त्योहारों पर घर सजाना है तो उदयपुर के इन बाजारों का करें रुख, मिलेंगी खूबसूरत हैंडीक्राफ्ट चीजें

Last Updated:September 11, 2026, 19:25 IST
उदयपुर की हस्तशिल्प कला की अपनी एक अलग पहचान है. यहां लंबे समय से कारीगर अलग-अलग तरह की पारंपरिक सजावटी वस्तुएं तैयार करते आ रहे हैं. इन वस्तुओं में कला और संस्कृति की झलक दिखाई देती है. यही वजह है कि उदयपुर आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह सामान सिर्फ सजावट की चीज नहीं, बल्कि शहर की कला और विरासत से जुड़ी यादगार चीज बन जाता है. आग आप भी त्योहारों में सजावट के लिए हैंडीक्राफ्ट ढूंढ रहे हैं तो इन बाजारों का रुख कर सकते हैं.
त्योहारों का सीजन शुरू होते ही लोग अपने घरों की साफ-सफाई और सजावट की तैयारियों में जुट जाते हैं. अगर आप भी इस बार अपने घर को कुछ अलग और पारंपरिक अंदाज में सजाना चाहते हैं तो उदयपुर के हाथीपोल और मोती चौहट्टा बाजार आपके काम की जगह हो सकते हैं. यहां आपको घर की सजावट से लेकर भगवान के मंदिर को सजाने तक की कई खूबसूरत हैंडीक्राफ्ट चीजें आसानी से मिल जाएंगी.
इन बाजारों की खासियत यह है कि यहां मिलने वाली सजावटी चीजों में पारंपरिक कला की झलक देखने को मिलती है. बाजार में अलग-अलग डिजाइन के दीपक, बाजोट, घंटियां, भगवान की आकर्षक मूर्तियां मिलती हैं. इसके अलावा डेकोरेटिव पीस और कई तरह की सजावटी लाइट्स भी मिल जाएंगी. इन चीजों को घर के अलग-अलग हिस्सों में सजाकर त्योहारों पर घर को खूबसूरत और पारंपरिक लुक दिया जा सकता है.
नजर आती हैं कारीगरों के हाथों की मेहनत
खास बात यह है कि यहां मिलने वाली कई चीजें मशीन से तैयार होने वाली सजावटी चीजों से अलग होती हैं. इनमें पारंपरिक कारीगरी और कारीगरों के हाथों की मेहनत साफ नजर आती है. यही वजह है कि स्थानीय लोगों के साथ-साथ उदयपुर घूमने आने वाले पर्यटक भी इन बाजारों में खरीदारी के लिए पहुंचते हैं. कई पर्यटक यहां से अपनी पसंद की चीजें खरीदकर अपने शहर भी लेकर जाते हैं.
त्योहारों के सीजन में इन बाजारों की रौनक और बढ़ जाती है. दुकानों पर तरह-तरह के हैंडीक्राफ्ट आइटम सज जाते हैं. बाजार में खरीदारी करने वालों की आवाजाही भी बढ़ने लगती है. खासकर घर और पूजा स्थल को पारंपरिक तरीके से सजाने के लिए लोग इन चीजों को पसंद करते हैं. कई लोग अपनी पसंद के डिजाइन और खास सामान की पहले से बुकिंग भी करवाते हैं.
खास है उदयपुर की हस्तशिल्प कला
उदयपुर की हस्तशिल्प कला की अपनी एक अलग पहचान है. यहां लंबे समय से कारीगर अलग-अलग तरह की पारंपरिक सजावटी वस्तुएं तैयार करते आ रहे हैं. इन वस्तुओं में स्थानीय कला और संस्कृति की झलक दिखाई देती है. यही वजह है कि उदयपुर आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह सामान सिर्फ सजावट की चीज नहीं, बल्कि शहर की कला और विरासत से जुड़ी यादगार चीज बन जाता है.
अगर आप भी त्योहारों के इस सीजन में अपने घर को कुछ अलग अंदाज में सजाने की तैयारी कर रहे हैं तो हाथीपोल और मोती चौहट्टा के बाजारों में एक बार जरूर घूम सकते हैं. यहां आपको पूजा से जुड़ी चीजों से लेकर घर की सजावट के लिए कई आकर्षक विकल्प मिल जाएंगे. पारंपरिक लुक पसंद करने वालों के लिए यह बाजार त्योहारों की खरीदारी के लिहाज से खास हो सकता है.
About the Authorसज्जन कुमार दड़बीSenior Sub Editor
Sajan Kumar is a journalist with professional experience in digital news, web journalism, SEO content, copy editing and social media storytelling. He has been working in journalism since 2020 and has worked wit…
और पढ़ेंLocation :
Udaipur,Udaipur,Rajasthan
First Published :
September 11, 2026, 19:25 IST



