Rajasthan

फूलों की जगह इस बार 50 लाख के नोटों से सजा दरबार, एक से 500 रुपये तक के नोट लगाए

Last Updated:September 12, 2026, 11:05 IST

Bikaner Sati Mata Temple: बीकानेर के नत्थूसर गेट स्थित सती माता मंदिर को इस बार 50 लाख रुपये के असली नोटों से सजाया गया है. शृंगार में एक से 500 रुपये तक की नई गड्डियों का उपयोग किया गया है. यह मंदिर अग्रवाल समाज के गर गोत्र की कुलदेवी का है. अमावस्या पर यहां दो दिवसीय मेला लगता है. समिति के अनुसार, यह बीकानेर में पहली बार है जब इतनी बड़ी नकद राशि से किसी मंदिर को सजाया गया हो. सजावट के लिए यह राशि भक्तों से जुटाई गई है, जिसे आयोजन के बाद सभी को सुरक्षित लौटा दिया जाएगा. मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं.

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Bikaner: बीकानेर शहर के नत्थूसर गेट के बाहर हांडी-कुंडी क्षेत्र में स्थित सती माता मंदिर में इन दिनों श्रद्धालुओं को एक बेहद अनूठा और अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है. मां सती माता भक्त मंडल के उत्साही सदस्यों ने माता के पूरे दरबार और निज मंदिर को करीब 50 लाख रुपये के असली नोटों से भव्य तरीके से सजाया है. इस विशेष और अनोखे शृंगार में एक रुपये से लेकर 500 रुपये तक के नोटों की बिल्कुल नई गड्डियों का उपयोग किया गया है. इस बड़े आयोजन से जुड़े लोगों का यह दावा है कि बीकानेर के इतिहास में पहली बार किसी मंदिर को इतनी बड़ी राशि के असली नोटों से सजाया गया है. नोटों से सजा माता का यह भव्य दरबार मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का बहुत बड़ा केंद्र बना हुआ है.

मंदिर समिति से जुड़े मनीष कुमार अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि सती माता मंदिर मुख्य रूप से अग्रवाल समाज के गर गोत्र की कुलदेवी का पवित्र मंदिर है. मान्यता के अनुसार अग्रवाल समाज में कुल 18 गोत्र माने जाते हैं और इनमें से गर गोत्र के लोगों को चौधरी की विशेष उपाधि प्राप्त है. समाज के बुजुर्गों की मान्यता है कि इसी पवित्र स्थान पर एक माता अपने बेटे के पीछे सती हुई थीं. इसके बाद से ही यह स्थान पूरे समाज के लोगों की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. यहां हर साल भव्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होता है. इस आयोजन में गर गोत्र सहित पूरे अग्रवाल समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.

अमावस्या पर होता है विशेष धार्मिक आयोजनअग्रवाल ने आगे बताया कि भाद्रपद अमावस्या के अवसर पर मंदिर परिसर में दो दिवसीय विशाल धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. वर्षों से चली आ रही पुरानी परंपरा के अनुसार गर गोत्र के सभी परिवार सुबह जल्दी उठकर अपने घरों में लापसी, मालपुआ, केसर पेड़ा और अन्य प्रकार का स्वादिष्ट प्रसाद तैयार करते हैं. इसके साथ ही मौसमी फल लेकर सभी लोग नंगे पैर पैदल चलकर मंदिर पहुंचते हैं. मंदिर में परिवार के सभी सदस्य पूरे विधि-विधान से मां सती की पूजा-अर्चना करते हैं और सामूहिक महाआरती में बढ़-चढ़कर शामिल होते हैं. इस खास धार्मिक आयोजन को लेकर समाज के सभी लोगों में, विशेषकर महिलाओं और युवाओं में, भारी उत्साह देखने को मिल रहा है.

नई और फ्रेश गड्डियों से हुआ माता का शृंगारमां सती माता भक्त मंडल के सदस्यों ने माता के दरबार को अलग-अलग मूल्य के असली नोटों से बहुत ही आकर्षक रूप दिया है. इस भव्य सजावट में एक, दो, पांच, दस, पचास, सौ, दो सौ और पांच सौ रुपये के नोटों का बहुत ही कलात्मक तरीके से इस्तेमाल किया गया है. इनमें अधिकांश नोट बैंक से निकाली गई नई और फ्रेश गड्डियों के रूप में लगाए गए हैं. अलग-अलग रंगों के नोटों को विशेष डिजाइन में सजाकर पूरे दरबार को एक नया और भव्य स्वरूप दिया गया है. यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु इस अनूठी सजावट को देखकर हैरान हैं और इसे अपने मोबाइल फोन के कैमरे में भी तुरंत कैद कर रहे हैं.

कार्यक्रम के बाद सुरक्षित लौटाई जाएगी राशिमनीष कुमार अग्रवाल ने बताया कि भक्त मंडल के सदस्यों की पिछले करीब दो से तीन वर्षों से माता के दरबार को नोटों से सजाने की प्रबल इच्छा थी. आमतौर पर प्रत्येक वर्ष मंदिर के विशेष शृंगार के लिए जयपुर और पुष्कर से ताजे फूल मंगवाए जाते हैं और उन फूलों से माता का दरबार सजाया जाता है. लेकिन इस बार भक्त मंडल ने कुछ अलग और नया करने का निर्णय लिया. सभी सदस्यों ने आपस में विचार-विमर्श करने के बाद माता के दरबार को असली नोटों की गड्डियों से सजाने की पूरी तैयारी शुरू कर दी. सजावट में इस्तेमाल किए गए यह सभी नोट भक्तों से आपसी सहयोग के रूप में एकत्रित किए गए हैं. जिन-जिन श्रद्धालुओं ने नोटों की गड्डियां उपलब्ध करवाई हैं, उन्हें धार्मिक कार्यक्रम संपन्न होने के बाद उनकी पूरी राशि सुरक्षित वापस लौटा दी जाएगी. इस भारी नकदी को देखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा के भी विशेष और कड़े प्रबंध किए गए हैं.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Bikaner,Bikaner,Rajasthan

First Published :

September 12, 2026, 11:05 IST

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