पहले भी हो चुके हैं धमाके और ट्रेन पलटाने की कोशिश, राजस्थान में रेलवे ट्रैक को कब-कब बनाया निशाना

राजस्थान में रेलवे ट्रैक और पुलों को निशाना बनाने की घटनाएं एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं. भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास अनूपगढ़ से सूरतगढ़ जाने वाली रेलवे लाइन पर 50 जीबी गांव के पास मंगलवार, 3 नवंबर को हुए भीषण विस्फोट ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. लेकिन राजस्थान में इस तरह की यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी रेलवे ट्रैक पर विस्फोट और ट्रेनों को नुकसान पहुंचाने की कोशिशें हो चुकी हैं.
कुछ साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेवाड़ दौरे से पहले उदयपुर-अहमदाबाद रेलवे लाइन पर बने पुल को विस्फोट से उड़ाने की कोशिश की गई थी. वहीं, अजमेर में भी बदमाशों ने मालगाड़ी को पटरी से उतारने की साजिश रची थी. इन घटनाओं ने रेलवे सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े किए. आइए जानते हैं राजस्थान में रेलवे ट्रैक को निशाना बनाने की घटनाएं कब-कब हुईं.
उदयपुर-अहमदाबाद रेलवे पुल पर धमाका
राजस्थान में रेलवे ट्रैक पर विस्फोट की बड़ी घटना 12 नवंबर 2022 की रात उदयपुर-अहमदाबाद रेलवे लाइन पर हुई थी. अज्ञात लोगों ने रेलवे पुल पर विस्फोट कर दिया, जिससे पटरी कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गई. मौके से बारूद भी बरामद हुआ था. शुरुआती जांच में पुल को उड़ाने और रेलवे लाइन को नुकसान पहुंचाने की साजिश सामने आई.
हैरानी की बात यह थी कि धमाके से करीब चार घंटे पहले ही इस ट्रैक से ट्रेन गुजरी थी. घटना के बाद अहमदाबाद से उदयपुर आ रही ट्रेन को डूंगरपुर में रोकना पड़ा. पुल पर रेलवे लाइन के नट-बोल्ट भी गायब मिले थे.
तत्कालीन जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा ने डेटोनेटर के जरिए पुल को उड़ाने की साजिश की आशंका जताई थी. उदयपुर के तत्कालीन एसपी विकास शर्मा के मुताबिक, शुरुआती जांच में धमाका सुनियोजित लग रहा था. बम स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए. राजस्थान पुलिस की एटीएस भी जांच में शामिल हुई.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2022 को ही इस रेलवे लाइन का लोकार्पण किया था. घटना के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि एटीएस, एनआईए और रेलवे पुलिस मामले की जांच कर रही हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.
पटरी पर सीमेंट के ब्लॉक रखकर मालगाड़ी पलटाने की कोशिश
इसके बाद 8 सितंबर 2024 को अजमेर जिले में ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश का मामला सामने आया. बदमाशों ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर पटरी के बीच सीमेंट के दो ब्लॉक रख दिए. यह घटना फुलेरा-अहमदाबाद ट्रैक पर सरधना और बांगड़ स्टेशन के बीच हुई. इसी दौरान वहां से गुजर रही मालगाड़ी सीमेंट के ब्लॉक से टकरा गई. हालांकि, इस घटना में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ. रेलवे अधिकारियों ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.
अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे लाइन पर भीषण विस्फोट
अब मंगलवार, 3 नवंबर को भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास अनूपगढ़ से सूरतगढ़ जाने वाली रेलवे लाइन पर 50 जीबी गांव के नजदीक भीषण विस्फोट हुआ. इस घटना ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं. इस घटना के कारणों और इसके पीछे किसी साजिश की आशंका को लेकर जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
लगातार सामने आई इन घटनाओं ने रेलवे ट्रैक और पुलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. अब जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि इन घटनाओं के पीछे क्या वजह थी और कहीं इनके बीच कोई संबंध तो नहीं है.
फुलेरा जयपुर इंटरसिटी पर हमला
26 अक्टूबर की शाम फुलेरा रेलवे स्टेशन से रवाना हुई जयपुर इंटरसिटी ट्रेन के डी-8 कोच पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने पत्थर फेंक दिया था. पत्थर की टक्कर से खिड़की का कांच टूट गया और उसके टुकड़ों के बीच पत्थर अंदर बैठे यात्री के सिर पर जा लगा. चलती ट्रेन में इस तरह पत्थर फेंके जाने से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. फिलहाल पत्थर फेंकने वाले व्यक्ति की पहचान और घटना के कारणों की जानकारी सामने नहीं आई है.



