नाना पाटेकर को ‘इविल डेड’ कहने पर घिरीं तनुश्री दत्ता, अब दे रहीं सफाई- मेरा दर्द कोई नहीं समझ सकता

नई दिल्ली. बॉलीवुड में मीटू आंदोलन के दौरान सुर्खियों में आईं एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं. दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके ‘इविल डेड’ वाले बयान पर खूब बवाल हुआ. सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग के बाद तनुश्री ने अपने कॉमेंट पर बात रखी और उन मुश्किलों को याद किया है, जिसके लिए वह नाना पाटेकर को जिम्मेदार मानती हैं. आईएएनएस से बातचीत में एक्ट्रेस ने मीटू विवाद, केस वापस लेने के कथित दबाव और अपनी मानसिक स्थिति का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उनके साथ क्या हुआ, इसे वही समझ सकता है जिसने वैसी परिस्थितियों का सामना किया हो. तनुश्री ने यह भी दावा किया कि मामले में अहम गवाह को तैयार करने में उन्हें पांच साल लगे थे, लेकिन आखिरकार केस बंद हो गया.
एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर के निधन के बाद दिए अपने बयान पर रिएक्ट किया. उन्होंने कहा कि उस कठिन समय में वे जिन परिस्थितियों से गुजरीं, उसका दर्द कोई नहीं समझ सकता. उनके इस बयान ने नाना पाटेकर से जुड़े पुराने विवाद को एक बार फिर हवा दे दी है. उन्होंने कहा, ‘पिछले पांच साल में मैं जिस दौर से गुजरी हूं और जिन परेशानियों का सामना किया है, उसे कोई नहीं समझ सकता.’
‘मेरे लिए तो वे ‘इविल डेड’ ही हैं’
तनुश्री ने मीटू केस के दौरान हुई परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा, ‘उस समय जो केस चल रहा था. आपको पता है कि केस वापस लेने के लिए मुझ पर कितना दबाव डाला गया था. मुझे लालच दिया गया और धमकियां मिली, लेकिन फिर भी मैंने केस वापस नहीं लिया. फिर, बाद में परेशान करने के लिए मेरी गाड़ी के साथ हादसे करवाने से लेकर फूड पॉइजनिंग कराने तक की कोशिश की गई. मैं जिन चीजों से गुजरी हूं, मेरे लिए तो वह इविल डेड ही हैं. जो इंसान इस तरह की परिस्थिति से गुजरा ही नहीं उसे क्या पता. हर किसी की परिस्थिति अलग होती हैं. मैंने, तो अपने नजरिए से बातें बोली हैं.’
विटनेस को तैयार करने में 5 साल लगे
एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने बताया कि प्राइम विटनेस को तैयार करने में उन्हें 5 साल लगे और बाद में केस बंद कर दिया गया. उन्होंने कहा, ‘नाना पाटेकर ने केस को बंद करवाया था. सारे सबूत हमारे पास थे, जिस दिन हमारे मेन विटनेस का सबूत कोर्ट में पेश होने वाला था, उसी दिन जज ने केस ही बंद कर दिया. आप सोचिए, हमें एक प्राइम विटनेस (हेयर ड्रेसर) को मनाने में पांच साल लग गए थे. क्योंकि उसको धमकियां आती थीं. हालांकि, उसने फिर भी हलफनामा कोर्ट में दे दिया था. बाद में कोर्ट आकर बयान दिया है कि मैडम जो भी बोल रही हैं, वह मैंने अपनी आंखों से देखा है. पांच साल लगे उस हेयर ड्रेसर को मनाने में.’
विटनेस को मिलती थीं धमकियां
तनुश्री ने बताया कि उनकी हेयर ड्रेसर को कोर्ट में न पेश होने के लिए अलग-अलग जगह से धमकियां आती थीं. एक्ट्रेस ने कहा, ‘उसको पीसीओ से धमकियां आती थी, लोग उसके घर पर जाते थे. फिर, हमें उसे आश्वासन देना पड़ा कि आपको कुछ नहीं होगा. हमने कई सोर्स लगाकर उसको कोर्ट ले गए थे, पांच साल बाद हमारी जीत होने वाली थी. उसी दिन कोर्ट ने केस बंद कर दिया.’
‘बड़ी चालाकी से केस बस बंद कर दिया’
उन्होंने आगे कहा, ‘यह तो सबको पता है कि जरूरी नहीं है कि जो जीता है, वह सही है और जो नहीं जीता वो गलत है. यहां किसी की जीत नहीं हुई है. बहुत ही चालाकी से हम दोनों का पक्ष रखकर केस को बस बंद कर दिया, लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि मैं गलत थी और वह सही थे. जब मुझे परेशानी हुई और मुझ पर जैसा दबाव डाला गया था, मेरे साथ क्या कुछ नहीं हुआ है.’
केस के बाद घर से निकलने के लिए सोचना पड़ता था.
तनुश्री का कहना है कि केस के दौरान वे डिप्रेशन से गुजर रही थीं. उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसी इंसान थी जो बिना डरे बिंदास घूमकर आती थी और मेरी हालत ऐसी हो गई थी कि बाहर जाने के लिए मुझे दस बार सोचना पड़ता था. अजीब चीजें हो रही हैं. हमारी बिल्डिंग के नीचे, मैं बता नहीं सकती कि मेरे साथ क्या हुआ था. नाना पाटेकर बहुत अहंकारी आदमी थे और ईश्वर ने ही उनके प्राण हर लिए हैं. आपको बता नहीं सकती हूं कि मैं किस तरह से परेशान रही थी, मैं डिप्रेशन में चली गई थी.’



