न एक्ट्रेस बनने का देखा सपना, न था कोई प्लान, शादी में पहुंचते ही मिल गया यशराज की फिल्म से डेब्यू करने का मौका

Last Updated:September 11, 2026, 04:01 IST
बॉलीवुड में कई सितारों की एंट्री के पीछे दिलचस्प कहानियां छिपी हैं. किसी को एक ऑडिशन के बाद मौका मिला तो किसी की किस्मत किसी पहचान के जरिए चमक गई. लेकिन एक्ट्रेस ट्यूलिप जोशी की बॉलीवुड एंट्री की कहानी थोड़ी अलग है. वह एक शादी में शामिल होने पहुंची थीं और वहीं उनकी मुलाकात ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी. इसके बाद उन्हें यशराज फिल्म्स की फिल्म ‘मेरे यार की शादी है’ से बॉलीवुड में डेब्यू करने का मौका मिला.
ख़बरें फटाफट
डेब्यू करते ही छा गई थीं एक्ट्रेस
नई दिल्ली: साल 2002 में रिलीज हुई ‘मेरे यार की शादी है’ ट्यूलिप की पहली फिल्म थी. इस फिल्म में उनके साथ उदय चोपड़ा, जिम्मी शेरगिल और बिपाशा बसु जैसे कलाकार नजर आए थे. फिल्म में ट्यूलिप की सादगी और मासूम अंदाज ने दर्शकों का ध्यान खींचा. खास बात यह है कि फिल्म इंडस्ट्री में आने का ट्यूलिप का उस समय कोई खास प्लान नहीं था.
ट्यूलिप जोशी का जन्म 11 सितंबर 1979 को मुंबई में हुआ था. उनके पिता गुजराती हिंदू थे, जबकि उनकी मां अर्मेनियाई-लेबनीज क्रिश्चियन थीं. पढ़ाई पूरी करने के बाद ट्यूलिप ने साल 2000 में फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था. वह प्रतियोगिता नहीं जीत पाईं, लेकिन इसके बाद उनके लिए मॉडलिंग की दुनिया के दरवाजे खुल गए. हालांकि, उस वक्त ट्यूलिप का सपना एक्ट्रेस बनने का नहीं था. वह स्पोर्ट्स के क्षेत्र में करियर बनाना चाहती थीं. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.
एक शादी में पहुंचीं और मिल गया फिल्म का ऑफर
ट्यूलिप की जिंदगी में बड़ा बदलाव तब आया, जब वह फिल्ममेकर आदित्य चोपड़ा और पायल खन्ना की शादी में शामिल हुई थीं. बताया जाता है कि ट्यूलिप शादी में लड़की वालों की तरफ से पहुंची थीं. इसी दौरान आदित्य चोपड़ा की नजर उन पर पड़ी. इसके बाद उन्हें फिल्म के लिए स्क्रीन टेस्ट देने का मौका मिला. ट्यूलिप ने ऑडिशन दिया और उनका सेलेक्शन हो गया. इस तरह बिना फिल्म इंडस्ट्री में करियर बनाने की कोई बड़ी योजना के वह सीधे यशराज फिल्म्स जैसे बड़े बैनर की फिल्म का हिस्सा बन गईं.
उदय चोपड़ा संग किया डेब्यू
साल 2002 में ‘मेरे यार की शादी है’ रिलीज हुई और ट्यूलिप ने बॉलीवुड में कदम रखा. फिल्म में उनके साथ उदय चोपड़ा लीड रोल में थे. बताया जाता है कि उस समय ट्यूलिप को हिंदी बोलने में थोड़ी परेशानी होती थी. अपनी भाषा को बेहतर करने के लिए उन्होंने हिंदी की ट्यूशन भी ली थी.डेब्यू के बाद ट्यूलिप जोशी ने ‘दिल मांगे मोर’ में शाहिद कपूर और आयशा टाकिया के साथ काम किया. इसके बाद वह ‘मातृभूमि: ए नेशन विदाउट वीमेन’ जैसी गंभीर और अलग तरह की फिल्म में नजर आईं. इस फिल्म में उन्होंने कल्कि का किरदार निभाया था.
बता दें कि ‘मातृभूमि’ में ट्यूलिप के काम को काफी सराहना मिली. अलग-अलग फिल्म फेस्टिवल में भी फिल्म और उनके काम को पहचान मिली. ट्यूलिप ने बाद में बताया था कि इस फिल्म के बाद उन्हें अपने अंदर एक कलाकार के तौर पर काफी बदलाव महसूस हुआ. ट्यूलिप ने सिर्फ हिंदी फिल्मों तक खुद को सीमित नहीं रखा. उन्होंने तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और पंजाबी फिल्मों में भी काम किया. वह ‘मिशन 90 डेज’, ‘धोखा’, ‘सुपरस्टार’, ‘डैडी कूल’, ‘रनवे’, ‘बच्चन’ और ‘जट्ट एयरवेज’ जैसी फिल्मों का हिस्सा रहीं.
About the AuthorMunish KumarSenior sub editor
न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…
New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
September 11, 2026, 04:01 IST



