राजस्थान के कई जिलों में खाद का संकट; लेकिन शेखावाटी में क्यों नहीं बढ़ी DAP की मांग?

Ground Report: राजस्थान के दौसा, बारां और सवाई माधोपुर सहित कई जिलों में खाद की कमी की खबरें सामने आ रही हैं. रबी की फसलों की बुवाई के बीच किसानों को डाय-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) खाद के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, प्रदेश के शेखावाटी क्षेत्र में फिलहाल स्थिति इससे अलग है. सीकर, झुंझुनूं और आसपास के इलाकों में अभी DAP की मांग में तेजी नहीं आई है. इसकी सबसे बड़ी वजह खेती का मौजूदा चरण है. यहां अधिकांश किसान अभी खरीफ की फसल की कटाई, उपज बेचने और रबी की बुवाई की तैयारी में जुटे हैं.
शेखावाटी क्षेत्र में गेहूं, सरसों और प्याज की खेती बड़े पैमाने पर होती है. यहां किसान मौसम, तापमान और खेतों में नमी की स्थिति को ध्यान में रखकर बुवाई करते हैं. एग्रीकल्चर एक्सपर्ट जेपी धायल के अनुसार, अभी क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में फसल की कटाई और उपज बेचने का दौर चल रहा है. गेहूं की बुवाई के लिए नवंबर का पहला सप्ताह अनुकूल माना जाता है. ऐसे में अभी बड़ी संख्या में किसान बुवाई शुरू करने की स्थिति में नहीं पहुंचे हैं. यही कारण है कि बाजार में DAP खाद की मांग फिलहाल सीमित बनी हुई है.
जिन खेतों में पानी, वहां शुरू हुई बुवाईहालांकि, शेखावाटी के सभी किसानों की स्थिति एक जैसी नहीं है. जिन किसानों के पास सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है और खेतों में बुवाई के अनुकूल परिस्थितियां हैं, उन्होंने रबी की फसलों की बुवाई शुरू कर दी है. ऐसे किसान बुवाई के दौरान जरूरत के अनुसार खाद का उपयोग भी कर रहे हैं. फिलहाल इन किसानों को उपलब्धता के आधार पर खाद मिल रही है. लेकिन बुवाई का दायरा बढ़ने के साथ खाद की मांग में भी तेजी आने की संभावना है.
अभी राहत, लेकिन सीजन में बढ़ सकती है परेशानी
शेखावाटी में फिलहाल DAP की बड़ी समस्या सामने नहीं आने का मतलब यह नहीं है कि पूरे सीजन में किसानों को खाद आसानी से मिलती रहेगी. भारतीय किसान यूनियन के सदस्य दिनेश जाखड़ का कहना है कि सीकर जिले में भी हर साल DAP की कमी की समस्या सामने आती है. बुवाई के मुख्य सीजन में मांग अचानक बढ़ने से यह परेशानी गंभीर हो जाती है.
बुवाई के दौरान किसानों को DAP की सबसे ज्याद जरूरत20 अक्टूबर के बाद सरसों और चने की बुवाई शुरू हो जाएगी. इसके अलावा नवंबर में गेहूं, जौ और प्याज की बुवाई शुरू होगी. इस दौरान किसानों को DAP की जरूरत पड़ेगी. समय पर खाद नहीं मिलने पर बुवाई के काम में देरी होने की आशंका रहती है. शेखावाटी में अभी खाद की मांग कम होने के पीछे खेती का समय प्रमुख वजह है. लेकिन नवंबर की शुरुआत से गेहूं सहित रबी की दूसरी फसलों की बुवाई तेज होने पर खाद की जरूरत भी बढ़ेगी.
विभाग ने कहा, अभी ज्यादा मांग नहींकृषि विभाग के अतिरिक्त संयुक्त निदेशक (कृषि) शिवजी राम कटारिया ने बताया कि फिलहाल विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में DAP का स्टॉक मौजूद है. किसानों को उनकी मांग के अनुसार DAP उपलब्ध करवाया जा रहा है. अगले महीने फसलों की बुवाई का समय शुरू होगा. ऐसे में राज्य सरकार ने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है. किसानों की मांग के अनुसार DAP का पूरा प्रबंध किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस बार किसानों को परेशान नहीं होना पड़ेगा.



