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राजस्थान के जेलों में ये क्या हो रहा? कहीं जेलर कैदी से साफ करा रही घर तो कहीं जेल में अफीम

Last Updated:October 09, 2026, 23:37 IST

Barmer Jail : बाड़मेर जेल में औचक तलाशी के दौरान दो मोबाइल और 70 ग्राम अफीम का दूध बरामद हुआ है. सामग्री पत्थर के नीचे छिपाई गई थी. कोतवाली पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. लिस ने बरामद सामग्री को जब्त कर लिया है. मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह सामग्री जेल के अंदर किसने रखी थी.

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Amazon Prime DayTop Deals Insideराजस्थान में ये क्या हो रहा? जेलर कैदी से साफ करा रही घर तो कहीं जेल में अफीमZoomबाड़मेर जेल में औचक तलाशी, पत्थर के नीचे मिले दो मोबाइल और 70 ग्राम अफीम का दूध

बाड़मेर. राजस्थान में ये क्या हो रहा है? एक तरफ अजमेर जेल की महिला जेलर महिला कैदियों को जेल से निकालकर अपना निजी आवास साफ करवा रही हैं तो वहीं बाड़मेर जेल में पुलिस की औचक तलाशी के दौरान दो मोबाइल फोन और 70 ग्राम अफीम का दूध मिल रहा है. ऐसी स्थिति बनती जा रही है कि सवाल उठना लाजमी है. गजब बात यह है कि जेल में जब तलाशी हुई तब यह एक पत्थर के नीचे छिपाकर रखी मिली. इस बरामदगी के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. आखिर जेल के अंदर मोबाइल और नशे की सामग्री कैसे पहुंची, यह जांच का बड़ा सवाल है.

जानकारी के अनुसार, बाड़मेर पुलिस ने जेल में औचक सर्च अभियान चलाया. इस दौरान जेल परिसर की तलाशी ली गई. तलाशी के दौरान एक पत्थर के नीचे छिपाकर रखे गए दो मोबाइल फोन और करीब 70 ग्राम अफीम का दूध मिला. पुलिस ने बरामद सामग्री को जब्त कर लिया है. मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह सामग्री जेल के अंदर किसने रखी थी और इसे वहां तक कैसे पहुंचाया गया.

जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालजेल में मोबाइल फोन और अफीम का दूध मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. जेल में बंद कैदियों की नियमित जांच और निगरानी की व्यवस्था रहती है. इसके बावजूद दो मोबाइल और नशे की सामग्री का जेल परिसर में मिलना गंभीर मामला माना जा रहा है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जेल के अंदर प्रतिबंधित सामग्री पहुंची कैसे. क्या इसे किसी बाहरी व्यक्ति ने अंदर पहुंचाया या जेल के भीतर ही किसी ने इसे छिपाकर रखा था? फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे.

जांच के दायरे में आ सकते हैं जेल के कार्मिकइस मामले में प्रभावी जांच होती है तो जेल में तैनात कार्मिकों और अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल हो सकती है. यह पता लगाना जरूरी होगा कि तलाशी और निगरानी के दौरान इस सामग्री पर पहले किसी की नजर क्यों नहीं पड़ी. फिलहाल पुलिस ने बरामदगी के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जांच में यह साफ होने की उम्मीद है कि मोबाइल फोन और अफीम का दूध किसके थे और इन्हें जेल परिसर में किस मकसद से रखा गया था. बरामदगी ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…

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Barmer,Barmer,Rajasthan

First Published :

October 09, 2026, 23:37 IST

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