निकाय चुनाव में कांग्रेस का नया फॉर्मूला, अब सीधे सिंबल देकर उतारे जाएंगे प्रत्याशी

Last Updated:August 28, 2026, 20:43 IST
Nikay Chunav Rajasthan Congress : राजस्थान निकाय चुनाव में कांग्रेस ने टिकट वितरण की रणनीति बदली. अब आधिकारिक सूची नहीं, सीधे सिंबल देकर प्रत्याशी उतारे जाएंगे. कांग्रेस मुख्यालय से कल से सभी जिलों में सिंबल भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी. जिला स्तर पर जिला अध्यक्ष और विधानसभा ऑब्जर्वर को सिंबल देने की जिम्मेदारी दी जाएगी. जिला अध्यक्ष और विधानसभा ऑब्जर्वर संभावित प्रत्याशियों के सीधे संपर्क में रहेंगे. जिला स्तर से ही उम्मीदवारों को टिकट की जानकारी दी जाएगी.
ख़बरें फटाफट
कांग्रेस की नई रणनीति, अब सीधे सिंबल देकर उतारे जाएंगे प्रत्याशीजयपुर. राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस ने टिकट वितरण को लेकर अपनी रणनीति बदल दी है. चुनावी जंग में गुटबाजी और टिकट को लेकर होने वाली बगावत से बचने के लिए पार्टी अब प्रत्याशियों की कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं करेगी. कांग्रेस मुख्यालय से जिलों में सीधे सिंबल भेजे जाएंगे और जिला स्तर पर ही संभावित प्रत्याशियों को टिकट मिलने की जानकारी दी जाएगी.
कांग्रेस की इस नई रणनीति को लेकर पार्टी के अंदर भी चर्चा है. एक पद के लिए बड़ी संख्या में नेताओं के आवेदन आने के बाद पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती जिताऊ उम्मीदवार चुनने की है. कई निकायों में एक ही पद के लिए कई दावेदार मैदान में हैं. ऐसे में टिकट की घोषणा पहले कर देने पर नाराजगी और बगावत का खतरा बढ़ सकता है. इसी वजह से कांग्रेस ने टिकट घोषणा की जगह सीधे सिंबल वितरण पर जोर देने का फैसला किया है.
जिलाध्यक्ष और ऑब्जर्वर संभालेंगे सिंबल की जिम्मेदारीप्रदेश कांग्रेस महासचिव स्वर्णिम चतुर्वेदी ने पार्टी की रणनीति को लेकर जानकारी दी है. उनके मुताबिक कांग्रेस मुख्यालय से कल से सभी जिलों में सिंबल भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी. जिला स्तर पर जिला अध्यक्ष और विधानसभा ऑब्जर्वर को सिंबल देने की जिम्मेदारी दी जाएगी. जिला अध्यक्ष और विधानसभा ऑब्जर्वर संभावित प्रत्याशियों के सीधे संपर्क में रहेंगे. जिला स्तर से ही उम्मीदवारों को टिकट की जानकारी दी जाएगी. यानी प्रत्याशी को यह पता चलेगा कि पार्टी ने उसे मैदान में उतारने का फैसला किया है, लेकिन इसके लिए कांग्रेस की ओर से पहले से कोई बड़ी आधिकारिक सूची जारी नहीं की जाएगी.
फोन पर भी दी जा सकती है टिकट की जानकारीकांग्रेस की तैयारी संभावित प्रत्याशियों को फोन पर टिकट मिलने की सूचना देने की भी है. संभावना है कि कल रात या परसों तक कई संभावित उम्मीदवारों को फोन के जरिए टिकट मिलने का मैसेज दिया जा सकता है. इस पूरी प्रक्रिया में नामांकन का आखिरी दौर काफी अहम रहने वाला है. दावेदारों के बीच टिकट को लेकर आखिरी समय तक सस्पेंस बना रहने की संभावना है. खासकर उन सीटों पर जहां एक पद के लिए कई नेताओं ने आवेदन किया है, वहां आखिरी फैसला होने तक किसी का टिकट पक्का नहीं माना जाएगा.
सिंगल नाम वाले दावेदारों की स्थिति ज्यादा साफजिन पदों पर कांग्रेस के सामने सिर्फ एक नाम है, वहां टिकट मिलने की स्थिति ज्यादा साफ रहने की उम्मीद है. लेकिन जिन सीटों पर कई दावेदार हैं, वहां पार्टी को जिताऊ प्रत्याशी चुनने के साथ ही बाकी दावेदारों को संभालना भी होगा. कांग्रेस के सामने यही सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है. पार्टी किसी एक नेता को टिकट देती है तो दूसरे दावेदार नाराज हो सकते हैं. कुछ ऐसे दावेदार भी हैं जो सिंबल नहीं मिलने के बावजूद चुनाव मैदान में उतरने के मूड में बताए जा रहे हैं. ऐसे में टिकट वितरण के साथ-साथ बगावत रोकना भी कांग्रेस के लिए बड़ा काम होगा.
नामांकन के आखिरी दिन सिंबल जमा कराने की तैयारीकांग्रेस की रणनीति के तहत सिंबल नामांकन के आखिरी दौर में रिटर्निंग ऑफिसर के पास जमा कराने की तैयारी है. पार्टी की कोशिश है कि सिंबल सीधे रिटर्निंग ऑफिसर को सौंपे जाएं. इससे आखिरी समय तक प्रत्याशी और टिकट को लेकर स्थिति पर पार्टी का नियंत्रण बना रह सकता है. निकाय चुनाव में टिकट वितरण कांग्रेस के लिए इसलिए भी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि एक-एक पद के लिए कई नेताओं ने आवेदन किया है. कई निकायों में दावेदारों की संख्या ज्यादा है. ऐसे में पार्टी के सामने एक तरफ जिताऊ प्रत्याशी चुनने की चुनौती है तो दूसरी तरफ टिकट नहीं मिलने वाले नेताओं को साथ रखने की चिंता भी है.
टिकट घोषणा के बजाय सिंबल पर पूरा जोरकांग्रेस की नई रणनीति का सबसे बड़ा बदलाव यही है कि पार्टी पहले की तरह प्रत्याशियों की आधिकारिक सूची जारी करने के बजाय सीधे सिंबल वितरण पर जोर दे रही है. जिला अध्यक्ष और विधानसभा ऑब्जर्वर इस पूरी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएंगे. अब नामांकन के आखिरी दौर तक कांग्रेस के दावेदारों के बीच टिकट को लेकर सस्पेंस बना रह सकता है. फोन पर सूचना, जिला स्तर पर सिंबल और आखिरी समय में रिटर्निंग ऑफिसर को सिंबल जमा कराने की रणनीति के जरिए कांग्रेस गुटबाजी और बगावत को रोकने की कोशिश कर रही है. लेकिन यह फॉर्मूला कितना काम करता है, इसका असली पता नामांकन के बाद ही चलेगा.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
August 28, 2026, 20:43 IST



