सिर्फ दूध-दही से ही नहीं मिलता कैल्शियम! ये चीजें डाइट में शामिल कर हड्डियों को दें मजबूती

शरीर की ग्रोथ के लिए पोषण की बहुत जरूरत होती है. आज हम बात करेंगे कैल्शियम कि, जो आपके हड्डियों और दांतों को मजबूत करती है. जब भी इसकी कमी पूरी करने की बात आती है, तो सबसे पहले दूध और दही का नाम आता है. लेकिन अगर आप डेयरी प्रोडक्ट्स कम खाते हैं या अपनी डाइट में अलग-अलग तरह के फूड्स शामिल करना चाहते हैं, तो कैल्शियम के कई दूसरे अच्छे स्रोत भी मौजूद हैं. हरी सब्जियों, तिल, रागी, सोया और कुछ मछलियों से भी डाइट में कैल्शियम लिया जा सकता है.
शरीर को कितने कैल्शियम की जरूरत होती है?
हेल्थलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, कैल्शियम की जरूरत उम्र और जीवन के अलग-अलग चरणों के हिसाब से बदलती है. वयस्कों के लिए रोजाना करीब 1,000 मिलीग्राम कैल्शियम की जरूरत मानी जाती है. वहीं 51 साल से अधिक उम्र की महिलाओं और 71 साल से अधिक उम्र के पुरुषों में यह जरूरत करीब 1,200 मिलीग्राम प्रतिदिन हो सकती है. बच्चों और किशोरों को भी हड्डियों के विकास के दौरान पर्याप्त कैल्शियम की जरूरत होती है. हालांकि, सिर्फ कैल्शियम खाना ही पर्याप्त नहीं है. शरीर में कैल्शियम के बेहतर इस्तेमाल के लिए विटामिन D भी जरूरी होता है.
रागी है कैल्शियम का अच्छा स्रोत
रागी यानी फिंगर मिलेट को कैल्शियम से भरपूर अनाजों में गिना जाता है. इसे रोटी, डोसा, चीला, दलिया या रागी की खिचड़ी के रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है. जो लोग डेयरी कम लेते हैं, उनके लिए रागी रोजमर्रा की डाइट में कैल्शियम बढ़ाने का एक विकल्प हो सकता है.
तिल को डाइट में करें शामिल
सफेद और काले तिल भी कैल्शियम प्रदान करते हैं. इन्हें चटनी, लड्डू, सलाद या सब्जियों पर गार्निश के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि तिल को बहुत ज्यादा मात्रा में खाने के बजाय संतुलित मात्रा में डाइट का हिस्सा बनाना बेहतर है, क्योंकि इनमें कैलोरी और फैट भी पर्याप्त होता है.
सोया और टोफू भी हैं विकल्प
सोया से बने खाद्य पदार्थ जैसे टोफू और सोया मिल्क कैल्शियम पाने के अच्छे विकल्प हो सकते हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो डेयरी प्रोडक्ट्स नहीं लेते. हालांकि सभी सोया प्रोडक्ट्स में कैल्शियम की मात्रा एक जैसी नहीं होती. इसलिए पैक्ड प्रोडक्ट खरीदते समय Nutrition Facts जरूर देखें.
हरी पत्तेदार सब्जियां
केल, बोक चॉय, ब्रोकली और कुछ अन्य हरी सब्जियों से भी कैल्शियम मिलता है. भारतीय खाने में सरसों का साग और दूसरी हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करके डाइट को ज्यादा पौष्टिक बनाया जा सकता है. हालांकि पालक में कैल्शियम मौजूद होने के बावजूद उसमें ऑक्सालेट की मात्रा अधिक होती है, जो कैल्शियम के अवशोषण को कम कर सकती है.
मछली और दूसरे विकल्प
कुछ छोटी मछलियां जिन्हें हड्डियों सहित खाया जाता है, कैल्शियम का अच्छा स्रोत हो सकती हैं. इसके अलावा बादाम और कैल्शियम से फोर्टिफाइड कुछ प्लांट-बेस्ड मिल्क भी विकल्प हो सकते हैं.
कैल्शियम के साथ विटामिन D भी जरूरी
कैल्शियम शरीर के लिए सिर्फ हड्डियों को मजबूत रखने के लिए ही जरूरी नहीं है. यह मांसपेशियों के काम, नसों के सामान्य संचालन और कई शारीरिक प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है. इसलिए रोजाना की डाइट में कैल्शियम वाले अलग-अलग फूड्स शामिल करना बेहतर है. अगर किसी व्यक्ति को कैल्शियम की कमी है या डॉक्टर ने सप्लीमेंट लेने की सलाह दी है, तो अपनी मर्जी से हाई-डोज कैल्शियम सप्लीमेंट शुरू करने के बजाय डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर है.



