निकाय चुनाव के पहले चरण में बंपर वोटिंग का क्या मतलब? जानिये सबकुछ

जयपुर. राजस्थान में निकाय चुनाव के पहले चरण की हुई वोटिंग के बाद हलचल तेज हो गई है. हलचल तेज होने के पीछे कारण है निकाय चुनाव के लिए हुई बंपर वोटिंग. यह बंपर वोटिंग सत्तारूढ़ बीजेपी के पक्ष में हुई है या फिर विपक्षी पार्टी के फेवर में फिलहाल कुछ भी कहना मुश्किल है. लेकिन इस बंपर वोटिंग ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों को अलर्ट मोड पर ला दिया है. राजनीति के जानकार इस बंपर वोटिंग के कई मायने निकाल रहे हैं. कांग्रेस और बीजेपी दोनों इस वोटिंग को अपने-अपने फेवर होने का दावा कर रही हैं. लेकिन इसका पता तो 14 सितंबर को ईवीएम खुलने पर ही चल पाएगा कि मतदाता ने किसके प्रति विश्वास जताया है. सरकार पर भरोसा जताया है या फिर कांग्रेस के मुद्दों पर मुहर लगाई है.
राजस्थान में पहली बार ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ की थीम पर नगरीय निकायों के चुनाव हो रहे हैं. सूबे के कुल 309 निकायों के लिए वोटिंग दो चरणों में होनी है. पहला चरण 9 सितंबर को पूरा हो गया है. दूसरा चरण कल यानी 11 सितंबर को होगा. पहले चरण की बंपर वोटिंग ने पब्लिक ने बीजेपी और कांग्रेस को यह तो दिखा दिया है कि वह जागरुक हो चुकी है. उसे पार्टियों के दावों से ज्यादा अपने विवेक पर भरोसा है. यही वजह है कि कुछ निकायों में वोटिंग प्रतिशत 90 फीसदी के करीब या फिर उससे ज्यादा हुआ है.
बंपर वोटिंग को लेकर यह है धारणा
राजनीतिक विशलेषकों के अनुसार जब भी बंपर वोटिंग होती है तो माना जाता है कि वह मौजूदा सरकार के लिए खतरे की घंटी होता है. बंपर वोटिंग पब्लिक का मूड सरकार के प्रति ‘पॉजिटिव’ नहीं होकर ‘नेगेटिव’ शो करता है. हालांकि यह कोई जांच परखा सॉलिड फैक्ट नहीं है लेकिन कई चुनाव परिणामों ऐसा देखा गया है. कई बार बड़े चुनावों में यह कयास उलटा भी साबित हो चुका है. सूबे के कुल 309 निकायों में से पहले चरण में 162 निकायों में 9 सितंबर को वोटिंग हुई है. इनमें 73 नए और 89 पुराने निकाय शामिल हैं. इनमें सभी निकायों में कुल 76.4 फीसदी वोटिंग हुई है. पहले चरण वाले निकायों में सीएम भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर नगर निगम समेत चार निगम शामिल हैं. तीन अन्य निगमों में बीकानेर, भीलवाड़ा और अलवर नगर निगम हैं. शेष निकायों में अन्य नगर परिषदें और नगरपालिकाएं शामिल हैं.
विधानसभा चुनाव से ज्यादा हुई है वोटिंग
खास बात यह है कि राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2023 में 200 में से 199 सीटों के लिए हुए चुनाव में कुल वोटिंग प्रतिशत 74.96 फीसदी रहा था. (एक सीट पर प्रत्याशी की मौत हो जाने के कारण बाद में चुनाव हुआ था) लेकिन निकाय चुनाव के पहले चरण में यह उससे दो प्रतिशत से ज्यादा ऊपर निकल गया है. इसकी एक वजह SIR (वोटर लिस्ट का गहन पुनरीक्षण) होना भी माना जा रहा है. एसआईआर में बड़ी संख्या में डबलिंग वाले या फिर पलायन कर चुके वोटर के नाम हट जाने से मतदाताओं की संख्या कम हो गई तो कुल मतदान का प्रतिशन बढ़ा भी नजर आ रहा है. इसके साथ ही दिल्ली में हुए जेन जी के आंदोलन के बाद मतदान में युवाओं की भागीदारी भी बढ़ी हुई मानी जा रही है. लेकिन फिर भी बंपर वोटिंग ने दोनों की पार्टियों की धड़कनें बढ़ा दी है.
नगर निगमों में भरतपुर है टॉप पर
दूसरी खास बात यह भी कि पहले चरण में सीएम भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर नगर निगम में वोटिंग प्रतिशत 73 प्रतिशत से ज्यादा रहा है। वहां 73.13 फीसदी वोट पड़े हैं. यह गत चुनाव के मुकाबले करीब डेढ़ प्रतिशत ज्यादा है. वहां पिछली बार 71.86 प्रतिशत पोलिंग हुई थी. पहले चरण में जिन चार नगर निगमों में वोटिंग हुई है उनमें भरतपुर नगर निगम टॉप पर है. दूसरे नंबर पर बीकानेर नगर निगम में 68.20 वोट पड़े हैं. वहां बीती दफा 66.94 प्रतिशत वोट डाले गए थे. इस बार यहां भी वोटिंग ज्यादा हुई है.
सर्वाधिक मतदान अरनोद और सबसे कम चित्तौड़गढ़ में हुआ
अलवर नगर निगम में इस बार 64.60 पड़े हैं. वहां गत 65. 33 फीसदी वोटिंग हुई थी. भीलवाड़ा नगर निगम में 62.72 फीसदी मत पड़े हैं. वहां पिछली बार 67.17 फीसदी मतदान हुआ था. इनमें मतदान आंशिक रूप से कम हुआ है. इस चरण में सबसे ज्यादा वोट प्रतापगढ़ जिले की अरनोद नगर पालिका में डाले गए हैं. वहां मतदान का प्रतिशत 91.98 फीसदी रहा है. जबकि इस चरण में सबसे कम वोट प्रतिशत चित्तौड़गढ़ नगर परिषद में रहा है. वहां महज 61.49 फीसदी मत पड़े हैं.
मतदान में जयपुर जिला टॉप पर है
पहले चरण के 162 निकायों में से पांच निकाय ऐसे रहे हैं जिनमें वोटिंग प्रतिशत 80 फीसद से ज्यादा रहा है. इनमें अरनोद, बीगोद, सैपंऊ, पहाड़ी और तिंवरी नगर पालिका शामिल है. अगर हम इस चरण में सर्वाधिक मतदान वाले जिलों की बात करें तो टॉप पर जयपुर जिला है. जयपुर जिले के 18 निकायों में कुल वोटिंग प्रतिशत 86. 54 रहा है. दूसरे नंबर पर जोधपुर में 85.79 प्रतिशत वोटिंग हुई. तीसरे नंबर पर डीग जिले में 85.54, चौथे नंबर पर उदयपुर जिले में 85.19 और पांचवें नंबर पर कोटपूतली-बहरोड़ में 84.40 फीसदी मतदान हुआ है. बहरहाल दोनों पार्टियां पहले चरण में हुई वोटिंग के बाद दूसरे चरण की वोटिंग के इंतजार में है. उसके बाद ही मतदान को लेकर पूरे सूबे की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी.



