10 विकेट… कुलदीप यादव की फिरकी का चला जादू, हेड कोच गौतम गंभीर को भेजा मैसेज

होमखेलक्रिकेट
10 विकेट… कुलदीप यादव की फिरकी का चला जादू, कोच गंभीर को भेजा मैसेज
Last Updated:September 11, 2026, 00:03 IST
Kuldeep Yadav 10 wicket haul: चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव ने काउंटी चैंपियनशिप में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए यॉर्कशर को एसेक्स पर पारी और 106 रनों से ऐतिहासिक जीत दिलाई. कुलदीप ने मैच में 120 रन देकर 10 विकेट (4/70 और 6/50) झटके, जो उनके प्रथम श्रेणी करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. बल्ले से भी 36 रनों का योगदान देने वाले कुलदीप ने हेडिंग्ले की तेज पिच और परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाकर तीसरे ही दिन मैच खत्म कर दिया.कुलदीप यादव ने एक मैच में लिए 10 विकेट.
नई दिल्ली. कुलदीप यादव की फिरकी का ऐसा जादू चला कि एसेक्स की पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई. काउंटी चैंपियनशिप के एक बेहद रोमांचक और एकतरफा मुकाबले में यॉर्कशर ने एसेक्स को पारी और 106 रनों के विशाल अंतर से पराजित किया. इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े हीरो रहे बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव, जिन्होंने दोनों पारियों को मिलाकर कुल 10 विकेट झटके और अपनी टीम को तीसरे ही दिन एक यादगार जीत दिला दी. क्या इस शानदार प्रदर्शन के दम पर कुलदीप की टीम इंडिया में वापसी होगी ? यह सवाल सभी के मन में हैं.
कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) ने मैच की पहली पारी में अपनी घातक गेंदबाजी से एसेक्स (Essex) के बल्लेबाजों को लगातार छकाया और 70 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए. इसके बाद जब यॉर्कशर ने मैच पर पकड़ मजबूत की, तो दूसरी पारी में कुलदीप का विकराल रूप देखने को मिला. उन्होंने एसेक्स के बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करते हुए महज 50 रन देकर 6 बल्लेबाजों का शिकार किया. मैच में कुल 120 रन देकर 10 विकेट (10/120) का यह प्रदर्शन कुलदीप यादव के प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ मैच आंकड़ा बन गया है. उनकी इस अचूक फिरकी के सामने एसेक्स की पूरी टीम बेबस नजर आई.
कुलदीप यादव ने एक मैच में लिए 10 विकेट.
बल्लेबाजी में भी दिखाया दम, यॉर्कशर ने खड़ा किया विशाल स्कोरटॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी यॉर्कशर की टीम ने पहली पारी में 390 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया. इस विशाल स्कोर में न केवल शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने योगदान दिया, बल्कि निचले क्रम में कुलदीप यादव ने भी बल्ले से शानदार जुझारूपन दिखाया. कुलदीप ने 94 गेंदों का धैर्यपूर्वक सामना करते हुए 36 रनों की एक बेहद कीमती पारी खेली. उन्होंने मैदान पर टिककर दूसरे छोर के बल्लेबाजों का बेहतरीन साथ दिया, जिससे यॉर्कशर अपनी पहली पारी में एसेक्स पर एक विशाल बढ़त बनाने में कामयाब रहा.
एसेक्स का सरेंडर, तीसरे ही दिन खत्म हुआ मुकाबलायॉर्कशर के 390 रनों के जवाब में एसेक्स की पहली पारी केवल 171 रनों पर ही सिमट गई. यॉर्कशर के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही शिकंजा कसे रखा और एसेक्स को संभलने का कोई मौका नहीं दिया. पहली पारी के आधार पर बड़ी बढ़त हासिल करने के बाद यॉर्कशर ने एसेक्स को फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर किया.दूसरी पारी में एसेक्स की हालत और भी खराब रही. कुलदीप यादव की स्पिन और उछाल का जवाब एसेक्स के किसी भी बल्लेबाज के पास नहीं था. पूरी टीम दूसरी पारी में महज 113 रनों पर ढेर हो गई और यॉर्कशर ने तीसरे ही दिन मुकाबला अपने नाम कर लिया.
हेडिंग्ले की पिच का मिला फायदा: कुलदीप यादवमैच के बाद ‘यॉर्कशर क्रिकेट टीवी’ से खास बातचीत करते हुए कुलदीप यादव ने लीजेंडरी हेडिंग्ले मैदान की पिच और वहां की परिस्थितियों की जमकर तारीफ की. उन्होंने बताया कि भारतीय पिचों के मुकाबले इंग्लैंड में गेंदबाजी करने का अनुभव काफी अलग और मजेदार रहा. कुलदीप ने कहा, ‘हेडिंग्ले की विकेट पर गेंदबाजी करने में बहुत मजा आया. यहां आपको गेंद में बहुत ज्यादा रफ्तार डालने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि पिच में खुद ही प्राकृतिक गति होती है. टप्पा खाने के बाद गेंद तेजी से निकलती है, बस आपको सही दिशा में गेंद को ज्यादा से ज्यादा स्पिन कराना होता है. यही मेरी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी रही.’
भारतीय और इंग्लिश परिस्थितियों का अंतरअपनी गेंदबाजी रणनीति पर बात करते हुए कुलदीप ने भारत और इंग्लैंड की पिचों का अंतर समझाते हुए कहा, ‘अगर आप इसे भारतीय परिस्थितियों से तुलना करें, तो यह बिल्कुल अलग है. भारत में पिचों पर टर्न ज्यादा मिलता है, लेकिन पिचें धीमी होती हैं. इससे बल्लेबाजों को बैकफुट पर जाकर तालमेल बिठाने और शॉट खेलने का समय मिल जाता है. लेकिन यहां हेडिंग्ले में पिच में तेजी होने की वजह से अगर बल्लेबाज बैकफुट पर खेलने की कोशिश करते हैं, तो वे पूरी तरह फंस जाते हैं. उन्हें मजबूरन फ्रंटफुट पर ही आना पड़ता है. जब बल्लेबाज फ्रंटफुट पर खेलने के लिए विवश होता है, तो आपके पास उन्हें स्लिप, विकेटकीपर के हाथों कैच कराने या शॉर्ट-लेग पर फंसाने का सबसे बेहतरीन मौका होता है.’
About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर
कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…
और पढ़ेंLocation :
New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
September 10, 2026, 23:53 IST



