108 ब्रिटिशकालीन बाइकों का अनोखा म्यूजियम, 3 सोने और एक चांदी की, अमेरिकन की है इस पर नजर

उदयपुर. धनतेरस पर लोग सोना-चांदी खरीदते हैं, लेकिन उदयपुर में एक शख्स ने सोने-चांदी को मोटरसाइकिलों का रूप देकर ऐसा अनूठा संग्रह तैयार किया है. इसकी कीमत करीब 5000 करोड़ रुपये आंकी जा रही है. इस म्यूजियम में 108 ब्रिटिशकालीन मोटरसाइकिलें हैं. इनमें तीन बाइक 24 कैरेट सोने से और एक बाइक 999 शुद्ध चांदी से तैयार की गई है. दावा है कि इन चारों बाइकों में 100 किलो से ज्यादा सोना-चांदी इस्तेमाल हुआ है.
इस बेशकीमती संग्रह की चर्चा अब विदेशों तक पहुंच गई है. बताया जा रहा है कि अमेरिका के कई कैसीनो संचालक पूरे म्यूजियम को खरीदने में दिलचस्पी दिखा चुके हैं. हालांकि, इन चार खास बाइकों की तस्वीरें और वीडियो आज तक सबके सामने नहीं किए गए हैं. इन्हें बेहद सुरक्षित स्ट्रांग रूम में रखा गया है.
15 साल की उम्र में शुरू हुआ जुनून
उदयपुर के रवि कंधारी का मोटरसाइकिलों के प्रति जुनून करीब 45 साल पुराना है. महज 15 साल की उम्र में शुरू हुआ यह शौक आज एक अनमोल विरासत बन चुका है. उनके पास 108 ब्रिटिशकालीन मोटरसाइकिलों का खजाना है. इसी अनूठे शौक के चलते उन्हें ‘बाइक किंग ऑफ इंडिया’ के नाम से भी जाना जाता है.
इस संग्रह की खास बात यह है कि इसमें कई ऐसी मोटरसाइकिलें भी शामिल हैं, जिन्हें कभी कबाड़ समझकर छोड़ दिया गया था. रवि कंधारी ने इन बाइकों को अलग-अलग जगहों से तलाशा, इनके पुराने पुर्जे जुटाए और सालों की मेहनत से इन्हें फिर से तैयार किया. कुछ बाइकों के पुर्जे जुटाने के लिए दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचना पड़ा. किसी बाइक को नया रूप देने में महीनों लगे तो किसी पर सालों तक काम करना पड़ा.
सोने की तीन और चांदी की एक बाइक
इस म्यूजियम का सबसे बड़ा आकर्षण चार बेहद खास मोटरसाइकिलें हैं. इनमें तीन बाइक 24 कैरेट सोने से और एक बाइक 999 शुद्ध चांदी से तैयार की गई है. म्यूजियम से जुड़े दावे के मुताबिक, इन चारों बाइकों में 100 किलो से ज्यादा सोना और चांदी इस्तेमाल किया गया है.
इनकी बेशकीमती धातुओं और सुरक्षा को देखते हुए इन्हें आम लोगों की पहुंच से दूर रखा गया है. चारों बाइकों को विशेष सुरक्षा वाले स्ट्रांग रूम में रखा गया है. खास बात यह है कि इनकी तस्वीरें और वीडियो भी अब तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं.
अमेरिकी कैसीनो संचालक खरीदना चाहते हैं पूरा म्यूजियम
108 ब्रिटिशकालीन मोटरसाइकिलों का यह संग्रह अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है. बताया जा रहा है कि अमेरिका के कई कैसीनो संचालकों ने इस पूरे म्यूजियम को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है. संग्रह की अनुमानित कीमत करीब 5,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
हालांकि, रवि कंधारी के लिए यह केवल करोड़ों की संपत्ति नहीं है. यह 45 साल की मेहनत, लगन और जुनून का नतीजा है. संग्रह में शामिल हर बाइक का अपना अलग इतिहास, ब्रांड और डिजाइन है. कुछ मोटरसाइकिलें खास नंबरों की वजह से भी आकर्षण का केंद्र हैं. इन्हें एक जगह जुटाने और दोबारा तैयार करने में लंबा समय लगा है.
धनतेरस पर सोने-चांदी की अनोखी विरासत
धनतेरस पर जहां लोग सोना-चांदी खरीदकर त्योहार मनाते हैं, वहीं उदयपुर के रवि कंधारी ने इन कीमती धातुओं को मोटरसाइकिलों के रूप में एक अनोखी विरासत में बदल दिया. 108 ब्रिटिशकालीन बाइकों का यह संग्रह सिर्फ एक शौक नहीं, बल्कि चार दशक से ज्यादा की मेहनत और जुनून की कहानी है. यही वजह है कि उदयपुर का यह बाइक म्यूजियम लोगों के लिए खास आकर्षण बना हुआ है.



