बेटियों का वॉलेट: महिलाओं को SBI दे रहा 2 करोड़ रुपये का कर्ज, ब्याज छूट का भी मिलेगा फायदा

Last Updated:August 26, 2026, 15:58 IST
बेटियों का वॉलेट: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की स्त्री शक्ति योजना से महिलाएं अपना कारोबार शुरू कर सकती हैं. इस योजना के तहत व्यापार और सर्विस सेक्टर समेत कई तरह के कारोबार शामिल हैं. इसके अलावा न्नपूर्णा और ब्यूटी पार्लर जैसे व्यवसायों के लिए श्रृंगार जैसी खास योजनाएं भी हैं. पात्र महिला उद्यमियों को 2 करोड़ रुपये तक के लोन पर ब्याज दर में छूट भी मिल सकती है. इस योजना की सारी डिटेल्स क्या हैं, ये आपको बताते हैं.
अगर आप महिला हैं और अपना कारोबार शुरू करने या पहले से चल रहे बिजनेस को बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं, तो भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की स्त्री शक्ति योजना आपके काम आ सकती है. इस योजना का मकसद महिलाओं को कारोबार के लिए आसानी से वित्तीय मदद उपलब्ध कराना है. इसके तहत मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग और सर्विस जैसे अलग-अलग जगहों में काम करने वाली महिलों को लोन दिया जा सकता है.
इस योजना के तहत महिलों को जरूरत के हिसाब से 25 करोड़ रुपये तक का लोन मिल सकता है. इसमें वर्किंग कैपिटल यानी रोजमर्रा के कारोबार का खर्च चलाने के लिए पैसा और टर्म लोन दोनों शामिल हैं. हालांकि, लोन की राशि कारोबार, जरूरत और बैंक के एनालिसिस पर निर्भर करेगी. बैंक की ओर से कारोबार की स्थिति और एलिजिबिलिटी देखने के बाद लोन तय किया जाएगा. बड़े कारोबार के लिए 2 करोड़ रुपये से ज्यादा के लोन पर ब्याज दर क्रेडिट रेटिंग के आधार पर तय हो सकती है.
योजना की एक खास बात ब्याज दर में मिलने वाली छूट है. महिलों को 2 करोड़ रुपये तक के लोन पर 0.50 प्रतिशत तक ब्याज में राहत मिल सकती है. इससे लोन की कुल लागत कुछ कम हो सकती है और कारोबार चलाने में मदद मिल सकती है. हालांकि ब्याज दर और अंतिम शर्तें बैंक के नियमों के अनुसार तय होंगी. लोन लेने से पहले आवेदक को बैंक से लागू ब्याज दर, चार्ज और अन्य नियमों की पूरी जानकारी जरूर लेनी चाहिए.
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SBI की स्त्री शक्ति पहल में महिलाओं के अलग-अलग कारोबार को ध्यान में रखते हुए कुछ खास योजनाओं को भी चला रही है. इनमें अन्नपूर्णा योजना खाद्य कारोबार, कैटरिंग और रेस्तरां जैसे कामों से जुड़ी महिलाओं के लिए उपयोगी हो सकती है. वहीं, श्रृंगार योजना ब्यूटी पार्लर जैसे व्यवसायों से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखती है. इस तरह महिलाओं को उनके कारोबार की प्रकृति के अनुसार फाइनेंशियल मदद लेने का ऑप्शन मिल सकता है.
कारोबार के साइज और लोन के प्रकार के आधार पर पुनर्भुगतान की अवधि अलग हो सकती है. टर्म लोन के मामले में 7 से 10 साल तक की अवधि मिल सकती है. वहीं, वर्किंग कैपिटल की सुविधा कारोबार के कैश फ्लो और जरूरत के अनुसार तय की जाती है. लोन लेते समय बैंक मार्जिन मनी भी देखता है, जो लोन की राशि के आधार पर करीब 15 से 25 प्रतिशत तक हो सकती है. इससे पहले आवेदक को अपनी फाइनेंशियल कैपेसिटी का एनालिसि करना जरूरी है.
एलिजिबलिटी की बात करें तो महिला उद्यमियों को CGTMSE के जरिए क्रेडिट गारंटी सहायता भी मिल सकती है. इसके तहत कुछ लोन में कॉलेटरल यानी अतिरिक्त संपत्ति की जरूरत को लेकर राहत मिल सकती है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 1 करोड़ रुपये तक के लोन के लिए कुछ मामलों में कोलेटरल नियमों में छूट का प्रावधान है. हालांकि, यह सुविधा हर आवेदक को अपने आप नहीं मिलती. बैंक पात्रता और योजना के नियमों के आधार पर इसका फैसला करता है.
आप SBI की वेबसाइट या बैंक ब्रांच के जरिए लोन के लिए आवेदन कर सकती हैं. बैंक ब्रांच में महिलाओं की सहायता के लिए विशेष डेस्क की सुविधा भी बताई गई है. इसके अलावा घर बैठे आवेदन से जुड़ी सर्विसेस बिजनेस संबंधी सलाह, कम प्रोसेसिंग फीस और रिपेमेंट ऑप्शन जैसी फायदे भी मौजूद होती हैं.
लोन के लिए आवेदन करते समय कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स देने पड़ सकते हैं. इनमें आधार, पैन या वोटर आईडी जैसे KYC डॉक्यूमेंट्स, निवास प्रमाण, बिजनेस प्लान या प्रोजेक्ट रिपोर्ट शामिल हैं. पहले से चल रहे कारोबार के लिए पिछले तीन साल के वित्तीय रिकॉर्ड, इनकम टैक्स रिटर्न और पिछले छह महीने का बैंक स्टेटमेंट मांगा जा सकता है.
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August 26, 2026, 15:58 IST



