मेवाड़ के शक्तिपीठ जोगणिया माता मंदिर में नवरात्रि महोत्सव शुरू, रोशनी से सजा दरबार

भीलवाड़ा – मेवाड़ की प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री जोगणिया माताजी मंदिर में शारदीय नवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ किया गया हैं. ध्वजारोहण और घटस्थापना के साथ नौ दिवसीय धार्मिक महोत्सव शुरू हो गया. इसी के साथ मंदिर परिसर में मेले की भी शुरुआत कर दी गई. जोगणिया के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला. महोत्सव के शुभारंभ पर सरोवर से मंदिर तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई. बैंड-बाजों और ढोल की धुन पर श्रद्धालु नाचते-गाते मां के जयकारे लगाते हुए यात्रा में शामिल हुए. मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना और महाआरती की गई. इसके साथ ही चौंसठ योगिनी मंदिर और शिव मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना की गई.
वहीं जोगणिया माता मंदिर में श्रद्धालु न केवल भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ से ही नहीं आते बल्कि पूरे राजस्थान प्रदेश और मध्य प्रदेश से भी श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं. यह एक ऐसा मंदिर है जो अपने आप में पूरे राजस्थान और मेवाड़ में सबसे प्रमुख और खास माना जाता है, यहां मान्यता अपने आप में बहुत खास है जिसके वजह से दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पूछते हैं.
भोजन और बिजली की सुविधाओं का इंतजाम किया गया श्री जोगणिया माता शक्ति पीठ प्रबंध एवं विकास संस्थान के अध्यक्ष सत्यनारायण जोशी ने बताया कि नवरात्रि महोत्सव के साथ मेले का भी शुभारंभ हो गया है. मंदिर को फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया है. नवरात्रि के दौरान हर दिन मां का विशेष श्रृंगार होगा और पूजा-अर्चना के साथ आरती की जाएगी. नवरात्रि के दौरान मंदिर में कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इनमें देवी भागवत कथा, पंच कुंडीय महायज्ञ, अखंड रामायण पाठ, दुर्गा पाठ, गायत्री यज्ञ, प्रवचन, रामलीला और भजन संध्या शामिल हैं. इन आयोजनों के जरिए श्रद्धालु मां की भक्ति में डूबें रहंगे. महोत्सव का समापन 20 अक्टूबर को होगा. नवरात्रि मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं. दर्शन, पार्किंग, ठहरने, पीने के पानी, भोजन और बिजली की सुविधाओं का इंतजाम किया गया है.
ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को परेशानी न हो. नवरात्रि के खास अवसर पर दुर्गा अष्टमी के दिन मंदिर के पट रातभर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुले रहेंगे. वहीं विजयदशमी पर दशहरा पर्व मनाया जाएगा. मां जोगणिया के दरबार में शुरू हुए इस महोत्सव से पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल है. आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने के साथ मंदिर और मेला परिसर में रौनक और बढ़ने की उम्मीद है.
64 देवियों के एक मंदिर होते हैं दर्शनप्राचीन प्रमुख शक्ति पीठ जोगणिया माता मंदिर परिसर में चारों और अनेकों देवीयो की प्रतिमा की स्थापना की गई हैं. इनमें 64 जोगणिया देवियों के स्वरूप के रूप में प्रतिमा स्थापित की गई है. जिसमें विशेष रूप से भारत माता, मां शैलपुत्री, मृदंग वादिनी, वीणा वादिनी, मां महागौरी, शहनाई वादिनी, माता कालरात्रि, माता सूर्यपुत्री, माता वायु वीणा और मा अघोर, माता भद्रकाली, माता धूमावती, माता गंधारी, माता सर्वमंगला, माता अजीता, माता गंगा, मां चामुंडा, मां मूर्ति, मा वायु वेगा, माता ब्राह्मी, माता ज्वालामुखी माता, आयोगनी मां, यमुना, मां चंद्र कांति माता समुद्र, माता नारायणी, माता उमा, माता काली, माता स्तुति माता, गटाबरी माता, कामायनी माता, अंबिका मां महेश्वरी माता कावेरी माता रात्रि, मां कंकाड़ी सहित कहीं देवियों के दर्शन भक्तों को एक ही परिसर में होते हैं.



