पति-पत्नी हारे, समधी-समधन जीते, कई दिग्गजों को मिली शिकस्त, वो नतीजे जो चर्चा में

Last Updated:September 14, 2026, 16:44 IST
अलवर नगर निगम चुनाव का रण अब पूरी तरह खत्म हो चुका है और 65 वार्डों के नतीजे सामने आते ही सियासी बिसात की तस्वीर साफ हो गई है. राजस्थान निकाय चुनाव में एक ऐसा नतीजे सामने आए हैं जिन पर काफी चर्चा हो रही है. इस बार के नतीजों ने न केवल बाजी पलटी है, बल्कि अलवर की राजनीति में रिश्तों के अनोखे रंग और कई हैरान कर देने वाले उलटफेर भी देखने को मिले हैं.राजस्थान वोटिंग (ANI)
अलवर. राजस्थान नगर निगम चुनाव के अलवर के नतीजे अब साफ हो चुके हैं. सभी 65 वार्डों के चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. भाजपा के 28 प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस के 23 प्रत्याशी विजयी रहे. वहीं 13 निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी बाजी मारी है. इसके अलावा बसपा का एक प्रत्याशी चुनाव जीतने में सफल रहा. ऐसे में भाजपा को अगर बोर्ड बनाना है तो उसे निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी.
लेकिन इन नतीजों में कुछ नतीजे में रिश्तों के सियासी दांव और कई बड़े उलटफेर देखने को मिले हैं. बड़े दिग्गजों को शिकस्त का सामना करना पड़ा. कहीं पति-पत्नी की जोड़ी को हार मिली तो कहीं समधि और समधन की जोड़ी ने साथ मिलकर जीत हासिल की.
पति पत्नी हारे, समधि-समधन जीते
चुनाव में रिश्तों के अनोखे रंग देखने को मिले. वार्ड 23 से बीजेपी की सुमन चौधरी और वार्ड 28 से बीजेपी के सीताराम चौधरी दोनों चुनाव हार गए. वे दोनों पति-पत्नी हैं. दूसरी तरफ वार्ड 38 से बीजेपी के श्याम सुंदर यादव और वार्ड 61 से बीजेपी की सुनीता देवी ने शानदार जीत हासिल की. यह जोड़ी आपस में समधि-समधन है.
पूर्व मेयर की पुत्रवधू की जीत और पूनिया का पंच
वार्ड 20 से पूर्व मेयर घनश्याम गुर्जर की पुत्रवधू बीना गुर्जर ने जीत दर्ज कर अपने परिवार का सियासी दबदबा कायम रखा. वहीं वार्ड 49 से बीजेपी प्रत्याशी अजय पूनिया ने सबसे बड़े अंतर से जीत हासिल की. यह उनकी लगातार 5वीं जीत है. इससे पहले वे लगातार 4 बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीत चुके हैं.
दिग्गजों के परिजनों को लगा झटका
वार्ड 32 से बीजेपी प्रत्याशी नीलिमा जैन को करारी हार का सामना करना पड़ा है. नीलिमा जैन पिछली बार सभापति प्रत्याशी रहे धीरज जैन की पत्नी हैं. वहीं वार्ड 36 से कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के सबसे करीबी दीपक गर्ग की भाभी रिंकल गर्ग भी चुनाव हार गई हैं. रिंकल गर्ग को मेयर पद का सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा था.
About the Authorसज्जन कुमार दड़बीSenior Sub Editor
Sajan Kumar is a journalist with professional experience in digital news, web journalism, SEO content, copy editing and social media storytelling. He has been working in journalism since 2020 and has worked wit…
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Jaipur,Rajasthan
First Published :
September 14, 2026, 16:32 IST



