स को समय से पहले भांपने की अद्भुत कला उनके अंदर समाहि…

और पढ़ेंLocation :

New Delhi,New Delhi,Delhi

First Published :

September 09, 2026, 19:26 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj