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बार-बार हाथ-पैर सुन्न पड़ना नहीं है सामान्य, डॉक्टर ने बताए इसके कारण और उपाय

फरीदाबाद: क्या कभी देर तक एक ही जगह बैठे रहने के बाद आपके हाथ या पैर अचानक सुन्न हो गए हैं. क्या आपके साथ अक्सर ऐसा होता है. हाथ-पैर सुन्न होने पर कुछ समय के लिए उस अंग में एहसास कम हो जाता है और उसे हिलाने-डुलाने में भी परेशानी महसूस हो सकती है. पैर सुन्न होने पर खड़े होने की कोशिश करना भी मुश्किल हो जाता है और कई बार संतुलन बिगड़ने से गिरने का खतरा रहता है. अगर आपके हाथ-पैर बार-बार सुन्न पड़ते हैं तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. इसके पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं और सही वजह जानना जरूरी है.

डॉक्टर चेतन ने बताए सुन्नपन के कारण

Local18 से बातचीत में फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल में आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि हाथ-पैर सुन्न होने के कई कारण हो सकते हैं. शरीर में विटामिन बी12 की कमी और विटामिन डी की कमी की वजह से भी सुन्नपन की समस्या हो सकती है. इसके अलावा नस पर दबाव पड़ने या किसी तरह की नर्व कंप्रेशन की समस्या के कारण भी हाथ-पैर सुन्न हो सकते हैं. इसलिए अगर यह समस्या बार-बार हो रही है तो इसके पीछे की वजह समझना जरूरी है.

काले तिल तेल से करें अंगों की मालिश

डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि आयुर्वेद में सुन्नपन की समस्या के लिए तेल की मालिश और सिकाई को उपयोगी माना जाता है. इसके लिए घर पर काले तिल का तेल इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर काले तिल का तेल उपलब्ध नहीं है तो सरसों का तेल भी इस्तेमाल किया जा सकता है. प्रभावित हिस्से पर तेल से हल्के हाथों से मालिश और सिकाई करने की सलाह दी जाती है. इससे प्रभावित हिस्से में गर्माहट और आराम महसूस हो सकता है.

मालिश नसों को सक्रिय करने में मददगार

डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि तेल से मालिश और सिकाई करने से नसों को सक्रिय करने में मदद मिल सकती है और सुन्नपन को नियंत्रित करने में भी राहत मिल सकती है. यह तरीका घर पर आसानी से किया जा सकता है और इसके लिए बहुत ज्यादा सामान की जरूरत नहीं पड़ती है. हालांकि अगर सुन्नपन लगातार बना रहता है या बार-बार होने लगता है तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

सुन्नपन किसी भी उम्र में हो सकता है

डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि हाथ-पैर सुन्न होने की समस्या किसी एक उम्र तक सीमित नहीं है. यह समस्या अलग-अलग उम्र के लोगों में अलग-अलग कारणों से हो सकती है. इसलिए उम्र के आधार पर इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. डॉक्टर के मुताबिक तेल की मालिश और सिकाई का बताया गया तरीका आम तौर पर घर पर किया जा सकता है. लेकिन इसके बाद भी परेशानी बनी रहती है तो किसी अच्छे आयुर्वेदिक डॉक्टर से जांच और सलाह लेनी चाहिए.

बारिश में बासी खाना खाने से बचें

डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि बरसात के मौसम में खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए. इस मौसम में कई लोग फ्रिज में रखा पुराना या बासी खाना दोबारा गर्म करके खाना शुरू कर देते हैं. आयुर्वेद के अनुसार ऐसा खाना शरीर में वात और पित्त को बढ़ाने वाला माना जाता है. इसलिए बरसात के मौसम में कोशिश करनी चाहिए कि ताजा और अच्छी तरह पका हुआ खाना ही खाया जाए.

ताजा और आसानी से पचने वाला भोजन खाएं

डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि बारिश के मौसम में ऐसा खाना खाना चाहिए जो ताजा हो और शरीर को आसानी से पच सके. खाने को लंबे समय तक रखकर दोबारा खाने से बचना चाहिए. अगर हाथ-पैर सुन्न होने की समस्या कभी-कभार लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने के कारण होती है तो स्थिति बदलने और अंगों को हल्का चलाने से राहत मिल सकती है. लेकिन अगर सुन्नपन बार-बार हो रहा है, लंबे समय तक बना रहता है या इसके साथ कमजोरी और चलने में परेशानी जैसी समस्या हो तो डॉक्टर से जांच जरूर करवानी चाहिए.

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