पशुपालन विभाग चला रहा खुरहा-मुंहपका रोग का मुफ्त टीकाकरण अभियान, ऐसे उठाएं लाभ

होमताजा खबरकृषि
पशुपालन विभाग चला रहा खुरहा-मुंहपका रोग का मुफ्त टीकाकरण अभियान, ऐसे उठाएं लाभ
Last Updated:August 23, 2026, 15:19 IST
Animal Husbandry Tips: सीतामढ़ी समेत पूरे बिहार में पशुपालन विभाग द्वारा खुरहा और मुंहपका के खिलाफ एक व्यापक और निःशुल्क टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है. यह गंभीर विषाणु जनित रोग मवेशियों के स्वास्थ्य पर सीधा हमला करता है. खासकर अधिक दूध देने वाली गायों और युवा बछड़ियों के लिए घातक है.
सीतामढ़ी: सीतामढ़ी समेत पूरे बिहार में 10 जुलाई से पशुपालन विभाग द्वारा खुरहा और मुंहपका के खिलाफ एक व्यापक और निःशुल्क टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है. जिला पशु पालन पदाधिकारी प्रेम कुमार झा ने बतलाया कि यह एक बेहद गंभीर और विषाणु जनित रोग है. जो मवेशियों के स्वास्थ्य पर सीधा हमला करता है. विशेष रूप से अधिक दूध देने वाली गायों और युवा बछड़ियों (बाछी) के लिए यह बीमारी काफी घातक साबित होती है. समय पर रोकथाम न होने पर यह पूरे क्षेत्र के मवेशियों को अपनी चपेट में ले सकता है.
बाछी में होती है क ई समस्याएंइस बीमारी के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए जिला पशु पालन पदाधिकारी ने बताया कि यदि कम उम्र की बाछी इस संक्रमण की चपेट में आ जाती है, तो उसमें कई तरह की प्रजनन समस्याएं पैदा हो जाती हैं. इससे बाछियों में बार-बार गाभिन न ठहरने (रिपीट ब्रीडिंग) की समस्या पैदा हो जाती है. कई मामलों में अचानक गर्भपात (एबॉर्शन) का गंभीर खतरा भी बन जाता है. चूंकि यह एक ज़ूनोटिक और एक पशु से दूसरे में तेजी से फैलने वाला संक्रामक रोग है, इसलिए समय पर टीकाकरण ही इससे बचाव का एकमात्र प्रभावी उपाय है.
टीकाकरण की प्रक्रिया डिजिटल और ऑनलाइनअभियान की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली को मजबूत करने के लिए सरकार ने इस बार पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और ऑनलाइन कर दिया है. टीकाकरण से पहले पशुपालक का मोबाइल नंबर के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जाता है. पशुपालक के दर्ज नंबर पर एक ओटीपी आता है. जिसे पोर्टल पर सबमिट करने के बाद ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होती है. इसके बाद डिजिटल एंट्री दर्ज होते ही संबंधित मवेशी का टीकाकरण कर दिया जाता है. जिससे पूरी ट्रैकिंग विभागीय पोर्टल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देती है.
टीकाकरण को लेकर ये भ्रम करें दूरजिला पशु पालन पदाधिकारी प्रेम कुमार झा ने पशुपालकों के बीच फैले एक बड़े भ्रम को दूर करते हुए स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने कहा कि यह टीका किसी बीमार या पहले से संक्रमित मवेशी को नहीं दिया जाना चाहिए, बल्कि यह केवल पूरी तरह से स्वस्थ जानवरों को ही लगाया जाता है. स्वस्थ मवेशियों का टीकाकरण करने से उनके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है. जिससे वे भविष्य में इस घातक वायरस के प्रकोप से सुरक्षित रहते हैं. उन्होंने क्षेत्र के सभी किसानों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है.
About the AuthorAmit Ranjan
अमित रंजन वर्तमान में में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
और पढ़ेंLocation :
Sitamarhi,Bihar
First Published :
August 23, 2026, 15:19 IST



