नागौर के ये धार्मिक धाम क्यों हैं इतने खास? हर मंदिर से जुड़ी है अनोखी मान्यता और आस्था की कहानी, जानें महत्व

Last Updated:October 30, 2026, 13:32 IST
Nagaur Tourist Places: नागौर जिला अपनी समृद्ध धार्मिक विरासत और प्राचीन आस्था स्थलों के लिए जाना जाता है. यहां स्थित प्रमुख मंदिरों और धार्मिक धामों में सालभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. इन स्थानों से जुड़ी मान्यताएं, परंपराएं और ऐतिहासिक महत्व लोगों को आकर्षित करते हैं. नागौर के फेमस धार्मिक स्थलों के दर्शन न केवल आस्था का अनुभव कराते हैं.
नागौर जिले के खरनाल गांव में स्थित वीर तेजाजी महाराज का मंदिर राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में शामिल है. लोकदेवता वीर तेजाजी का जन्म खरनाल में हुआ था. उन्हें गायों की रक्षा और लोककल्याण के लिए विशेष रूप से पूजा जाता है. यहां राजस्थान सहित अन्य राज्यों से श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं. तेजा दशमी के अवसर पर मंदिर में विशाल मेला भरता है. इस दौरान हजारों श्रद्धालु पहुंचकर लोकदेवता के दर्शन करते हैं.
नागौर किले के आसपास स्थित एक आंख वाले हनुमानजी का मंदिर अपनी अनूठी धार्मिक मान्यता के लिए प्रसिद्ध है. मंदिर में विराजमान हनुमानजी की प्रतिमा अन्य मंदिरों से अलग दिखाई देती है. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का संबंध वीर शिरोमणि अमर सिंह राठौड़ के समय से जुड़ा हुआ है. यहां दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं. मंगलवार और शनिवार को भक्तों की विशेष भीड़ रहती है. धार्मिक आस्था के साथ यह स्थल नागौर के इतिहास में भी अपनी पहचान रखता हैं.
नागौर जिले के गोठ मांगलोद गांव में स्थित दधिमती माता मंदिर राजस्थान के प्राचीन शक्तिपीठों में शामिल है. यह मंदिर करीब 2000 साल पुराना माना जाता है. मंदिर की स्थापत्य कला और प्राचीन शिल्पकला पर्यटकों को आकर्षित करती है. दाधीच ब्राह्मण समाज की कुलदेवी दधिमती माता के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं. नवरात्र के दौरान यहां विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं. मंदिर परिसर में प्राचीन इतिहास और धार्मिक परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिलता है.
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नागौर का जैन कांच मंदिर अपनी अनूठी सजावट और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है. मंदिर में कांच की आकर्षक कलाकारी और सुंदर नक्काशी देखने को मिलती है. जैन धर्म के श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. मंदिर की कलात्मक बनावट इसे अन्य धार्मिक स्थलों से अलग पहचान देती है. नागौर आने वाले पर्यटक यहां धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राचीन स्थापत्य और कलाकारी को भी करीब से देख सकते हैं.
मेड़ता सिटी स्थित मीरा बाई मंदिर धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है. यह मंदिर कृष्ण भक्त मीराबाई की भक्ति और जीवन से जुड़ा हुआ है. मीराबाई ने अपना जीवन भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में समर्पित कर दिया था. यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु भगवान चारभुजानाथ के दर्शन के साथ मीरा बाई की भक्ति परंपरा को करीब से महसूस करते हैं. जन्माष्टमी और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां विशेष आयोजन होते हैं. कृष्ण भक्तों के लिए यह स्थल विशेष महत्व रखता है.
राजस्थान के नागौर जिले में हनुमान जी का एक अनोखा मंदिर मौजूद है. इस मंदिर में नाचते हुए हनुमान जी की पूजा की जाती है. खास बात यह है कि हनुमान जी की मूर्ति के मूंछ भी हैं. इस मंदिर को लेकर स्थानीय लोगों में अनेकों मान्यताएं भी हैं. बताया जाता है कि बालाजी महाराज को नारियल चढ़ाने से भक्तों की मनोकामना पूरी हो जाती है. नाचते हुए मूंछ वाले हनुमान जी के दर्शन के लिए राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के कोने-कोने से भक्त इस मंदिर में आते हैं.यह मंदिर नागौर- नावा- कुचामन के छोटे से गांव सावंतगढ़ में स्थित है.
नागौर जिले के नावां में मरीसर गांव में स्थित पगलिया वाले बाबा धाम स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. यहां बाबा के पगलियों के दर्शन करने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से भक्त पहुंचते हैं. मंदिर में धार्मिक अवसरों पर विशेष पूजा-अर्चना और आयोजन किए जाते हैं. यहां लगने वाले मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं. ग्रामीण क्षेत्र में इस धाम की विशेष मान्यता है और लोग इसे अपनी धार्मिक परंपराओं से जोड़कर देखते हैं.
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October 30, 2026, 13:32 IST



