मंत्री झाबर सिंह खर्रा का पूरा कुनबा मैदान में, कहीं पत्नी-बेटा तो कहीं निर्दलीय दावेदारी

Last Updated:October 16, 2026, 16:23 IST
Minister Jhabar Singh Kharra Family In Panchayat Election : राजस्थान पंचायत चुनाव में मंत्री झाबर सिंह खर्रा और विधायक विक्रम बंशीवाल सहित कई नेताओं के परिवारों की एंट्री हुई है. सचिन पायलट ने इस पर भाजपा पर तंज कसा है. मंत्री की पत्नी शांति देवी ने वार्ड संख्या 17 से भाजपा के टिकट पर नामांकन दाखिल किया. वहीं उनके छोटे बेटे अजय सिंह खर्रा ने वार्ड संख्या 20 से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भरा. इससे दो दिन पहले मंत्री के बड़े बेटे दुर्गा सिंह खर्रा वार्ड संख्या 19 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन कर चुके हैं.
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भजनलाल सरकार के मंत्री झाबर सिंह खर्रा
दौसा. राजस्थान में पंचायत चुनाव के नामांकन के आखिरी दिन नेताओं के परिवारों की चुनावी एंट्री ने सियासी हलचल बढ़ा दी है. सीकर में नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री (UHD) झाबर सिंह खर्रा के परिवार के कई सदस्य चुनाव मैदान में उतर गए हैं. मंत्री की पत्नी शांति देवी और छोटे बेटे अजय सिंह खर्रा ने भाजपा के टिकट पर नामांकन भरा है, जबकि बड़े बेटे दुर्गा सिंह खर्रा पहले ही निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भर चुके हैं. इतना ही नहीं, खर्रा परिवार की एक अन्य सदस्य ने जिला परिषद चुनाव में भी निर्दलीय दावेदारी पेश की है.
उधर दौसा में भी पंचायत चुनाव का मुकाबला नेताओं के परिवारों के मैदान में आने से दिलचस्प हो गया है. सिकराय विधायक विक्रम बंशीवाल की मां कौशल्या बंशीवाल ने वार्ड संख्या 21 से नामांकन भरा है. यहां पहले ऊषा बैरवा का नाम सामने आया था, लेकिन आखिरी समय पर उम्मीदवार का नाम बदल गया. इस बीच कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए सवाल उठाया कि जब मंत्री के बेटे को ही वोट मिलने का भरोसा नहीं है, तो जनता पार्टी पर कैसे भरोसा करेगी.
सीकर में मंत्री की पत्नी और छोटे बेटे ने भाजपा से भरा पर्चा
सीकर जिले की श्रीमाधोपुर पंचायत समिति में नामांकन के आखिरी दिन झाबर सिंह खर्रा के परिवार से दो और नाम सामने आए. मंत्री की पत्नी शांति देवी ने वार्ड संख्या 17 से भाजपा के टिकट पर नामांकन दाखिल किया. वहीं उनके छोटे बेटे अजय सिंह खर्रा ने वार्ड संख्या 20 से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भरा. इससे दो दिन पहले मंत्री के बड़े बेटे दुर्गा सिंह खर्रा वार्ड संख्या 19 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन कर चुके हैं. इस तरह श्रीमाधोपुर पंचायत समिति के तीन वार्डों में खर्रा परिवार के सदस्य चुनावी मैदान में हैं. इनमें दो भाजपा के टिकट पर हैं, जबकि बड़े बेटे ने निर्दलीय रास्ता चुना है.
एक अन्य फैमिली मेंबर कौन?खर्रा परिवार की एक अन्य सदस्य, जो मंत्री के भाई की पत्नी हैं, ने जिला परिषद चुनाव में निर्दलीय नामांकन भरा है. ऐसे में परिवार के अलग-अलग सदस्यों की दावेदारी चुनावी चर्चा का विषय बन गई है. एक तरफ भाजपा के टिकट पर पत्नी और छोटे बेटे चुनाव लड़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ बड़े बेटे की निर्दलीय उम्मीदवारी भी मुकाबले में है.
दौसा में विधायक की मां ने आखिरी समय पर भरा पर्चादौसा जिले में भी पंचायत चुनाव के नामांकन के आखिरी दिन बड़ा घटनाक्रम सामने आया. सिकराय विधायक विक्रम बंशीवाल की मां कौशल्या बंशीवाल ने वार्ड संख्या 21 से नामांकन दाखिल किया. बताया गया कि इस वार्ड से पहले ऊषा बैरवा का नाम तय था, लेकिन आखिरी समय पर नाम बदलकर कौशल्या बंशीवाल को मैदान में उतारा गया. विक्रम बंशीवाल के परिवार का दौसा की राजनीति से पुराना जुड़ाव भी रहा है. उनके पिता जियालाल बंशीवाल दौसा के पहले जिला प्रमुख बने थे. अब उनकी मां के पंचायत चुनाव में उतरने से जिले में चुनावी चर्चा तेज हो गई है.
ममता भूपेश की बेटी और विधायक की पत्नी भी मैदान मेंदौसा में सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि कई बड़े राजनीतिक घरानों के सदस्य चुनाव लड़ रहे हैं. कांग्रेस की पूर्व मंत्री ममता भूपेश की बेटी देवांगना ने भी नामांकन भरा है. वहीं विधायक डीसी बैरवा की पत्नी बीना बैरवा ने भी चुनावी मैदान में उतरने के लिए पर्चा दाखिल किया है. नेताओं की मां, पत्नी और बेटियों के चुनाव लड़ने से दौसा में पंचायत चुनाव का मुकाबला और दिलचस्प हो गया है. अब अलग-अलग वार्डों में इन उम्मीदवारों के सामने दूसरे प्रत्याशी भी मैदान में हैं. चुनाव में परिवार के नाम और राजनीतिक पहचान का कितना असर होगा, यह मतगणना के बाद ही पता चलेगा.
सचिन पायलट का भाजपा पर कटाक्षभाजपा के टिकट वितरण और अप्रत्यक्ष खीचतान के बीच कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भाजपा पर निशाना साधा है. पंचायत चुनाव को लेकर उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा सरकार पर जनता के विश्वास की बात तो छोड़िए, पार्टी के मंत्री के बेटे को ही भरोसा नहीं है कि उन्हें वोट मिलेंगे या नहीं. पायलट की इस टिप्पणी का निशाना खर्रा परिवार के चुनावी घटनाक्रम को माना जा रहा है. मंत्री के एक बेटे का निर्दलीय मैदान में उतरना और पत्नी तथा छोटे बेटे का भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ना अब राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन गया है.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Sikar,Sikar,Rajasthan
First Published :
October 16, 2026, 16:23 IST



