ढाई साल पहले की थी मंदिर में चोरी, अब सारा सामान वापस रख गया चोर, 2000 रुपए रखकर भगवान से मांगी माफी

Last Updated:September 10, 2026, 14:33 IST
झालावाड़ जिले के बकानी थाना क्षेत्र के करल गांव के प्राचीन नरसिंह मंदिर में ढाई साल पहले हुई चोरी का अजीब और हैरान करने वाला अंत सामने आया है. भगवान के श्रृंगार के मुकुट और जेवरात चुराने वाला चोर खुद ही सब कुछ मंदिर में लौटा गया. साथ में माफी का पत्र और 2000 रुपए भी छोड़ गया. घटना के बाद से गांव में इसे भगवान का चमत्कार और पश्चाताप का मामला बताया जा रहा है.मंदिर में चोरी किया सामान लौटाया ढ़ाई साल बाद लौटाया.
झालावाड में एक मंदिर से ढ़ाई साल पहले चांदी के मुकुट समेत कुछ सामना चोरी हो गया था. अब चोर उसे वापस मंदिर के बाहर थैली में रखकर गया है. साथ में माफी का पर्ची छोड़कर गया है जो गलती का माफीनामा था. इसके अलावा पश्चाताप में उस व्यक्ति ने 2000 रुपए भी छोड़े हैं.
ये है पूरा मामला
करीब ढाई साल पहले अज्ञात चोरों ने रात के अंधेरे में करल गांव के ऐतिहासिक नरसिंह मंदिर को निशाना बनाया था. चोर भगवान के तीन चांदी के मुकुट, एक चांदी का छत्र, लगभग 400 ग्राम चांदी के जेवरात, पीतल का सिंहासन और आरती का सामान चुराकर ले गए थे. ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस में मामला दर्ज कराया था. लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली थे.
आयोजन के बीच लावारिस थैली
इन दिनों मंदिर परिसर में धार्मिक कथा और भजन संध्या का आयोजन चल रहा था. मंगलवार रात भजन संध्या के बाद बुधवार सुबह ग्रामीण भगवान का विमान लेकर गांव में निकले थे. इसके बाद जब मंदिर परिसर की साफ-सफाई की जा रही थी. तब पुजारी मोहनलाल बैरागी को फर्श पर एक हरी पॉलिथीन की थैली पड़ी मिली. पुजारी ने उसे किसी भक्त का छोड़ा हुआ प्रसाद समझकर एक तरफ रख दिया.
थैली खोलते ही सामने आया सच
बुधवार शाम करीब 5 बजे जब पुजारी शाम की पूजा की तैयारी कर रहे थे. उसी समय उनकी नजर दोबारा उस थैली पर पड़ी. जब उन्होंने थैली खोली तो अंदर का नजारा देखकर दंग रह गए. थैली के भीतर ढाई साल पहले चोरी हुए मुकुट और चांदी के जेवरात के छोटे-छोटे टुकड़े भरे हुए थे. उन्हें देखकर लगता था कि उन्हें तोड़ने या गलाने की कोशिश की गई थी.
जय श्री राम के साथ चोर का माफीनामा
थैली में टूटे हुए जेवरात के साथ 2000 रुपये नकद और एक पत्र भी पड़ा हुआ था. जय श्री राम से शुरू हुए उस पत्र में चोर ने लिखा था कि उसने शराब के नशे में धुत होकर यह बड़ी गलती कर दी थी. उसने अपनी इस करतूत के लिए ग्रामीणों से माफी मांगी. चुराए गए जेवरात की मरम्मत कराने के लिए नकद 2000 रुपये भी छोड़ दिए.
गांव में चर्चा और
जैसे ही यह खबर फैली, मंदिर परिसर में ग्रामीणों का भारी जमावड़ा लग गया. अचानक इस तरह चोर का दिल बदलना और भगवान के दरबार में सामान वापस लौटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है. गांव के लोग इसे भगवान का बड़ा चमत्कार और पश्चाताप का उदाहरण मान रहे हैं.
About the Authorसज्जन कुमार दड़बीSenior Sub Editor
Sajan Kumar is a journalist with professional experience in digital news, web journalism, SEO content, copy editing and social media storytelling. He has been working in journalism since 2020 and has worked wit…
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September 10, 2026, 14:33 IST



