सोलर कंपनियों से करोड़ों की वसूली का खेल, जांच के घेरे में 2 IPS-1 IAS समेत 7 अफसर

बीकानेर. राजस्थान के बीकानेर में सोलर कंपनियों से कथित तौर पर करोड़ों रुपये की वसूली और पुलिस-खेजड़ी माफिया की मिलीभगत से जुड़े मामले ने प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल बढ़ा दी है. गोपनीय शिकायत के आधार पर सरकार ने मामले की जांच शुरू करवाई है. शिकायत में सोलर कंपनियों से कथित वसूली, खेजड़ी से जुड़े मामलों में दबाव और पुलिस अधिकारियों की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. मामले में पूगल थाने के पूर्व सीआई पवन सिंह का नाम भी सामने आया है. आरोप है कि उनके भाई की कंपनी से करीब 40 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ.
इसके अलावा शिकायत में दो आईपीएस, एक आईएएस और चार आरपीएस अधिकारियों के नाम भी मामले से जुड़े होने का दावा किया गया है. आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने जांच की जिम्मेदारी एडीजी सतर्कता को सौंपी है. फिलहाल जांच एजेंसी शिकायत में लगाए गए आरोपों, कथित वित्तीय लेनदेन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है. हालांकि जांच पूरी होने से पहले किसी भी अधिकारी या व्यक्ति की भूमिका को दोषसिद्ध नहीं माना जा सकता.
गोपनीय शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
बताया जा रहा है कि सरकार को एक गोपनीय शिकायत मिली थी, जिसमें बीकानेर क्षेत्र में सोलर कंपनियों से कथित तौर पर करोड़ों रुपये की वसूली किए जाने के आरोप लगाए गए. शिकायत में पुलिस और खेजड़ी माफिया के बीच कथित मिलीभगत का भी उल्लेख किया गया. आरोप है कि सोलर परियोजनाओं से जुड़े मामलों में कंपनियों पर दबाव बनाया गया और कथित तौर पर आर्थिक लेनदेन किए गए. शिकायत सामने आने के बाद सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच के निर्देश दिए. अब एडीजी सतर्कता पूरे मामले की जांच कर रहे हैं.
पूर्व सीआई पवन सिंह पर भी आरोप
मामले में पूगल थाने के पूर्व सीआई पवन सिंह का नाम भी सामने आया है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनके भाई की कंपनी से करीब 40 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ. इस कथित लेनदेन को लेकर भी जांच की जा रही है. जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि लेनदेन की वास्तविक प्रकृति क्या थी और इसका सोलर कंपनियों से जुड़े आरोपों से कोई संबंध था या नहीं.
2 IPS, 1 IAS और 4 RPS के नाम भी आए सामने
शिकायत में दो आईपीएस, एक आईएएस और चार आरपीएस अधिकारियों के नाम भी मामले से जुड़े होने की बात सामने आई है. हालांकि इन अधिकारियों की भूमिका को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है. जांच के दौरान अधिकारियों की भूमिका, सरकारी कार्रवाई और कथित आर्थिक लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है.
एडीजी सतर्कता कर रहे हैं जांच
मामले की जांच एडीजी सतर्कता की निगरानी में चल रही है. जांच में कथित वसूली, सोलर कंपनियों से जुड़े वित्तीय लेनदेन, खेजड़ी से जुड़े मामलों और पुलिस अधिकारियों की भूमिका समेत विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है. अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदारी तय हो सकेगी. फिलहाल मामला जांच के स्तर पर है.



