जालोर में बिना सेफ्टी बेल्ट दौड़ रहे ग्रेनाइट ट्रक, DTO ऑफिस के सामने से गुजरते वाहन, हादसे का डर

Last Updated:August 26, 2026, 17:43 IST
Jalore Hindi News: जालोर में ग्रेनाइट ब्लॉक लेकर चल रहे ट्रकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं. आरोप है कि कई ट्रक बिना सेफ्टी बेल्ट और पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के सड़कों पर दौड़ रहे हैं. ऐसे वाहन डीटीओ ऑफिस के सामने से भी गुजरते नजर आ रहे हैं. भारी ग्रेनाइट ब्लॉक लदे ट्रकों से सड़क पर हादसे की आशंका बनी हुई है. स्थानीय स्तर पर परिवहन नियमों की सख्ती से पालना और जांच की मांग उठ रही है.
ख़बरें फटाफट
जालोर में सड़क पर खतरा बनकर दौड़ रहे ग्रेनाइट ट्रक
जालोर. शहर में ग्रेनाइट के भारी ब्लॉक लेकर गुजर रहे ट्रकों में सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी सामने आ रही है. कई ट्रक बिना सेफ्टी बेल्ट और ओवरलोड ब्लॉक लेकर शहर की सड़कों से गुजर रहे हैं. ऐसे में ब्लॉक गिरने की आशंका के कारण राहगीरों और वाहन चालकों की जान पर हर समय खतरा बना हुआ है. जालोर में बड़ी संख्या में ग्रेनाइट इकाइयां होने के कारण रोजाना सैकड़ों ट्रकों में बड़े और भारी ग्रेनाइट ब्लॉक लोड कर परिवहन किए जाते हैं. इनमें से कई ब्लॉक राजसमंद और किशनगढ़ सहित अन्य क्षेत्रों में भेजे जाते हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई ट्रकों में ब्लॉक को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के बिना लोड किया जाता है.
इसके अलावा क्षमता से अधिक वजन लेकर भी ट्रक शहर की सड़कों पर दौड़ रहे हैं. हालांकि मामले में जालोर डीटीओ ओम प्रकाश का कहना है कि जिले में प्रभावी निगरानी के लिए 2 फ्लाइंट टीम की जरूरत है, लेकिन अभी हमारे पास सिर्फ एक ही टीम है. इसके बाद भी हमारा पूरा प्रयास है कि हम प्रभावी निगरानी रखें.
ट्रांसपोर्ट ऑफिस के सामने से गुजर रहेशहर के दोनों और टू-फेज और थर्ड-फेज क्षेत्र में बड़ी संख्या में ग्रेनाइट फैक्ट्रियां हैं. वहीं जालोर-भीनमाल रोड पर परिवहन विभाग का ऑफिस (डीटीओ) भी है. इसके बावजूद बिना सेफ्टी बेल्ट और ओवरलोड ब्लॉक लेकर ट्रक दिनभर कार्यालय के सामने से गुजरते हैं. लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ट्रक चालकों के हौसले बुलंद हैं. जानकारी के अनुसार, शहर के दोनों ओर स्थित ग्रेनाइट इकाइयों से प्रतिदिन करीब 250 से 300 ट्रक निकलते हैं. इनमें 50 से अधिक ट्रकों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और ओवरलोडिंग की शिकायत सामने आ रही है. लोगों का सवाल है कि परिवहन विभाग की मौजूदगी के बावजूद ऐसे वाहनों पर नियमित कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है.
पहले भी सड़क पर गिर चुके हैं भारी ब्लॉकआहोर उपखंड के कोराना गांव में करीब आठ महीने पहले सड़क धंसने से ग्रेनाइट ब्लॉक से भरा ट्रक बेकाबू हो गया था. ट्रक में लदे तीन भारी ब्लॉक सड़क पर गिर गए थे. गनीमत रही कि उस समय मौके पर कोई राहगीर या दूसरा वाहन मौजूद नहीं था. वहीं करीब एक साल पहले रामसीन के सिरोही रोड पर सड़क के बीच एक बड़ा ग्रेनाइट ब्लॉक गिर गया था. इससे यातायात प्रभावित होने के साथ सड़क भी क्षतिग्रस्त हुई थी. जिला मुख्यालय की धवला रोड, स्वरूपपुरा रोड, आहोर रोड सहित अन्य मार्गों पर भी बिना पर्याप्त सुरक्षा के भारी ब्लॉक ले जाने वाले ट्रक नजर आते हैं. स्थानीय लोगों ने परिवहन विभाग से ऐसे वाहनों की नियमित जांच करने, ओवरलोडिंग पर कार्रवाई करने और ब्लॉक को सुरक्षित तरीके से बांधकर परिवहन करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके.
फ्लाइंट टीम की जरूरत, लेकिन फिलहाल सिर्फ एकजालोर डीटीओ ओम प्रकाश ने बताया कि जिले में प्रभावी निगरानी के लिए कम से कम दो फ्लाइंग टीम की जरूरत है, लेकिन वर्तमान में विभाग के पास सिर्फ एक फ्लाइंग टीम उपलब्ध है. टीम की नजर में ओवरलोड या नियमों का उल्लंघन करते वाहन आने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है. डीटीओ ने बताया कि पिछले साल में परिवहन विभाग की टीम ने ओवरलोडिंग और बिना सीट बेल्ट के कुल 329 चालान किए हैं. इसके अलावा खनिज या अन्य सामग्री की रवानगी के दौरान 887 वाहनों के ओवरलोड पाए जाने पर ऑनलाइन चालान भी किया जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि जिला कलेक्टर और एसपी के निर्देशानुसार वाहन चालकों को नियमों का पालन करने के लिए समझाइश भी की जा रही है. इसके बावजूद कई वाहन चालक लापरवाही बरतते हुए ओवरलोड वाहन सड़क पर दौड़ा रहे हैं. विभाग की ओर से ऐसे वाहनों पर निगरानी रखकर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
और पढ़ेंLocation :
Jalor,Rajasthan
First Published :
August 26, 2026, 17:43 IST



