ओपी नय्यर के गाने में फंसे किशोर कुमार, संकट मोचन बनकर आए मोहम्मद रफी, पहले ही टेक पर गा दिया परफेक्ट

Last Updated:August 28, 2026, 20:09 IST
Mohammad Rafi Song for Kishore Kumar : किशोर कुमार की जिंदगी में ऐसा भी वक्त था, जब संगीतकार उन्हें प्लेबैक सिंगर के तौर पर गंभीरता से नहीं लेते थे. वे भी तब गायकी से ज्यादा एक्टिंग पर ध्यान दे रहे थे. वे 1958 की फिल्म ‘रागिनी’ में जब बतौर हीरो काम कर रहे थे, तब उन्हें अपने लिए भी प्लेबैक सिंगिंग करनी थी, मगर वे एक गाने में बार-बार रिहर्सल के बावजूद वो परफेक्शन नहीं दे पा रहे थे, जो ओपी नय्यर को चाहिए था. वह गाना क्लासिकल अंदाज का था. ओपी नय्यर ने फिर मजबूरी में मोहम्मद रफी से रिकॉर्डिंग करवाई. उन्होंने पहले ही टेक में शानदार गाना गया.
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किशोर दा के लिए मोहम्मद रफी ने फिल्म ‘रागिनी’ में गाना गाया था. (फोटो साभार: AI से जेनरेटेड इमेज)
नई दिल्ली: साल 1958 में ‘रागिनी’ नाम की म्यूजिकल फिल्म आई थी, जिसे ओपी नय्यर ने संगीत दिया था. किशोर कुमार फिल्म के हीरो थे, इसलिए उन्हें इसमें अपने लिए प्लेबैक भी करना था, मगर उस वक्त वे गायकी की दुनिया का बड़ा नाम नहीं थे. वे उस दौर में एक्टिंग में ज्यादा ध्यान दे रहे थे. किशोर दा उस दौर में अपने लिए या फिर देव आनंद के लिए प्लेबैक सिंगिंग कर रहे थे. बहरहाल, फिल्म ‘रागिनी’ में किशोर कुमार के बड़े भाई अशोक कुमार का भी अहम रोल था, जो इसके प्रोड्यूसर भी थे.
संगीतकार भी किशोर दा को प्लेबैक सिंगिंग के लिए ज्यादा गंभीरता से नहीं ले रहे थे. खैर, उन्हें आशा भोसले, गीता दत्त जैसी गायिकों के साथ फिल्म ‘रागिनी’ के कुछ गीतों को गाने का मौका मिला. उस्ताद अमीर खान ने भी फिल्म के लिए एक गाना गाया था. ओपी नय्यर ने फिल्म ‘रागिनी’ के लिए एक ऐसा गाना बनाया, जो क्लासिकल संगीत पर आधारित था. उन्होंने इसका अभ्यास किशोर कुमार से करवाया, मगर किशोर दा वह परफेक्शन नहीं दे पा रहे थे, जो ओपी नय्यर को चाहिए था. मगर ओपी नय्यर उन्हें इनकार भी नहीं कर पा रहे थे, क्योंकि वे उस दौर में हीरो थे और फिल्म के प्रोड्यूसर उनके भाई अशोक कुमार थे. वे खुद को फंसा हुआ महसूस कर रहे थे. किशोर कुमार के साथ गाने ‘मन मोरा बावरा निस दिन गाए’ की बार-बार रिहर्सल हो रही थी, मगर बात नहीं बन पा रही थी.
मोहम्मद रफी ने एक ही टेक में पूरा गाना किया रिकॉर्ड ओपी नय्यर गाने को रिकॉर्ड नहीं कर पा रहे थे. वे किसी उधेड़बुन में फंसे थे. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस बीच, उनकी मुलाकात मन्ना डे से होती है. वे अपनी दुविधा बताते हैं, तो मन्ना डे उन्हें इसे मोहम्मद रफी से गवाने को कहते हैं. यहां ओपी नय्यर को डर था कि अगर मोहम्मद रफी से गवाते हैं, तो कहीं किशोर कुमार के साथ बात न बिगड़ जाए. उन्होंने फिर अशोक कुमार से बात की, जो गाने को मोहम्मद रफी से गवाने के पक्ष में हुए. काफी उठा-पटक के बाद मोहम्मद रफी को गाने की रिकॉर्डिंग के लिए बुलाया गया. उन्होंने किशोर कुमार के लिए प्लेबैक सिंगिंग की और एक ही टेक में पूरा गाना रिकॉर्ड कर दिया. आखिरकार, गाना ‘मन मोरा बावरा निस दिन गाए मिलन का’ बनकर जब लोगों के सामने आया, तो हर कोई गायक-संगीतकार की तारीफ कर उठे.
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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और…
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First Published :
August 26, 2026, 19:06 IST



