मदन दिलावर से जुड़े विवादों पर क्यों उठ रहे सवाल? जानें ढाई साल में कब-कब गरमाई सियासत

जयपुर. राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पिछले करीब ढाई वर्षों में कई विवादों और राजनीतिक बयानों को लेकर लगातार चर्चा में रहे हैं. उनके खिलाफ कांग्रेस की ओर से तीखे हमले होते रहे हैं, वहीं शिक्षा विभाग के फैसलों और मंत्री के बयानों को लेकर भी समय-समय पर राजनीतिक बहस तेज हुई है. हालिया विवाद कोटा के एक सरकारी स्कूल से जुड़े मामले के बाद सामने आया, जहां करीब 30 विद्यार्थियों के बीमार पड़ने के बाद स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे.
इसी दौरान स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश, फोटो और वीडियो बनाने को लेकर सरकार की ओर से लगाए गए प्रतिबंध ने भी राजनीतिक विवाद को हवा दी. इसके अलावा पाठ्यक्रम, धार्मिक आयोजन, शिक्षकों से जुड़े फैसलों और मंत्री के विभिन्न बयानों को लेकर भी विपक्ष ने सवाल उठाए हैं. दिलावर पहले भी कई मुद्दों पर अपने मुखर बयानों के कारण सुर्खियों में रहे हैं. ऐसे में उनके कार्यकाल से जुड़े विवादों की लंबी सूची एक बार फिर चर्चा में है.
स्कूलों के निरीक्षण और फोटो-वीडियो पर हुआ विवाद
कोटा के सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों के बीमार पड़ने की घटना के बाद स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे. इसी बीच स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश और बिना अनुमति फोटो-वीडियो बनाने पर रोक से जुड़ी सरकारी व्यवस्था चर्चा में आई. इसे लेकर विपक्ष और अन्य राजनीतिक समूहों ने सरकार पर निशाना साधा. उनका तर्क रहा कि स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए निरीक्षण और निगरानी जरूरी है.
मुस्लिम बच्चों से जुड़े बयान पर भी हुआ विवाद
दिलावर फरवरी 2024 में सरकारी स्कूलों में ‘सूर्य नमस्कार’ कराने के निर्देशों को लेकर भी विवादों में रहे. मुस्लिम संगठनों की आपत्ति के बीच उन्होंने धर्म परिवर्तन के कथित मामलों पर भी बयान दिया था. शिक्षा मंत्री ने बाद में स्कूलों में धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों की जांच के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए, लेकिन विभागीय जांच में कथित आरोपों के समर्थन में ठोस आधार नहीं मिलने की बात सामने आई.
धार्मिक और ऐतिहासिक मुद्दों पर मुखर रहे दिलावर
मंत्री के कई बयान राजनीतिक विवाद का कारण बने. विधानसभा में उन्होंने कांग्रेस सरकार के दौरान शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए. इसके अलावा वीर सावरकर जयंती और स्वर्ण जयंती जैसे आयोजनों को स्कूलों में मनाने की विभागीय घोषणाओं पर भी राजनीतिक बहस हुई. दिलावर ने पाठ्यक्रम और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर कई मौकों पर अपनी स्पष्ट राय रखी है.
अकबर और इतिहास को लेकर भी घिरे
जनवरी 2025 में मंत्री के एक बयान को लेकर फिर विवाद हुआ. उन्होंने मुगल शासक अकबर से जुड़े इतिहास और स्कूल पाठ्यक्रम के संदर्भ में टिप्पणी की थी. बाद में महाराणा प्रताप और अकबर से जुड़े इतिहास को लेकर उनके बयानों पर विपक्ष ने सवाल उठाए. मंत्री ने अकबर को लेकर अपनी वैचारिक स्थिति स्पष्ट करते हुए कई बार बयान दिए.
स्कूल भवनों की हालत पर भी उठे सवाल
जुलाई 2025 में झालावाड़ के एक सरकारी स्कूल की इमारत का हिस्सा ढहने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे. इस घटना में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंता सामने आई. सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूल भवनों की स्थिति और आवश्यक मरम्मत को लेकर कार्रवाई की बात कही. इसके बाद स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं और भवन सुरक्षा का मुद्दा भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बना.
विवादों के बीच शिक्षा विभाग पर बढ़ा दबाव
मदन दिलावर के कार्यकाल में शिक्षा विभाग से जुड़े कई फैसले और बयान राजनीतिक बहस के केंद्र में रहे हैं. समर्थकों का कहना है कि मंत्री शिक्षा व्यवस्था में बदलाव और अनुशासन को लेकर सख्त रुख अपना रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक एजेंडे से जोड़कर देखता है. स्कूलों की सुरक्षा, शिक्षकों से जुड़े फैसले, पाठ्यक्रम और धार्मिक आयोजनों को लेकर आने वाले समय में भी सरकार को जवाब देना पड़ सकता है. ऐसे में दिलावर से जुड़े पुराने और नए विवाद राजस्थान की राजनीति में लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं.



