पाताल का राक्षस अचानक करने लगा उल्टियां, आसमान में 3.5 KM तक फैली गंध, घंटे भर तक तांडव

Last Updated:September 01, 2026, 20:13 IST
इंडोनेशिया में माउंट सिनाबुंग में सोमवार को अचानक जोरदार विस्फोट हुआ. ज्वालामुखी से निकली काली और घनी राख करीब 3.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंच गई. राख का विशाल गुबार आसमान में फैलता देख इलाके में चिंता बढ़ गई. नॉर्थ सुमात्रा के कारो रीजेंसी में मौजूद इस ज्वालामुखी में स्थानीय समय के मुताबिक सुबह 10 बजकर 17 मिनट पर विस्फोट हुआ.
इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा में सिनाबुंग ज्वालामुखी सोमवार की सुबह एकाएक दहल उठा. सुबह ठीक 10 बजकर 17 मिनट पर एक भयानक विस्फोट के साथ आसमान में करीब 3.5 किलोमीटर ऊँची राख और धुएं का काला गुबार छा गया. दशकों से शांत पड़े इस दैत्य के अचानक जागने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है.
इंडोनेशिया की नेशनल जियोलॉजिकल एजेंसी की प्रमुख लाना सारिया ने बताया कि राख का यह भयानक गुबार बेहद घना और काला था. सिस्मोग्राम पर दर्ज इस विस्फोट की कंपन क्षमता 120 मिमी मापी गई. यह भयानक सिलसिला 1 घंटे 1 मिनट और 48 सेकंड तक थमने का नाम नहीं ले रहा था.
खतरे वाले इलाके से दूर रहने की चेतावनी
ज्वालामुखी के एक्टिव होने के बाद अधिकारियों ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को खतरे वाले इलाके से दूर रहने की चेतावनी दी है. लोगों से ऐसे गांवों में जाने से भी बचने को कहा गया है. अधिकारियों ने ज्वालामुखी की चोटी से 3 किलोमीटर के दायरे में सभी गतिविधियों पर रोक लगा रखी है. दक्षिण-पूर्व दिशा में 4.5 किलोमीटर तक के इलाके को भी संवेदनशील माना गया है.
नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को भी खास सावधानी बरतने को कहा गया है. भारी बारिश होने पर ज्वालामुखी की राख और मलबा पानी के साथ नीचे की ओर बह सकता है. इसे कोल्ड लावा फ्लो कहा जाता है.
सालों की खामोशी के बाद 2010 में अचानक जागा
माउंट सिनाबुंग समुद्र तल से करीब 2460 मीटर ऊंचा है. यह ज्वालामुखी कई सदियों तक शांत माना जाता था, लेकिन 2010 में अचानक इसमें विस्फोट हुआ. इसके बाद सिनाबुंग लंबे समय तक सक्रिय रहा. 2013 और 2014 में इसके बड़े विस्फोट हुए, जबकि मई 2016 के विस्फोट में कम से कम 7 लोगों की मौत हुई थी.
पहले ही मिल रहे थे खतरे के संकेत
वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बार भी ज्वालामुखी में बढ़ती गतिविधि के संकेत पहले से मिल रहे थे. 1 से 12 अगस्त के बीच गहरे ज्वालामुखीय भूकंप और गैस निकलने से जुड़े संकेतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई थी.
अब अधिकारियों की नजर माउंट सिनाबुंग की हर गतिविधि पर है. दिन बढ़ने के साथ ज्वालामुखी से निकलने वाला धुआं और राख और घनी होती गई और इसका रंग धीरे-धीरे ग्रे से सफेद दिखाई देने लगा. यह गुबार भी चोटी से करीब 1 किलोमीटर ऊपर तक पहुंच गया.
About the Authorसज्जन कुमार दड़बीSenior Sub Editor
मैं इस समय App टीम का हिस्सा हूं. App पर आप आसानी से अपनी मनपसंद खबरें पढ़ सकते हैं. मुझे खबरें लिखने का 4 साल से अधिक का अनुभव है और फिलहाल अभी सीनियर सब एडिटर के पद पर हूं. इससे पहले इनशॉर्ट्स औ…
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September 01, 2026, 20:12 IST



