Rajasthan

सरकारी अस्पताल से नशीली दवाओं की चोरी, निजी क्लिनिक में नर्सिंग ऑफिसर गिरफ्तार; कचरे में मिलीं जीवनरक्षक दवाएं

Last Updated:October 11, 2026, 13:07 IST

Tonk News: राजस्थान के टोंक जिले के सबसे बड़े सरकारी सआदत अस्पताल में भारी लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. यहां प्रतिबंधित नशीली और जीवनरक्षक दवाओं की खुलेआम चोरी हो रही है. पुलिस की डीएसटी टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक निजी क्लिनिक से एक नर्सिंग ऑफिसर को भारी मात्रा में सरकारी दवाओं के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. वहीं अस्पताल के स्टोर के बाहर दवाएं कचरे की तरह पड़ी हैं. मामले में पीएमओ प्रतीक सालोदिया ने गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया है कि उन्हें इसकी जानकारी सोशल मीडिया से मिली है.

ख़बरें फटाफट

Amazon Prime DayTop Deals InsideTonk News: टोंक अस्पताल में नशीली दवाओं की चोरी, पीएमओ बेखबरZoomTonk Hospital News: टोंक अस्पताल में नशीली दवाओं की चोरी, पीएमओ बेखबर

टोंक: राजस्थान के टोंक जिले के सबसे बड़े सरकारी सआदत अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था और प्रशासन की घोर लापरवाही का एक बहुत बड़ा मामला सामने आया है. यहां गरीबों और जरूरतमंद मरीजों के लिए आने वाली सरकारी जीवनरक्षक दवाएं कचरे के ढेर में पड़ी हुई हैं. वहीं दूसरी ओर, अस्पताल के भीतर से प्रतिबंधित नशीली दवाओं की खुलेआम चोरी और उनका कालाबाजारी का खेल चल रहा है. इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और अस्पताल प्रशासन की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

प्रतिबंधित नशीली दवाओं की चोरी और उनके अवैध कारोबार की गुप्त सूचना मिलने पर जिला विशेष टीम (DST) ने एक बड़ी और छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया. डीएसटी की टीम ने एक निजी क्लिनिक पर छापा मारकर वहां से एक सरकारी नर्सिंग ऑफिसर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. हैरान करने वाली बात यह है कि इस आरोपी नर्सिंग ऑफिसर के पास से भारी मात्रा में सरकारी सप्लाई की जीवनरक्षक दवाएं और प्रतिबंधित नशीली दवाओं का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है. यह दवाएं केवल सरकारी अस्पतालों में गंभीर मरीजों के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाती हैं.

रेड के दौरान नहीं पहुंचा कोई चिकित्सा अधिकारीइस पूरी छापामार कार्रवाई के दौरान सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि इतनी बड़ी रेड और दवाओं की बरामदगी के बावजूद अस्पताल का कोई भी जिम्मेदार चिकित्सा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा. इस बात से यह बड़ा अंदेशा लगाया जा रहा है कि क्या इस पूरे गोरखधंधे और नशीली दवाओं की तस्करी के इस बड़े रैकेट में अस्पताल के बड़े अधिकारियों की भी मिलीभगत है. सरकारी सप्लाई की ये नशीली दवाएं बिना किसी बड़े अधिकारी की शह के अस्पताल के स्टोर से एक निजी क्लिनिक तक कैसे पहुंच गईं, यह अब जांच का एक बहुत बड़ा विषय बन गया है.

कचरे में दवाएं और पीएमओ का गैर-जिम्मेदाराना बयानजहां एक तरफ अस्पताल से महंगी और नशीली दवाएं चोरी हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ अस्पताल के स्टोर के बाहर जीवनरक्षक दवाएं बिना किसी सुरक्षा के लावारिस हालत में कचरे के ढेर की तरह खुले में पड़ी हुई हैं. इस महा-लापरवाही और भ्रष्टाचार को लेकर जब अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) प्रतीक सालोदिया से सवाल किया गया, तो उनका जवाब बेहद चौंकाने वाला और गैर-जिम्मेदाराना था. पीएमओ ने पूरे मामले से अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उन्हें इस इतनी बड़ी दवा चोरी की जानकारी खुद नहीं थी, बल्कि यह बात उन्हें सोशल मीडिया के जरिए पता चली है. उन्होंने केवल इतना कहा कि वे अब बैच नंबर की जांच करवाकर यह पता लगाएंगे कि ये दवाएं उनके अस्पताल की हैं भी या नहीं. उनके इस बेतुके बयान ने अस्पताल प्रशासन की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

आगे की कार्रवाई पर टिकी निगाहेंअब पूरे शहर और जिले के लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि रंगे हाथों पकड़े गए इस नर्सिंग ऑफिसर की गिरफ्तारी के बाद क्या पुलिस और प्रशासन इस रैकेट की तह तक पहुंच पाएंगे. मरीजों के हक की जीवनरक्षक दवाएं कचरे में फेंकी जा रही हैं और नशीली दवाओं का काला कारोबार अस्पताल की नाक के नीचे चल रहा था. अब देखना यह होगा कि इस महा-लापरवाही और भ्रष्टाचार के खेल में शामिल अस्पताल के अन्य बड़े चेहरों पर भी कोई सख्त कार्रवाई होती है या नहीं.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

और पढ़ेंLocation :

Tonk,Tonk,Rajasthan

First Published :

October 11, 2026, 13:07 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj