19 के स्कोर पर गिर गए थे 4 विकेट… स्मृति मंधाना ने जिम्बाब्वे के खिलाफ जीत से किया कप्तानी का आगाज

नई दिल्ली. भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शुक्रवार को खेले गए पहले टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में जिम्बाब्वे को चार विकेट से शिकस्त देकर तीन मैच की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है. इस मुकाबले के साथ ही स्मृति मंधाना के कप्तानी कार्यकाल की आधिकारिक शुरुआत हुई. हालांकि भारतीय टीम को यह मुकाबला जीतने के लिए शुरुआती झटकों से उबरना पड़ा, लेकिन अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा और पदार्पण करने वाली बल्लेबाज निकी प्रसाद ने शानदार साझेदारी कर टीम को मुश्किल से बाहर निकाला और जीत की मंजिल तक पहुंचाया.
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 114 रन बनाए. मेहमान टीम के लिए सलामी बल्लेबाज केलिस एंडलोहवु ने सबसे प्रभावी पारी खेली. उन्होंने 44 गेंदों का सामना करते हुए 42 रन बनाए, जिसमें कई आकर्षक शॉट शामिल थे. एंडलोहवु ने बड़े मंच पर अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन करते हुए शॉर्ट गेंदों पर तेजी से कट और पुल शॉट लगाए.
कसी हुई गेंदबाजी के सामने बेबस दिखीं जिम्बाब्वे की बल्लेबाजभारतीय गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए जिम्बाब्वे की रन गति पर लगाम लगाए रखी. पारी के पहले ही ओवर में क्रांति गौड़ ने सलामी बल्लेबाज बिलव्ड बिजा को बोल्ड कर भारत को पहली सफलता दिलाई. इसके बाद एंडलोहवु और मॉडेस्टर मुपाचिकवा (16 रन) ने दूसरे विकेट के लिए 53 रन की साझेदारी जरूर की, लेकिन 11वें ओवर में स्पिनर श्री चरणी ने मुपाचिकवा को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ दिया.
एंडलोहवु की धीमी पारी और शारने मेयर्स का ताबड़तोड़ अंतएंडलोहवु 10 ओवरों के बाद संघर्ष करती नजर आईं और अपनी आखिरी 12 गेंदों पर केवल दो रन ही बना सकीं. अंततः अरुंधति रेड्डी ने उन्हें बोल्ड कर पवेलियन का रास्ता दिखाया. पारी के अंतिम ओवरों में शारने मेयर्स ने 33 गेंदों पर नाबाद 43 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली, जिसमें दो छक्के और चार चौके शामिल थे. मेयर्स के इस प्रयास की बदौलत जिम्बाब्वे की टीम सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने में सफल रही. कुल मिलाकर जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों ने पारी में काफी अधिक डॉट गेंदें खेलीं, जिससे यह साफ होता है कि मजबूत भारतीय टीम को कड़ी टक्कर देने के लिए उन्हें अपनी बल्लेबाजी में अभी काफी सुधार करने की जरूरत है.
19 रन पर गिरे चार विकेट, मंधाना-हरमनप्रीत रहीं नाकामजीत के लिए 115 रन का लक्ष्य वैसे तो बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और उसने मात्र 19 रन के स्कोर पर अपने चार अहम विकेट गंवा दिए. जिम्बाब्वे की कप्तान ने मंधाना के खिलाफ पारी की शुरुआत में ही ऑफ स्पिन गेंदबाजी कराने का जो दांव चला, वह पूरी तरह सफल रहा.
नयाशा ग्वानजुरा ने तोड़ी भारतीय टॉप ऑर्डर की कमरनयाशा ग्वानजुरा ने अपने पहले ही ओवर में भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना (09) को आउट कर भारत को पहला झटका दिया. मंधाना पीछे हटकर पुल शॉट खेलने गईं, लेकिन गेंद बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर हवा में उछल गई और बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर आसान कैच लपका गया. इसके ठीक दो गेंद बाद ग्वानजुरा ने अनुष्का शर्मा (04) को भी बैकवर्ड प्वाइंट पर कैच आउट करा दिया.
शेफाली और हरमनप्रीत भी सस्ते में पवेलियन लौटींअभी टीम इस झटके से संभली भी नहीं थी कि स्कोर में एक रन और जुड़ने के बाद पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर भी सस्ते में आउट हो गईं. मिशेल मावुंगा की गेंद पर फ्लिक करने के प्रयास में हरमनप्रीत शॉर्ट मिडविकेट पर खड़ी ग्वानजुरा को कैच थमा बैठीं. इसके बाद ग्वानजुरा ने उप-कप्तान शेफाली वर्मा को भी अपनी ही गेंद पर कैच आउट कर भारत का चौथा विकेट गिरा दिया. महज़ 19 रन पर चार विकेट गिरने के बाद भारतीय पारी गहरे संकट में नजर आ रही थी.
दीप्ति शर्मा और निकी प्रसाद ने संभाली पारीऐसे मुश्किल समय में अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा और पदार्पण कर रही निकी प्रसाद ने मोर्चा संभाला. दोनों ने बेहद जिम्मेदारी से खेलते हुए पारी को आगे बढ़ाया और पांचवें विकेट के लिए 63 गेंदों में ताबड़तोड़ 82 रन की साझेदारी कर डाली. दीप्ति शर्मा ने आक्रामक रुख अपनाते हुए 37 गेंदों पर आठ चौकों की मदद से 49 रनों की शानदार पारी खेली, हालांकि वह अपने अर्धशतक से महज एक रन पहले ओलिंडर चारे की गेंद पर आउट हो गईं. दूसरी ओर, पदार्पण करने वाली निकी प्रसाद ने अंत तक संयम और ढृढ़ता का परिचय दिया. निकी ने 35 गेंदों पर छह चौकों की मदद से नाबाद 39 रन बनाए और टीम को जीत की रेखा के पार पहुंचाया.
भारत ने तोड़ा मिताली-अनुजा का सालों पुराना रिकॉर्डयह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास में पांचवें विकेट के लिए भारत की सबसे बड़ी साझेदारी है. इन दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर मिताली राज और अनुजा पाटिल के पिछले 77 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. दीप्ति के आउट होने के बावजूद भारत ने 4.2 ओवर शेष रहते छह विकेट के नुकसान पर 116 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया.



