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मॉन्स्टेरा के पौधे में छिपे हैं कई गुण, लेकिन सीधे इस्तेमाल से त्वचा को हो सकता है नुकसान, जानें पूरा सच

Last Updated:August 30, 2026, 17:57 IST

खूबसूरत और कटी-फटी बड़ी पत्तियों वाला मॉन्स्टेरा इनडोर सजावट की दुनिया में सबसे लोकप्रिय पौधों में से एक है. घर के कोने को प्राकृतिक और आधुनिक लुक देने वाला यह पौधा केवल सुंदरता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पारंपरिक लोक चिकित्सा में इसके कुछ खास उपयोगों की चर्चा भी मिलती है. हालांकि, इसे दवा की तरह इस्तेमाल करने से पहले इसके सुरक्षित पहलुओं और छिपे जोखिमों को समझना बेहद जरूरी है.

वैद्य विष्णु दत्त प्रजापति बताते हैं कि आयुर्वेद में मॉन्स्टेरा का उल्लेख प्रमुख औषधीय पौधों की तरह नहीं मिलता, लेकिन लोक चिकित्सा और पारंपरिक वनस्पति उपयोग में इसकी पत्तियों व जड़ों का सीमित प्रयोग बताया गया है. इसका उपयोग हमेशा प्रशिक्षित वैद्य की देखरेख में ही किया जाना चाहिए.

वैद्य विष्णु दत्त प्रजापति बताते हैं कि मॉन्स्टेरा की पत्तियों से तैयार लेप का उपयोग शरीर की हल्की सूजन और दर्द वाले स्थान पर किया जाता था. माना जाता था कि इसका बाहरी प्रयोग प्रभावित हिस्से को आराम देने में सहायक हो सकता है. हालांकि आधुनिक वैज्ञानिक शोध अभी तक इसके इस उपयोग की पुष्टि नहीं करते हैं. इसलिए इसे किसी भी बीमारी के उपचार का प्रमाणित तरीका नहीं माना जाता और बिना योग्य वैद्य या चिकित्सक की सलाह के इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए.

लोक चिकित्सा में मॉन्स्टेरा की पत्तियों का बाहरी उपयोग कुछ हल्की त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए बताया गया है. हालांकि इसके रस में कैल्शियम ऑक्सलेट जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो त्वचा पर जलन, खुजली या लालिमा पैदा कर सकते हैं. इसलिए मॉन्स्टेरा को सीधे त्वचा पर लगाने से बचना चाहिए. किसी भी प्रकार के औषधीय उपयोग से पहले योग्य आयुर्वेदाचार्य या चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है.

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कुछ प्रारंभिक वनस्पति अध्ययनों में मॉन्स्टेरा की कुछ प्रजातियों में एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाने की जानकारी मिली है. एंटीऑक्सीडेंट ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से होने वाले नुकसान से बचाने में भूमिका निभा सकते हैं. हालांकि यह शोध अभी शुरुआती स्तर पर है और मॉन्स्टेरा को किसी रोग के उपचार के लिए प्रमाणित औषधि नहीं माना जाता. इसलिए इसके औषधीय लाभों को लेकर सावधानी बरतना और विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है.

मॉन्स्टेरा को इनडोर एयर-प्यूरीफाइंग पौधों में भी गिना जाता है. यह घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ हरियाली का अच्छा अहसास देता है. हालांकि हवा शुद्ध करने की इसकी क्षमता सीमित होती है और इसे स्वास्थ्य उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए.

हरे-भरे पौधों के बीच समय बिताने से तनाव कम महसूस होने की बात कई अध्ययनों में सामने आई है. मॉन्स्टेरा भी ऐसा ही पौधा है जो घर या ऑफिस के वातावरण को शांत और ताजगी भरा बनाता है. यह लाभ पौधे की उपस्थिति से जुड़ा है, न कि किसी औषधीय सेवन से.

मॉन्स्टेरा की पत्तियों और तने में कैल्शियम ऑक्सलेट क्रिस्टल पाए जाते हैं. यदि इन्हें चबाया या खाया जाए तो मुंह, गले और जीभ में तेज जलन हो सकती है. छोटे बच्चों और पालतू जानवरों को इससे दूर रखना चाहिए. किसी भी बीमारी के इलाज के लिए इसका सेवन स्वयं कभी न करें.

वैद्य विष्णु दत्त प्रजापति बताते हैं कि मॉन्स्टेरा एक खूबसूरत और लोकप्रिय सजावटी पौधा है. पारंपरिक वनस्पति ज्ञान में इसके कुछ सीमित उपयोगों का उल्लेख मिलता है, लेकिन आधुनिक चिकित्सा में इसे प्रमाणित औषधि नहीं माना जाता. और किसी भी औषधीय उपयोग से पहले योग्य आयुर्वेदाचार्य या चिकित्सक की सलाह अवश्य लें.

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August 30, 2026, 17:54 IST

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